[gtranslate]
world

बंद नहीं हुए नरक के दरवाजे, दशकों से अन्याय सह रहे कैदी

अमेरिका में एक ऐसी खौफनाक जेल है जहां मानवाधिकारों के कोई मायने नहीं। कैदियों पर यहां ऐसे जुल्म होते हैं कि देखने वालों की रूह कांप जाए

जेल की सजा कोई नहीं काटना चाहता। जेल को किसी नरक से कम नहीं माना जाता है। आज हम आपको दुनिया की एक ऐसी ही खतरनाक जेल के बारे में बताएंगे। दुनिया की वो जेल जहां पर कैदियों को ऐसी हालत में रखा जाता है कि उनकी जिंदगी भी मौत की गुहार लगाती है। इस जेल में कैदियों पर ऐसे जुल्म होते हैं कि सुनकर अंदर तक हिल जाएंगे आप।

अमेरिका की यह बेहद डरावनी जेल ग्वांतनामो की है। दुनियाभर में यह जेल इस वक्त काफी चर्चा में हैं। पहले भी यह जेल चर्चाओं में रही है। कैदियों पर यहां बर्बरता की हदें पार कर दी जाती है। मानवाधिकार के यहां कोई मायने नहीं हैं। जेल में निर्ममता के दृश्य आपको रोने पर विवश कर देंगे।

अमेरिका के माथे पर कलंक

राॅयटर्स एजेंसी के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन अब इस नारकीय जेल पर ताला लगाने की तैयारी में है। लेकिन इससे पहले जेल की एक बार समीक्षा की जाएगी। जिसके बाद ही इस पर कुछ महीनों बाद कोई विचार किया जाएगा। संभव है समीक्षा के कुछ ही महीनों बाद इस जेल पर ताला देखने को मिले। गौरतलब है कि अमेरिकी चुनाव के दौरान बाइडेन ने इस खतरनाक जेल को बंद करने का विचार व्यक्त किया था।

दुनिया में मानवाधिकारों को लेकर अक्सर प्रदर्शन देखने को मिल जाते हैं। हाल के दिनों में म्यामांर में मानवाधिकार कार्यकर्ता सक्रिय रहे हैं। अमेरिका की इस जेल को लेकर भी एक्टिविस्ट चिंता में हैं और वह अमेरिका के माथे पर इसे कलंक करार भी देते आए हैं।

कहा जाता है कि इस जेल में अमेरिकी कैदी ही नहीं बल्कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के भी कई आतंकी कैद हैं। यहां अभी तक करीब 40 खूंखार अपराधी भी मौत से लड़ रहे हैं। ग्वांतनामो बे जेल को न्यूयाॅर्क के 9/11(11 सितंबर, 2001) आतंकी हमले के बाद खोला गया था। खुलते ही यह जेल एक यातना केंद्र के रूप में उभर कर सामने आई। यहां ड्रेस कोड भी अनिवार्य है। यहां कैदियों की पहचान नारंगी पोशाक को माना जाता है।

हर कैदी पर साल भर में 5 करोड़ रुपए खर्च

ग्वांतनामो बे जेल को दुनिया की सबसे महंगी और सबसे खतरनाक जेल माना जाता है। इस जेल में उन कैदियों को लाया जाता है जिन पर जेनेवा सम्मेलन के नियम या अमेरिकी कानून लागू नहीं होते हैं। अमेरिका ने इस जेल को खोलने के लिए वर्ष 1930 में जमीन को लीज पर लिया था। वर्ष 2002 में अफगानिस्तान के छूटे तीन कैदियों ने इस जेल की खौफनाक सच्चाई का खुलासा किया था। उस समय में ग्वांतनामो बे जेल में तब 779 कैदियों को पिंजरेनुमा बाड़ों में बंद करके जानवरों की तरह रखा गया था। ग्वांतनामो बे जेल में वर्ष 2002 से कैदियों के साथ क्या होता आया है, किसी को कुछ पता नहीं था। कैदी के खुलासे के बाद इस जेल की कुछ तस्वीरें वायरल भी हुई थीं।

शुरुआत में जॉर्ज बुश प्रशासन के आखिरी दिनों में गुआंतानामो डिटेंशन सेंटर को बंद किए जाने योजना बनाई गई। कई बार बराक ओबामा ने भी इसे बंद कर देने का वादा किया। लेकिन पूर्व राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि गुआंतानामो चालू रहेगा।

बराक ओबामा द्वारा भी राष्ट्रपति बनने के बाद जेल को बंद कराने का प्रयास किया गया था। लेकिन वह सफल न हो सके। ज्यादातर सूचनाएं और गुप्त जानकारी इस जेल के बाहर ही नहीं आती हैं। यहां हर कैदी पर साल भर में 5 करोड़ रुपए खर्च किया जाता है। ग्वांतनामो बे जेल में सिर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि कैदियों को मानसिक रूप से भी यातनाएं दी जाती हैं। बिडेन सरकार के आने के बाद अब इस जेल को बंद करने के लिए एक कवायद शुरू हो गई है। राष्ट्रपति बनते ही बिडेन द्वारा भी कहा गया कि इसे बंद करने पर काम जारी है। परन्तु अब तक जमीन पर कोई नहीं हो पाया है। इसलिए ये जेल एक बार फिर से चर्चाओं में शामिल हो गई है।

 

You may also like

MERA DDDD DDD DD