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Corona के ‘डेल्टा वैरिएंट’ ने बढ़ाई ब्रिटेन की परेशानी

Corona

कोरोना (Corona) वायरस के डेल्टा वेरिएंट ने दुनिया भर के कई देशों में दहशत पैदा कर दी है। डेल्टा वेरिएंट से एक बार फिर यूरोपीय देशों में लॉकडाउन की घोषणा होने की आशंका है। ब्रिटेन समेत अन्य यूरोपीय देशों में जिन प्रतिबंधों में ढील दी गई है, उन्हें सख्त करने के लिए आंदोलन शुरू हो गए हैं। ब्रिटिश प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने 19 जुलाई तक लॉकडाउन प्रतिबंधों को बढ़ा दिया है। ब्रिटेन में 21 जून को प्रतिबंध हटने वाले थे।

यूके में डेल्टा प्रकार के संक्रमण की बढ़ती संख्या ने प्रशासन के सामने चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने Corona के टीकाकरण में तेजी लाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि वह 40 साल से अधिक उम्र के लोगों को Corona वैक्सीन की दूसरी खुराक देना चाहते हैं। ताकि उन्हें अधिक से अधिक कोरोना से बचाया जा सके। विशेषज्ञों ने कहा कि आने वाले हफ्तों में ब्रिटेन में बड़ी संख्या में डेल्टा वेरिएंट्स संक्रमितों को अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है।

ब्रिटेन में रविवार को कुल 7,490 करोड़ की रिपोर्ट आई। तो, आठ लोगों की मौत हो गई। पिछले सप्ताह पिछले सप्ताह की तुलना में 49 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। ब्रिटेन के प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने तीन सप्ताह के लिए प्रतिबंध लगा दिए हैं, लॉकडाउन खत्म होने पर दिन हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। जॉनसन ने कहा कि 19 जुलाई प्रतिबंध का आखिरी दिन होगा। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर होगा कि कुछ दिन और इंतजार किया जाए।

यूरोप में डेल्टा वेरिएंट की लहर?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कुछ दिनों पहले चेतावनी दी थी कि डेल्टा संस्करण यूरोप के अन्य हिस्सों में फैल जाएगा। कई यूरोपीय देशों द्वारा प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के कारण डेल्टा वेरिएंट में कोरोनरी की संख्या बढ़ने की आशंका थी।

चीन में ‘डेल्टा वेरिएंट’ का प्रकोप; नागरिकों पर लगा प्रतिबंध, ड्रोन भी तैनात

वहीं Corona पर नियंत्रण हासिल कर चुके चीन में एक बार फिर Corona वायरस संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है। यहां ग्वांगझू में प्रशासन ने पीड़ितों की संख्या बढ़ने पर अपने घरों से बेवजह बाहर जाने वाले नागरिकों की निगरानी के लिए 60 ड्रोन तैनात किए हैं।

चीन ने स्थानीय स्तर पर कोरोना संक्रमण पर काफी नियंत्रण हासिल कर लिया है। हालांकि, ग्वांगझू में Corona वायरस संक्रमण की सूचना मिली है। वैज्ञानिकों का कहना है कि चीन में फैलने वाला Corona वायरस डेल्टा वेरिएंट है। हालांकि चीनी वैज्ञानिकों का कहना है कि यह भारत में मिलने वाले वेरिएंट से अलग है और खतरनाक है।

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, चीनी डॉक्टरों के अनुसार, डेल्टा संस्करण तेजी से फैल रहा है और इससे कोरोना पीड़ितों की स्थिति बिगड़ रही है। ग्वांगझू में सन यात-सेन विश्वविद्यालय में क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के निदेशक गुआन जियांगडोंग ने कहा कि Corona का अनुभव करने के तीन से चार दिनों के भीतर 12 प्रतिशत रोगी गंभीर हो गए थे।

कोरोना वैक्सीन की डोज के बीच ज्यादा अंतराल हो सकता है ख़तरनाक: डॉ. फाउची

पिछले कुछ दिनों से ग्वांगझू में कोरोना डॉयड्स पाए गए हैं। पिछले कुछ दिनों में नए स्ट्रेन से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है। पीड़ितों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने तत्काल कदम उठाना शुरू कर दिया है। पुलिस ने कैमरा ड्रोन की मदद से शहर में निगरानी शुरू कर दी है। पुलिस ने बिना मास्क के घर से बाहर निकलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। साथ ही प्रशासन ने शहर और उसके आसपास के नागरिकों को सूबे से बाहर नहीं निकलने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने सिनेमाघरों और अन्य मनोरंजन स्थलों को भी बंद कर दिया है।

एक साल से भी ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन दुनियाभर में कोरोना संक्रमण से हालात अब भी नाजुक बने हुए हैं। अभी तक इस वायरस की चपेट में करोड़ों लोग आ चुके हैं, जबकि लाखों लोगों की जानें चली गई हैं। बावजूद इसके कोरोना वायरस की उत्पत्ति कहां से हुई, इसका पता अभी तक नहीं चल पाया है। हालांकि इस बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक जांच टीम के विशेषज्ञों की राय है कि इस घातक विषाणु के स्रोत का अब तक पता नहीं चला है और इन अनसुलझे सवालों के जवाब पाने के लिए आगे और अध्ययन की जरूरत है।

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