[gtranslate]
world

स्वेज नहर: फंसे विशालकाय जहाज को लहरों का सहारा, अमेरिका ने की मदद की पेशकश

मिस्र की स्वेज नहर में 23 मार्च मंगलवार से फंसा विशालकाय मालवाहक जहाज अब भी 25 भारतीय चालक दल के साथ वहीं फंसा हुआ है। हालांकि उस जहाज में सभी भारतीय सुरक्षित हैं परंतु जहाज की कंपनी का कहना है कि अब समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों के कम होने के बाद एक बार फिर से इसे निकालने की कोशिश की जा सकेगी। इसी बीच, अमेरिका ने भी अपनी ओर से मदद की पेशकश की है।

यह जलमार्ग है वैश्विक परिवहन के लिए अहम जलमार्ग

जापानी कंपनी शोइ किसेन केके का एक जहाज ‘द एवर गिवन’ स्वेज शहर के पास एक नहर में फंस गया था, जिसकी वजह से अभी भी अंतरराष्ट्रीय जहाजों का यातायात सुचारू नहीं हो पाया है। यह जलमार्ग वैश्विक परिवहन के लिए एक अहम जलमार्ग है। इससे पहले भी नहर का रास्ता खुलवाने के लिए किए गए सभी प्रयास नाकाम रहे। जहाज के एक तकनीकी प्रबंधक बर्नहार्ड शुल्त का कहना है कि पोत के अंदर से पानी बाहर निकालने तथा और नौकाओं को बुलाकर पोत को हटना की कोशिशें जारी हैं।

व्हाइट हाउस ने भी की मदद की पेशकश

एक अधिकारी ने बताया कि जब समुद्री लहरें (हाई टाइड) कम हो जाएंगी तो उनकी योजना दोबारा कोशिश करने की है। इसी बीच व्हाइट हाउस ने भी नहर खोलने के लिए मिस्र को मदद की पेशकश की है। इसके साथ ही राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि हमारे पास ऐसे उपकरण और क्षमताएं हैं जो अधिकतर देशों के पास नहीं हैं और हम देख रहे हैं कि हम क्या मदद कर सकते हैं और हमारी ओर से क्या मदद की जा सकती है।

जहाज का भार कम करने पर भी विचार

शोइ किसेन ने अपने एक बयान में कहा कि कंपनी ने जहाज का भार कम करने के लिए उसके कंटेनरों को हटाने पर विचार किया है परंतु यह बहुत ही मुश्किल अभियान है। लेकिन अगर जहाज को बाहर निकालने की सभी कोशिशें विफल हो जाती है तो वह इस विकल्प पर भी विचार किया जा सकता है।

जहाज के फंसने से हुआ अरबों का नुकसान

पूरी दुनिया में व्यापार का सबसे बड़ा आधार है जलमार्ग। तीन दिनों से इस जहाज को निकालने की कोशिश जारी है परंतु पीछे से आने वाले जहाजों की लाइन बनती ही जा रही है। एक अनुमान के मुताबिक वैश्विक व्यापार को हर घंटे 29 अरब रुपये का नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। जहाजों को भी लंबा रास्ता चुनना पड़ रहा है और उन्हें पांच से छह दिन ज्यादा समय यात्रा के लिए देना पड़ रहा है।

You may also like

MERA DDDD DDD DD