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जल रहा है “धरती का फेफड़ा”

अमेजन के वर्षा-वन दुनिया में सबसे बड़े हैं, इसका कुल क्षेत्रफल सत्तर लाख वर्ग किलोमीटर है जो पूरे दक्षिणी अमरीकी प्रायद्वीप का 40 प्रतिशत हिस्सा है। अमेजन के जंगल धरती के पर्यावरण संतुलन में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं इसलिए इसे ‘धरती का फेफड़ा’ कहा जाता है। लेकिन पूरी दुनिया को 20 फीसद ऑक्सीजन देने वाला अमेज़न जंगल करीब दो हफ़्ते से जल रहा है। दक्षिण अमेरिका के ब्राज़ील में स्थित पूरी दुनिया का सबसे बड़ा वन और दुनिया में धरती के फेफड़े के नाम से प्रसिद्ध इस वन में आग बुझने का नाम नहीं ले रही है। इस साल यहां पर आग लगने की कई घटनाएं सामने आयी। लेकिन, अभी जो आग लगी है उससे तबाही का मंजर और भयावह होता जा रहा है। इस आग की वजह से अमेजन, रोडांनिया और साओ पाओलो में अंधेरा सा छा गया है। इन जगहों पर लगी आग से ब्राजील का 2700 किमी क्षेत्र प्रभावित हुआ है।

दुनिया भर से लोगों द्वारा सोशल साइट्स पर यहाँ की फोटो और वीडियोस शेयर की जा रही है,साथ ही सरकारों से स्थिति को ठीक करने की अपील और जीव-जंतु के लिए दुआ भी की जा रही है। ब्राजील के स्थानीय लोग मीडिया से नाराज भी है, क्योंकि उनके मुताबिक यह आग अगस्त के पहले हफ्ते में ही लग गई थी लेकिन इंटरनेशनल मीडिया द्वारा इस खबर को कोई अहमियत नहीं दी गयी। जंगल में आग लगने से जंगल की जीव-जंतुओं की मौत हो रही है। बहुत से लोगों द्वारा मरने वाले जानवरों की तस्वीरें भी ट्वीट की जा रही है। कई जानवरों की तस्वीरें भी सामने आई हैं जो आग से जख्मी हो गए हैं।

ब्राजील के राष्ट्रपति जाएर बोल्सोनारो ने अमेजन के जंगलों की कटाई के आंकड़ों के बीच इससे जुड़ी एजेंसी के प्रमुख को निकाल दिया है। वहीं, संरक्षणवादियों ने बोल्सोनारो को ही इस घटना के लिए दोषी ठहराया है। उनका कहना है कि बोल्सोनारो लोगों और किसानों को भूमि खाली करने के लिए उकसा रहे है। अमेज़न वन अपनी कई खासियतों से दुनिया भर में प्रसिद्ध है। अमेजन के जंगलों में 400 से 500 से ज्यादा स्वदेशी आदिवासी जातियां रहती है परन्तु इनमें से करीब 50 फीसदी आदिवासी प्रजातियों ने तो कभी बाहर की दुनिया से कोई संपर्क तक नहीं किया।

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