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कोरोना के बाद आया केंट, 50 से अधिक देशों में मिल चुके संक्रमण के मामले

दुनिया में कोरोना का कहर पूरी तरह बरपा हुआ है। इसी बीच कोरोना के नए वैरिएंट दुनिया के लिए गंभीर चुनौती पेश कर रहे है। सबसे ज्यादा खतरा कोरोना के ब्रिटिश वैरिएंट से बताया जा रहा है। विश्वभर में वायरस के इस रूप के फैलने का अंदेशा जताया गया है। ब्रिटेन में गत दिसंबर में कोरोना के इस प्रकार की पहचान हुई थी। कोरोना वायरस की तमाम वैक्सीन के आते ही कोविड 19 के कई नए वैरिएंट्स भी ब्रिटेन, दक्षिण अफ़्रीका, ब्राज़ील और जर्मनी जैसे देशों में पाए जाने से फिर चिंता बढ़ गई है।

ब्रिटेन में महामारी पर गठित एजेंसी कोविड-19 जीनोमिक्स की निदेशक शेरोन पीकॉक ने कहा, ‘यह नया वैरिएंट देशभर में फैल चुका है और पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लेने जा रहा है।’ ब्रिटेन में कोरोना पर रिसर्च के लिए यह एजेंसी बनाई गई है। उन्होंने आगाह किया, ‘यह चिंता की बात है कि 1.1.7 वैरिएंट ज्यादा संक्रामक है।’ इधर, दक्षिण अफ्रीकी वैरिएंट भी तेजी से फैल रहा है। अमेरिका के कैलिफोर्निया प्रांत में इसके पहले दो मामले पाए गए हैं। इसके अलावा ब्रिटिश वैरिएंट के भी कई मामलों की पुष्टि की गई है। ब्रिटेन की जेनेटिक सर्विलांस प्रोग्राम की की प्रमुख शेरॉन पीकॉक ने कहा है कि ये पहले के मिले वेरिएंट से कहीं अधिक खतरनाक है और ब्रिटेन में पहली बार सामने आने वाले इस वेरिएंट की चपेट में पूरी दुनिया आ सकती है। उन्‍होंने ये भी कहा है कि इससे चलने वाली लड़ाई करीब एक दशक तक लंबी चल सकती है। वैज्ञानिक पीकॉक के मुताबिक इस नए वेरिएंट का नाम केंट है।

विशेषज्ञों ने कहा है कि यह 70 प्रतिशत अधिक संक्रामक और अन्य वेरिएंट की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत अधिक घातक हो सकता है। रॉयटर्स के मुताबिक ब्रिटेन का नया वेरिएंट तेजी के साथ फैल रहा है। अब तक करीब 50 से अधिक देशों में इसके मामले सामने आ चुके हैं। ब्रिटेन के कंसोर्टियम की डायरेक्‍टर ने यहां तक कहा है कि इसकी चपेट में ब्रिटेन पूरी तरह से आ चुका है। उनके मुताबिक ये कोरोना वैक्‍सीन को विकसित करने में लगे वैज्ञानिकों की मेहनत पर भी पानीफेर सकता है क्‍योंकि ये वैक्‍सीन के मरीजों पर असर को बेअसर कर सकता है।

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