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अफगानिस्तान पर आए रिपोर्ट को लेकर डेमोक्रेट उम्मीदवार बिडेन ने ट्रम्प पर साधा निशाना

अफगानिस्तान पर आए रिपोर्ट को लेकर डेमोक्रेट उम्मीदवार बिडेन ने ट्रम्प पर साधा निशाना

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बिडेन ने एक रिपोर्ट को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि अगर यह रिपोर्ट सच है तो इसमें कमांडर इन चीफ और अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की रक्षा करने में उनकी (ट्रम्प) नाकामी के बारे में हैरान करने वाले खुलासे हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने कुछ महीनों पहले पता लगाया था कि रूस की खुफिया सैन्य इकाई ने अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की हत्या के लिए तालिबान से जुड़े आतंकियों को गुप्त रूप से इनाम देने की पेशकश की थी।

रूस ने इन आरोपों का खंडन कि करते हुए शनिवार को ट्वीट किया कि यह आरोप बेबुनियाद और अस्पष्ट हैं। ट्वीट में कहा गया है कि इन आरोपों से अमेरिका के वॉशिंगटन और ब्रिटेन के लंदन स्थित रूसी दूतावासों के कर्मचारियों का जीवन खतरे में आ गया है। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी आरोपों को निराधार बताया। मुजाहिद ने एनवाईटी से कहा कि फरवरी में सेना की वापसी करने और प्रतिबंध हटाए जाने पर सहमति बनने के बाद तालिबान ने अमेरिका और नाटो सेना पर हमला करना बंद कर दिया था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि रूसियों ने पिछले साल ऐसे समय में हमले के लिए पेशकश की थी, जब अमेरिका और तालिबान लंबे समय से चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत कर रहे थे। अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने भी इस खबर की पुष्टि की है। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार ने कहा कि अगर मैं राष्ट्रपति बनता हूं तो इस बारे में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का सामना किया जाएगा। हम रूस पर गंभीर प्रतिबंध लगाएंगे।

वहीं इन बयानोंलपर व्हाइट हाउस ने बताया है कि ट्रम्प और उपराष्ट्रपति माइक पेंस को इस खुफिया सूचना की जानकारी नहीं दी गई थी। सरकारी सूत्रों के हवाले से लिखा था कि राष्ट्रपति को अमेरिकी सैनिकों को मारे जाने पर इनाम देने वाली जानकारी के बारे में जानकारी दी गई थी। इसके बाद भी वे कार्रवाई करने में नाकाम रहे थे। एनवाईटी ने तालिबान के एक प्रवक्ता के हवाले से यह जानकारी दी थी। इसमें बताया गया था कि उसके लड़ाकों और रूसी खुफिया एजेंसी के बीच ऐसी डील हुई थी।

न्यूज पेपर ने बताया कि खुफिया एजेंसी के अज्ञात अधिकारियों के हवाले से उन्हें जानकारी मिली कि इसके बारे में ट्रम्प को बताया गया था। मार्च में नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में इस पर चर्चा भी की गई थी। पूर्व उपराष्ट्रपति बिडेन ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है। वे (ट्रम्प) न केवल रूस पर प्रतिबंध लगाने में नाकाम रहे, बल्कि पुतिन के सामने खुद को हमेशा झुकाए रखा। उनका यह अभियान अब तक जारी है।

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