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मीडिया पर सख्ती करने की तैयारी में चीन

चीन की कायराना हरकतें दुनिया की नजरोंं से छिपी नहीं हैं। चीन की चालबाजियों से भारत समेत कई देश परेशान हैं। लेकिन वह फिर भी बाज नहीं आ रहा है। चीन में उइगर मुसलमानों के साथ अन्याय की खबरें अक्सर आती रही हैं। उत्‍सुल मुसलमानों पर भी अब वह कहर ढाने लगा है। लेकिन अब चीन मीडिया की आवाज भी दबाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

लोगों की आवाज को कैसे दबाना है यह चीन अच्छे से जानता है। हांगकांग हो या शिनजियांग चीन की दमनकारी नीति चरम पर है और लोगों के उठते विरोधी स्वर दबाने का काम जारी है। चीन को अपने खिलाफ कुछ भी सुनना बर्दाश्त नहीं है। इसलिए चीन अब अपने देश में ब्लॉगर्स और मीडिया की आवाज को भी सीमित कर देना चाहता है। चीन अब इंटरनेट मीडिया पर ब्लॉग के माध्यम से उठने वाली आवाज को भी बंद कर देना चाहता है। इसके लिए वह नया कानून लाने की तैयारी कर रहा है।

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अब चीन में ब्लॉगर्स और इंफ्लुएंसर्स को अगले सप्ताह की शुरुआत से कुछ भी लिखने से पहले सरकार की ओर से मंजूर दस्तावेज की आवश्यकता होगी। चीन के साइबरस्पेस प्रशासन को इंटरनेट पर कुछ भी प्रसारित करने से पहले ब्लॉगर्स को जानकारी देनी होगी।

वर्ष 2017 से ही राजनीति और सैन्य मामलों जैसे विषयों के बारे में लिखने के लिए ब्लॉगर्स और इंफ्लुएंसर्स को परमिट लेना पड़ता है। लेकिन यह नियम पूरी तरह से पालन में नहीं था। लेकिन अब नए नियमों के तहत स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था, शिक्षा और कानून के मामलों पर लिखने से पहले ब्लॉगर्स को परमिट की जरूरत होगी।

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