[gtranslate]
world

दुनिया को मंदी से महामंदी के तरफ ले जा रहा कोरोना वायरस का संक्रमण

दुनिया को मंदी से महामंदी के तरफ ले जा रहा कोरोना वायरस का संक्रमण
कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में तेजी से पैर पसार लिए हैं। इसके बढ़ते संक्रमण पर चिंतित विश्व स्वास्थ्य संगठन ने घोषणा की कि वैश्विक कोरोना वायरस संकट अब एक महामारी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अध्यक्ष टेड्रास गेब्रेयेसस ने कहा कि हमने कोरोना की ऐसी महामारी कभी नहीं देखी है। डब्ल्यूएचओ कोरोना के प्रकोप के फैलने और गंभीरता के खतरनाक स्तरों से गहराई से चिंतित है। उन्होंने कहा कि हमारे आकलन के मुताबिक, कोरोना को महामारी घोषित किया जा सकता है। हमारा काम लोगों के स्वास्थ की रक्षा करना है। कोरोना वायरस के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए हम कई सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
दुनियाभर में अब तक कोरोना वायरस से 4000 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। चीन के बाद लगभग हर द्वीप तक कोरोना पहुंच चुका है। भारत भी इसकी चपेट में है और स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में अब तक संक्रमण के 60 मामले सामने आ चुके हैं। दुनियाभर में कोरोना वायरस का संक्रमण इस कदर फैल चुका है कि आम लोग तो क्या मंत्री-संतरी भी इसके प्रकोप से बच नहीं पा रहे हैं। ब्रिटेन के स्वास्थ्य विभाग की मंत्री नडीने डोरिस के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। डोरिस ब्रिटेन की पहली नेता हैं जो कोविड- 19 से संक्रमित पाई गई हैं।

खबरों के मुताबिक, वह प्रधानमंत्री बोरिस जाॅनसन समेत सैकड़ों लोगों के संपर्क में रही थीं। ऐसा बताया जा रहा है कि वह बीमारी से उबर रही हैं। मंत्री ने ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा का जिक्र करते हुए कहा कि मैं एनएचएस कर्मियों का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं जिन्होंने मुझे परामर्श और सहयोग दिया। एक नए शोध में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस की सबसे कम खतरनाक स्थिति में भी दुनियाभर में होने वाली मौतों का आंकड़ा डेढ़ करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है।

यही नहीं, कोरोना वायरस की वजह से दुनिया की अर्थव्यवस्था में भी भूचाल आ जाएगा। ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के एक शोध में यह भी पाया गया कि इस महामारी के चलते वैश्विक जीडीपी 2.3 ट्रिलियन डाॅलर से भी कम हो सकती है। कोरोना वायरस की सबसे विनाशकारी स्थिति में ब्रिटेन और अमेरिका में हजारों लोगों की मौत सहित यह आंकड़ा एक करोड़ 80 लाख तक पहुंच  सकता है। वारविक मैककिबोन और रोशेन फर्नांडो द्वारा प्रकाशित दो शोधत्रों में कहा गया है कि सबसे खराब स्थिति में वैश्विक मंदी के दौरान कुछ देशों की अर्थव्यवस्था आठ प्रतिशत तक घट जाएगी। शोध में चीन में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की मृत्यु दर का अनुमान 2 फीसदी लगाया गया है, वहीं वैश्कि स्तर पर फिलहाल यह दर 3.4 फीसदी तक है।

शोध के मुताबिक, भारत और चीन में मौतों की संख्या कई लाख हो सकती है। वहीं अमेरिका में 2 लाख 30 हजार तक लोग इसके शिकार हो सकते हैं। शोधकर्ताओं ने इस बात का भी जिक्र किया है कि अमेरिका में सामान्य इंफ्लूएंजा से हर साल 55 हजार लोगों की मौत हो जाती है। शोध में ब्रिटेन में 64 हजार लोगों की मौतें, जर्मनी में 79 हजार और फ्रांस में 60 हजार मौतों की आशंका जाहिर की गई है। वहीं, साउथ कोरिया और इटली के भी लोग इससे प्रभावित होंगे।

अब तक दुनियाभर में कोरोना वायरस से चार हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 1 लाख से अधिक लोगों में इसके संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। कोरोना वायरस से महामारी घोषित करने के लिए डब्ल्यूएचओ की तरफ से पिछले हफ्ते  प्रेस कान्फ्रेंस की गई। उस समय तक दुनियाभर में कोरोना से मरने वालों की संख्या 4,291 थी। इस महामारी के चलते दुनियाभर के 114 देशों के 1,18,000 लोग इन्फैक्टेड हुए हैं।

इटली में बड़ा खतरा

कोरोना वायरस का बड़ा  खतरा इटली में मंडरा रहा है। इटली में इस समय तकरीबन 10,149 लोग वायरस से संक्रमित हैं। तकरीबन 630 लोगों की मौत हो चुकी है। इटली में कुल संक्रमित लोगों में से 6.21 फीसदी लोगों की मौत हुई है। यानी चीन के बाद दूसरा सबसे ज्यादा प्रभावित देश इटली है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना को विश्वव्यापी महामारी घोषित कर दिया है। डब्ल्यूएचओ के प्रमुख ने कहा कि कोविड-19 को पैनडेमिक (विश्वव्यापी महामारी) माना जा सकता है। इसी बीच भारत में कोरोना के 12 नए मामले सामने आए हैं। इसके बाद मरीजों की संख्या 68 हो गई है। सरकार ने 15 अप्रैल तक सभी देशों के पर्यटक वीजा निलंबित कर दिए हैं। इसलिए बाजार में भारी गिरावट आई।

वैश्विक बाजार भी धड़ाम

वैश्विक बाजारों की बात करें, तो अमेरिकी शेयर बाजार में पिछले दिनों जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। बेंच मार्क डाउ जोंस 1,400 अंकों से ज्यादा फिसला और 23,553.22 पर बंद हुआ, जिसके बाद एशियाई बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली। सिंगापुर एक्सचेंज पर निफ्टी फ्यूचर्स करीब 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दे रहे थे। वहीं टोक्यो बेंचमार्क निक्केई 2.24 फीसदी गिरा, साउथ कोरिया का कास्पी 1.22 फीसदी और ऑस्ट्रेलिया का एएसएस शुरुआती ट्रेड में 2.6 फीसदी नीचे देखे गए।

पिछले सप्ताह बारह मार्च को शेयर बाजार में फिर से जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। न सिर्फ भारत, बल्कि दुनियाभर के बाजारों की हालत बुरी है। कोरोना वायरस के कहर से बाजार में कोहराम मचा है। बाॅम्बे स्टाॅक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 1,784.14 अंक यानी 5.03 फीसदी की गिरावट के बाद 33,903.26 के स्तर पर खुला। जबकि नेशनल स्टाॅक एक्सचेंज का निफ्टी 532.65 अंक यानी 5.09 फीसदी की गिरावट के बाद 9,925.75 के स्तर पर खुला।

You may also like

MERA DDDD DDD DD