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ट्रंप का फरमान

दुनिया में दीवारों की बड़ी अहमियत है। चीन की दीवार से लेकर बर्लिन की दीवार हमेशा ही चर्चा के केंद्र में रहीं। उनकी वजह समय-समय पर भले ही अलग रही हों। अब मैक्सिको दीवार की चर्चा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कर रहे हैं। ट्रंप ने मैक्सिको से लगने वाली सीमा पर दीवार बनाए जाने के लिए फंड की मांग की है।

टं्रप ने कहा कि मैक्सिको की दीवार ‘बढ़ते मानवीय और सुरक्षा संकट’ को रोकने के लिए जरूरी है। टीवी पर अपने पहले संबोधन में टं्रप ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा तो नहीं की। उन्होंने पहले यह धमकी दी थी कि संसद दीवार पर सहमति नहीं जताएगा तो वो देश में आपातकाल लागू कर देंगे। डेमोक्रेटिक सांसद इस दीवार का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने देश के सरकारी बजट से इस दीवार के निर्माण के लिए पांच अरब डॉलर खर्च करने की मंजूरी देने से इंकार कर दिया था। पूरी दुनिया में इस कथन को सरकार को दीवार बनाने के लिए जरूरी धन जारी करने के लिए विपक्ष पर दबाव बनाने की राजनीति के रूप में देखा जा रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति टं्रप ऐसे कारनामे के लिए चर्चित रहे है। उनके बारे में कुछ भी पहले से अनुमान नहीं लगाया जा सकता। वे अप्रत्याशित बोलने और करने के लिए कुख्यात हैं। धमकी देना तो जैसे उनका राष्ट्रपति बनने के बाद पहला अधिकार बन गया। आए दिन वह देश और दुनिया को धमकी देने का काम करते रहते हैं।

इससे पहले ट्रंप ने विपक्षी पार्टी के धन आवंटन के लिए राजी नहीं हाने की स्थिति में आपातकाल लागू करने की धमकी दी थी। ताकि वह अवैध आव्रजकों को देश में आने से रोकने के लिए दीवार या अवरोधक बनाने की अपनी योजना को क्रियान्वित कर सके।

दरअसल, हुआ यूं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिनिधिसभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी और सीनेट में अल्पमत के नेता चक शुमर से पूछा कि यदि आशंका रूप से एक बड़े सरकारी कामकाज को फिर से शुरू कर दिया जाए तो क्या वे आगामी 30 दिनों में सीमा दीवार के लिए राशि आवंटित किए जाने के कदम का समर्थन करेंगे। पेलोसी के इंकार के बाद ही टं्रप विफर पड़े। नाराज टं्रप ने फिर ट्वीट किया। मैं चक और नैंसी के साथ बैठक बीच में छोड़कर आ गया। समय की पूरी बर्बादी की। मैंने पूछा कि यदि हम कामकाज फिर से शुरू कर दें तो 30 दिन में क्या आप दीवार या स्टील अवरोधक समेत सीमा सुरक्षा को मंजूरी देंगे। नैंसी ने कहा नहीं। मैंने अलविदा कह दिया। और कुछ नहीं किया जा सकता था।

टं्रप का यह आचरण अमेरिका समेत पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसके तरह-तरह के आशय निकाले जा रहे हैं। राजनीतिक जानकार कयास लगा रहे हैं कि टं्रप की इस धमकी और बीच बैठक में उठकर चले जाने से अमेरिका में राजनीतिक अस्थिरता भी पैदा हो सकती है।

टं्रप को बैठक के बीच बर्हिगमन के बाद नैंसी और शुमर ने प्रेस से कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता किसी भी सूरत में सीमा दीवार के लिए धन आवंटित करने की इच्छुक नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी इस मामले में अपना रुख नहीं बदलेगी।

इस बीच आया टं्रप का बयान टं्रप का बयान भी महत्वपूर्ण है। इससे स्थिति की गंभीरता और जटिलता का अंदाजा लगता है। उन्होंने कहा-‘हम देश में वास्तविक आव्रजन सुधार देखना चहाते हैं। क्योंकि हमें इसकी दरकार है और यह एक बेहतर चीज है।

गौरतलब है कि अमेरिका में पिछले कई दिनों से शटडाउन चल रहा है। सरकार का कामकाज ठप पड़ा है। तीन हफ्ते से ऐसा ही चल रहा है, इस तरह से हजारों फंड एवं कर्मचारियों को 22 दिसंबर से वेतन नहीं मिला है। शटडाउन के चलते सरकारी खजाने को काफी नुकसान हुआ है। इसकी वजह है। यही की जिसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति टं्रप अलग से बजट की मांग कर रहे हैं। यह दीवार अमेरिका के मैक्सिको के साथ लगी सीमा पर बनाई जानी है। राष्ट्रपति मैक्सिको अमेरिकी सीमा पर दीवार बनाने के लिए अरबों डॉलर के अनुदान की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर सरकारी कर्मचारियों को वेतन देने और विभिन्न विभाग चलने के लिए अनुदान मांग से जुड़ा विधेयक पारित नहीं हो पा रहा है।

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