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पहली बार बैकफुट पर आए व्लादिमीर पुतिन

रूस ने स्वीडन, जर्मनी और पोलैंड के राजनयिकों को निष्कासित करने की घोषणा की है, उन पर क्रेमलिन आलोचक अलेक्सी नावलनी के जेलिंग के खिलाफ पिछले महीने अवैध विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने का आरोप लगाया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि मॉस्को ने राजनयिकों की कार्रवाई को अस्वीकार्य माना और कहा कि यह उम्मीद करता है कि भविष्य में राजनयिकों को क्रेमलिन और पश्चिम के शातिरों के बीच तनाव के रूप में “अंतरराष्ट्रीय कानून के मानदंडों का सख्ती से पालन करना” होगा।

मंत्रालय ने कहा कि अनिर्दिष्ट व्यक्तियों की संख्या जिन्होंने “गैरकानूनी विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया था, उन्हें व्यक्तित्वहीन घोषित किया गया था” और “निकट भविष्य में रूस छोड़ने का आदेश दिया”। मॉस्को में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ यूरोपीय संघ के शीर्ष राजनयिक जोसेप बोरेल से मुलाकात के कुछ घंटे बाद यह कदम उठाया गया।

रुस में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कटु आलोचक और विपक्ष के सबसे बड़े नेता अलेक्सी नावलनी को मॉस्को की अदालत ने पैरोल की शर्तों का उल्लघंन करने के लिए नावलनी को तीन साल जेल की सजा सुनाई गई थी। उन पर अपराधिक मामले में गिरफ्तारी के बाद मिली पैरोल की शर्तों का उल्लघंन करने का आरोप है। नावलनी पहले भी एक साल की सजा काट चुके थे, अब उन्हें तीन साल की सजा सुनाई गई थी। इन तीन सालों की सजा में एक वर्ष की सजा को कम किया जाएगा।

अंतराष्ट्रीय शक्तियों ने इस बीच रूस से नवलनी को मुक्त करने का आह्वान किया था, जिसमें उन्होंने रूस को उनके द्वारा कुछ नए प्रतिबंधों की धमकी दी गई थी। संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने नवलनी के जेल जाने की निंदा की और उनकी रिहाई की मांग की थी। इस मामले पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्विटर पर एक बयान में कहा, नावलनी की निंदा अस्वीकार्य है। राजनीतिक असहमति कभी अपराध नहीं होती। हम उसकी तत्काल रिहाई के लिए कहते हैं। वहीं जर्मनी के विदेश मंत्री हीको मास ने नवलनी के खिलाफ फैसले को रूस में कानून के शासन के लिए “कड़वा झटका” कहा था।

नावलनी के जेल जाने के बाद उनकी पत्नी यूलिया नावलनी ने रूस में मोर्चा संभाल रखा है। हजारों की संख्या में रूस की राजधानी मॉस्को में नावलनी के समर्थकों ने पुतिन के खिलाफ नारेबाजी की थी। वह अपने बैनरों पर पुतिन गो बैक के नारों के साथ अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। पंरतु रूस की दंगा विरोधी पुलिस ने नावलनी के समर्थकों को जेल में डाल दिया है। हर दिन लोग रूस के अलग-अलग राज्यों में पुतिन के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे है। नावलनी ने अपने बयान में कई बार इस मसले को राजनीतिक से प्रेरित बताया है। नावलनी पिछले कई महीनों से जर्मनी की राजधानी बर्लिन में अपना इलाज करवा रहे थे। नावलनी को पिछली गर्मियों में अंडरवियर के जरिये जहर दिया गया था। जिसके कारण वो काफी बीमार हो गए थे, और अपना इलाज बर्लिन में काफी महीनों करवा रहे थे।

वर्ष 2014 में ‘बाईयस रोसे केस’ अचानक सुर्खियों में आया था। पूरा मामला एक बड़ी रकम के गबन करने का था। दरअसल एलेक्सेई और उनके भाई ओलेग ने दो रूसी फर्म के साथ 2008 और 2012 में 500000 डालर का व्यापार किया था। दोनों फर्में में से एक का संबंध कॉस्मैटिक कंपनी ‘बाईयस रोसे’ से है। जब गबन के आरोपों की की जांच की गई तो एलेक्सी और उसके भाई पर राशि के कुछ हिस्सें को गबन करने की पुष्टि हुई। जिसके बाद दोनों भाइयों को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई गई थी। अपर्याप्त साक्ष्य न होने से एलेक्सी की सजा निलंबित कर दी गई थी। इस कदम के बाद रूस मे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ आलोचना की लहर उठने की संभावना है। यह मामला दुनिया के दूसरे देशों का भी ध्यान खींचने वाला है।

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