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क्या सऊदी अरब के दवाब के कारण इमरान ने किया कुआलालंपुर समिट से किनारा ?

19 दिसंबर ,गुरुवार से मलयेशियाई पीएम महातिर मोहम्मद की मेजबानी में  होने वाले कुआलालंपुर शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान हिस्सा नहीं लेंगे। सूत्रों के मुताबिक यह बताया जा रहा है कि सऊदी अरब अमीरात से दवाब बढ़ने के बाद ही यह फैसला लिया गया है। मलयेशियाई सरकार के मुताबिक इमरान ने महातिर मोहम्मद को फोन करके अपने फैसले की जानकारी दे दी है। इमरान खान को इस सम्मेलन में ईरान ,तुर्की और कतर के नेताओं के साथ मंच साझा करना था।
इससे पहले पाकिस्तान द्वारा अपने विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को  मलयेशिया भेजने पर विचार किया गया था लेकिन बाद में फैसला लिया गया कि कुआलालंपुर समिट से दूर ही रहना है। हाल ही में बाजवा यूएई गए थे और इमरान खान सऊदी अरब पर दोनों द्वारा सऊदी और यूएई को मनाने की कोशिशें असफल हो गई।
पाकिस्तानी अख़बार डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक ,समिट को सऊदी के नेतृत्व वाले ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ऑपरेशन (OIC) का विकल्प तैयार करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। सऊदी का मुस्लिम वर्ल्ड में दबदबा रहा है और वह इस समिट को खुद की बादशाहत को चुनौती के रूप में देख रहा है।
 कुआलालंपुर समिट 19 दिसंबर से 21 दिसंबर तक चलेगा और इसे मुस्लिम वर्ल्ड में एक नए पावर सेंटर को बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। समिट में तुर्की, कतर, ईरान के नेता भी हिस्सा ले रहे हैं। इसमें 52 देशों के 450 नेताओं, स्कॉलरों, मौलानाओं और विचारकों के हिस्सा लेने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

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