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  •      प्रियंका यादव

 

भारत दौरे पर आईं बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की चार दिवसीय यात्रा कई मायने में उपयोगी और ऐतिहासिक मानी जा रही है। बांग्लादेश के अस्तित्व में आने के बाद से ही दोनों देशों के बीच संबंधों में उतार-चढ़ाव तो जरूर आए, लेकिन इस बीच द्विपक्षीय बैठक में कई अहम समझौतों पर हुए हस्ताक्षर को लेकर कहा जा रहा है कि दोनों देशों के गिले-शिकवे दूर होंगे

 

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की चार दिवसीय भारत यात्रा कई मायने में उपयोगी और ऐतिहासिक मानी जा रही है। बांग्लादेश के अस्तित्व में आने के बाद से ही दोनों देशों के बीच संबंधों में उतार-चढ़ाव तो जरूर आए, लेकिन दोनों एक-दूसरे के लिए महत्वपूर्ण बने रहें। भारत और बांग्लादेश के संबंध कभी भी चिंताजनक रूप से तनावपूर्ण नहीं रहे। दोनों देशों के बीच अलबत्ता परस्पर हितों और मुद्दों को लेकर समय- समय पर मतभेद जरूर पैदा होते रहे हैं। लेकिन इस बीच शेख हसीना के भारत दौरे से दोनों देशों के रिश्ते और भी प्रगाढ़ हुए हैं। इस द्विपक्षीय बैठक में दोनों के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। कहा जा रहा है कि इन समझौतों से दोनों ही देशों को लाभ होगा। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के दौरान नदी के पानी के बंटवारे से लेकर अंतरिक्ष तक के क्षेत्रों में सहयोग के लिए सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

भारत की यात्रा पर पहुंची बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग, संपर्क, ऊर्जा, जल संसाधन, व्यापार और निवेश, सीमा प्रबंधन आदि मुद्दों पर विस्तृत वार्ता की है। दोनों पड़ोसियों ने एक दूसरे के सहयोग और साझेदारी को और मजबूत करने पर बल दिया। शेख हसीना और पीएम मोदी के बीच हुई वार्ता में दोनों ने आतंकवाद व कट्टरवाद के खिलाफ सहयोग पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 1971 की भावना को जीवित रखने के लिए यह बहुत जरूरी है कि हम उन ताकतों का संयुक्त रूप से सामना करें जो हमारे आपसी विश्वास पर हमला करना चाहती हैं। बांग्लादेश भारत का सबसे बड़ा भागीदार है। जबकि हसीना ने कहा कि भारत उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण और निकटतम सहयोगी है। बांग्लादेश-भारत द्विपक्षीय संबंध पड़ोस की कूटनीति के लिए एक आदर्श के रूप में जाने जाते हैं। हसीना ने आशा जताई कि दोनों देश तीस्ता नदी के पानी के बंटवारे के मुद्दे को सुलझा लेंगे और दोस्ती की भावना में लंबित मुद्दों को मिलकर सुलझा लिया जाएगा। दरअसल, तीस्ता नदी के पानी का बंटवारा मुद्दा 2011 से लंबित है।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपनी इस यात्रा के पहले दिन कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर द्विपक्षी वार्ता की थीं। इस दौरान उनसे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मुलाकात की थी। दूसरे दिन शेख हसीना और पीएम नरेंद्र मोदी के बीच वार्ता हुई। इस दौरान सात महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इसके अलावा दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया गया। इस बैठक के बाद पीएम मोदी ने कहा कि बांग्लादेश पिछले कुछ वर्षों में भारत का सबसे बड़ा विकास साझेदार देश बन गया है। दोनों ही देशों के सांस्कृतिक संबंध प्रगाढ़ हुए हैं। वहीं हसीना ने भी आर्थिक विकास में बांग्लादेश का साथ देने के बहुआयामी प्रयासों के लिए भारत का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, ‘हमारा ध्यान दोनों देशों के नागरिकों के लिए प्रगतिशील भविष्य बनाने में मदद करना है, भारत के साथ हमारी सभी विदेशी
नीतिगत भागीदारी इसी लक्ष्य पर आधारित है। तीन साल के बाद बांग्लादेश की प्रधानमंत्री का यह पहला दौरा है। इस चार दिवसीय दौरे से पहले वह 2019 में भारत आ चुकी हैं।

बांग्लादेश और भारत के मध्य जल समझौता
दोनों देशों के बीच पहले भी पानी बंटवारा विवाद का विषय रहा है। गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी पश्चिम बंगाल और असम से बांग्लादेश में प्रवेश करती हैं। बांग्लादेश में इन नदियों को पद्मा और जमुना कहा जाता है। वहां की सैकड़ों नदियों का पानी इन नदियों में मिल जाता है। उत्तर-पश्चिमी बांग्लादेश के बड़े हिस्से में सिंचाई के लिए अहम तीस्ता नदी के पानी का इस्तेमाल विवाद का मुद्दा बना हुआ है। दोनों देशों के मध्य इसके समाधान को लेकर विचार किया जा रहा है। भारत की 54 नदियों और चार हजार किलोमीटर की सीमा के माध्यम से बांग्लादेश के साथ जुड़ा हुआ है। ये नदियां दोनों देशों के लिए आजीविका का साधन है। दोनों देशों को ही इन नदियों का लाभ बराबर रूप में मिल सके इसके लिए भी विचार- विमर्श किया गया है। दोनों देशों के बीच बाढ़ रोकने के लिए और अधिक सहयोग पर भी चर्चा की गई है। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने जल के
बंटवारे का जिक्र करते हुए कहा, हम दो पड़ोसी देश हैं और दोनों देशों के बीच बार-बार कुछ समस्याएं हो सकती हैं लेकिन हमने स्पष्ट चर्चा के जरिए कई मुद्दों को सुलझाकर एक उदाहरण पेश किया है। शेख हसीना के भारत यात्रा के दौरान बुनियादी ढांचे से संबंधित कई परियोजनाओं का उद्घाटन और घोषणा की गई हैं।

जल्द बिजली आपूर्ति करवाएगा भारत
ईंधन के बढ़ते दामों ने बांग्लादेश में बिजली समस्या उत्पन्न कर दी है। बांग्लादेश की इस समस्या का समाधान भी अब जल्द हो पाएगा। शेख हसीना का भारत दौरा राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर भी अहम माना जा रहा है। इसके अलावा हसीना ने भारत के बड़े व्यापरियों से अपने देश में निवेश करने की अपील की है। इसी के तहत गौतम अडानी ने बांग्लादेश को उसके बिजॉय दिबोश (विजय दिवस) के मौके यानी 16 दिसम्बर तक बिजली आपूर्ति करवाने का एलान किया है। इसकी जानकारी उन्होंने ट्वीट के जरिए दी है। उन्होंने अपने ट्वीटर पर लिखा कि झारखंड के गोड्डा पावर प्रोजेक्ट के तहत बिछाई जा रही ट्रांसमिशन लाइन का काम दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद अडानी समूह की कंपनी ‘अडानी पावर’ इस ट्रांसमिशन लाइन के जरिए झारखंड के गोड्डा पावर प्रोजेक्ट से बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (बीपीडीबी) को बिजली की सप्लाई कर शुरू कर दिया जाएगा। वहीं पीएम मोदी ने भी ट्वीट कर लिखा कि भारत-बांग्लादेश के बीच व्यापार तेजी से बढ़ रहा है। बिजली ट्रांसमिशन लाइनों पर भारत और बांग्लादेश के बीच बातचीत की जा रही है।

दोनों देशों के बीच बुनियादी ढांचे को दिया गया बढ़ावा
बांग्लादेश को चीन हथियार बना कर भारत के खिलाफ षड्यंत्र का प्रयास करता रहा है। बांग्लादेश में बुनियादी ढांचे को वित्तीय मदद देने और निर्माण परियोजनाएं शुरू करने की चीन की ताबड़तोड़ घोषणाओं से चिंतित भारत ने बांग्लादेश में परियोजनाओं को शुरू करने की ओर ध्यान दिया है। इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा रूपसा रेल रिज की भी सराहना की गई है। यह देश के दक्षिण में तैयार हो रहे मंगला बंदरगाह को बांग्लादेश के तीसरे सबसे बड़े शहर से जोड़ने के लिए बनाई जा रही रेल लाइन का हिस्सा है। इसकी रकम भारत द्वारा बांग्लादेश को दिए गए रियायती ऋण का हिस्सा है। इन परियोजनाओं की कुल लागत 38.9 करोड़ डॉलर है। बांग्लादेश चाहता है कि काम पूरा हो जाने के बाद बंदरगाह और इसे पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा से जोड़ने वाली अंतरराष्ट्रीय रेल लाइनों का इस्तेमाल भारतीय कंपनियां पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के दुर्गम क्षेत्रों में सीधी पहुंच के लिए भी किया जाए। साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा कहा गया है कि दोनों सरकारों ने सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा में सहयोग के स्तर को बढ़ाने का फैसला किया है जिसके केंद्र में दोनों देशों के युवा शामिल होंगे।

व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा
दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के रिश्ते और मजबूत करने के लिए साथ ही दोनों के बीच संपर्क बढ़ाने, व्यापारिक बुनियादी ढांचे का विस्तार करने के लिए सहमति बनी है। मौजूदा समय में बांग्लादेश निर्यात के लिए भारत एशिया का सबसे बड़ा बाजार है। इसे और बढ़ाने के लिए जल्द ही व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत शुरू जाएगी। अगस्त में व्यापक आर्थिक सहयोग तथा भागीदारी समझौते (सीईपीए) को शेख हसीना की मंजूरी मिलने के बाद से इस पर तेज गति से काम करना बांग्लादेश सरकार का प्रमुख नीतिगत लक्ष्य रहा है। इस सौदे से भारत को बांग्लादेशी निर्यात दोगुना होने और वहां के सकल घरेलू उत्पाद में 2 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद की जा रही है। संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मोदी द्वारा सीईपीए का उल्लेख इस बात का संकेत है कि भारत ने सीईपीए को प्राथमिकता देने का बांग्लादेश का अनुरोध स्वीकार कर लिया है।

इन समझौतों पर हुए हस्ताक्षर
1 भारत और बांग्लादेश द्वारा साझा सीमा नदी कुशियारा से पानी की निकासी पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

2 दोनों देशों ने समझौता किया कि भारत में बांग्लादेश रेलवे कर्मियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही बांग्लादेश रेलवे के लिए आईटी सिस्टम जैसे एफओआईएस और अन्य आईटी में सहयोग किया जाएगा।

3 बांग्लादेश के ज्यूडिशियल ऑफिसर्स की ट्रेनिंग भारत में कराई जाएगी। इसके लिए भारत के राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी और बांग्लादेश सुप्रीम कोर्ट के बीच समझौता हुआ।

4 भारत के सीएसआईआर और बांग्लादेश के सीएसआईआर ने समझौता किया कि दोनों देश वैज्ञानिक व तकनीकी सहायता में सहयोग करेंगे।

5 दोनों देशों ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग के लिए एमओयू पर साइन किए।

6 भारत सरकार की प्रसार भारती व बांग्लादेश टेलीविजन ने एमओयू साइन किया कि प्रसारण में सहयोग देंगे।

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