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कोरोना के नए स्ट्रेन से फ्रांस बुरी तरह प्रभावित, फिर लगा लॉकडाउन

दुनियाभर में कोरोना के कारण उथल-पुथल मची हुई है। हालांकि कुछ देशों में कोरोना केस कम हुए है तो कुछ में इनकी संख्या में बढ़ोतरी हुई है। लेकिन कई देशों में अब कोरोना के नए स्ट्रेन ने तबाही मचा रखी है। सबसे पहले कोरोना के नए स्ट्रेन के मामले ब्रिटेन में दिखने लगे, उसके बाद संक्रमण पूरी दुनियाभर में फैलने लगा। कोरोना के नए स्ट्रेन के बढ़ते केसों और अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए फ्रांस में दोबारा लॉकडाउन लगा दिया गया है।

फ्रांस के प्रधानमंत्री जीन कास्टेक्स (Jean Castex) ने कहा कि ब्रिटेन के साथ फ्रांस की सीमा अगली सूचना तक बंद रखा जाएगा और विस्तार और फास्ट ट्रैक टीकाकरण के प्रयास किए जाएंगे क्योंकि उन्होंने आने वाले हफ्तों में कोविड-19 संकट के बिगड़ने की चेतावनी दी थी। फ्रांस ने ब्रिटेन में इस बीमारी के बेहद संक्रामक नए तनाव के उभरने के बाद 20 दिसंबर को ब्रिटेन के साथ अपनी सीमा बंद कर दी थी। केवल फ्रांसीसी नागरिको और ट्रक ड्राइवरो ही सीमा के माध्यम से फ्रांस में एंट्री कर सकते है। सीमा में अंदर आने से पहले उन्हें अपनी कोरोना रिपोर्ट दिखानी होगी। फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्री ओलिवर वेरान ने गुरुवार को कहा कि फ्रांस में कोरोनावायरस के नए वेरिएंट को ट्रैक करने के लिए सभी प्रयोगशालाएं जुटाई गई है।

फ्रांस के प्रधानमंत्री जीन कास्टेक्स ने देश को संबोधित करते हुए कहा “कि देश में कोरोना के नए स्ट्रेन का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ऐसे में इसके बचाव के लिए लॉकडाउन लगाना आवश्यक है। वायरस के नए स्ट्रेन के खिलाफ हमें विशेष रुप से संतर्क रहना पड़ेगा। हमें अत्यधिक सावधानी बरतनी होगी।” पीएम ने बताया कि देश में कर्फ्यू शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक रहेगा। फ्रांस में लॉकडाउन से पहले बाजारों को खाली करवा दिया गया है। ताकि कर्फ्यू का निरीक्षण किया जा सके।

फ्रांस में कोरोना के 28 लाख से अधिक मरीज है। कोरोना संक्रमण के मामले में फ्रांस दुनियाभर में 7वें स्थान पर है। फ्रांस में कोरोना संक्रमण के कारण 70 हजार लोगों की मौत हो चुकी हैं।

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