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चेहरा ढंकने पर लगी रोक

श्रीलंका में ईस्टर के दिन हुए आत्मघाती हमलो के करीब एक हफ्ते बाद श्रीलंकाई सरकार ने सख्त सुरक्षा कारणों का  हवाला देते हुए  वहां के लोगों  के चेहरा ढकने पर रोक लगा दी है। वहां के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी एक निर्देश में कहा गया है की अपनी पहचान छुपाने की संभावनाओं को देखते हुए और नागरिक सुरक्षा बढ़ाने को लेकर  29 अप्रैल से लोगों के चेहरा ढकने पर रोक लगाई जाती है। राष्र्ट्पति मैत्रीपाला सिरीसेना ने यह अहम कदम आपातकाल नियमों के तहत उठाया है।

ख़बरों के मुताबिक श्रीलंका में देश भर से कर्फ्यू हटने के बाद भी लोग इस सदमे से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।  कल रविवार को भी वहां के  लोग सभाओं के लिए भी चर्च नहीं गए ,और उन्होंने अपने घरों में ही प्रार्थना पूरी की। इसके साथ कोलंबो के देमातागोड़ा में एसटीएफ ने कार्रवाई के दौरान दो आत्मघाती हमलावरों के बड़े भाई मोहम्मद इब्राहिम इरफान अहमद को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अहमद के पास से एक जर्मन एयर गन सहित दो तलवारें बरामद की गईं है।

 

अहमद करोड़पति-मसाला व्यापारी मोहम्मद इब्राहिम का बेटा है. हमले में शामिल इब्राहिम के दो बेटों, मोहम्मद इब्राहिम इंसाफ अहमद और मोहम्मद इब्राहिम इल्हाम अहमद की पहचान सामने आने के बाद पुलिस ने पिता समेत उनके दो भाइयों को हिरासत में लिया था।  दोनों भाइयों ने सिनमन ग्रैंड होटल और शांगरी-ला होटल में बम धमाके किए थे। वहीं इससे पहले 26 अप्रैल को पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और सेना के जवानों ने एक खुफिया सूचना के आधार पर कोलंबो से करीब 360 किलोमीटर दूर स्थित कलमुनई शहर में एक मकान पर छापा मारा था। इसी दौरान सशस्त्र समूह के साथ भीषण मुठभेड़ हुई. माना जा रहा है कि हिंसक झड़पों के दौरान तीन लोगों ने विस्फोटकों से खुद को उड़ा लिया था।  मौके से छह बच्चों और तीन महिलाओं सहित कुल 15 शव बरामद हुए थे।  इस दौरान तीन आतंकवादियों के मारे जाने की पुष्टि हुई थी।

 

घटना में सरकार ने ईस्टर हमलों के मास्टर माइंड जहरान हाशिम के मारे जाने की भी सूचना दी है ,घटनास्थल पर मौजूद हाशिम की पत्नी और एक बच्चा इस दौरान घायल हो गए जिनका फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने जानकारी दी है कि सुरक्षा बलों ने ईस्टर के दिन हुए आत्मघाती हमलों से संबंधित ज्यादातर इस्लामी कट्टरपंथियों को या तो मार गिराया गया है या उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

 

विक्रमसिंघे ने कहा कि देश में हालात फिर से सामान्य हो रहे हैं। श्रीलंका में किसी भी तरह से चेहरा ढंकने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसको लेकर रविवार को राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने आदेश जारी किया। 21 अप्रैल को श्रीलंका में हुए धमाकों में करब 360 लोगों की मौत हो गई थी।

 

सिरिसेना ने कहा कि उन्होंने आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए चेहरा ढंकने को प्रतिबंधित करने का आदेश दिया है। यह ऑर्डर आज 29 अप्रैल सोमवार से प्रभावी हो गया है । राष्ट्रपति कार्यालय के बयान के मुताबिक- प्रतिबंध का ताल्लुक देश की सुरक्षा से है। व्यक्ति का चेहरा ढंका होने से उसकी पहचान में मुश्किल होती है। लिहाजा अब कोई भी चेहरा ढंककर नहीं चल सकेगा। हाल ही में स्थानीय मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी महिलाओं से अपील की थी कि वे चेहरे को न ढंकें। इस्लामिक चरमपंथियों द्वारा धमाके किए जाने के बाद देश का मुस्लिम समुदाय खौफ में है।

 

 प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के पास इस्लामिक चरमपंथियों और देश में गैरकानूनी तरीके से रह रहे विदेशी धर्मगुरुओं के साथ सख्ती से निपटने के लिए कड़ा कानून है। श्रीलंका में सीरियल ब्लास्ट के बाद से ही करीब 10 हजार सैनिक आतंकी ठिकानों पर छापेमारी में जुटे हैं। अब तक करीब 100 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। इसमें पाकिस्तानी नागरिकों का एक समूह भी शामिल है। श्रीलंका में बौद्ध बहुसंख्यक हैं। यहां पर मुस्लिम कुल आबादी का 10% यानी 2 करोड़ 10 लाख हैं। ज्यादातर श्रीलंकाई मुस्लिम उदारवादी हैं। कम ही मुस्लिम महिलाएं नकाब पहनती हैं।

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