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दुनिया के आगे झुका चीन

अंततः भारत को कूटनीतिक मोर्चे पर अहम सफलता मिली और चीन को अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे झुकना पड़ा। नतीजा यह है कि पुलवामा समेत कई आतंकी हमलों को अंजाम दे चुका मसूद अजहर आज अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित हो चुका है। उसका आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान की पनाह में खूनी साजिशें रचता रहा है। इस आतंकी ने भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों में भी अपनी नापाक हरकतों को अंजाम दिया है। अब ये आतंकी पाकिस्तान में भी खुलेआम नहीं घूम पाएगा। उसकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी, उसके बैंक खातों को सील कर दिया जाएगा। उसके संगठन पर पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है।

मसूद अजहर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक और नेता है। जैश-ए-मोहम्मद मुख्य रूप में पाकिस्तान अधिकøत कश्मीर में सक्रिय एक आतंकी संगठन है। वर्ष 1994 में अजहर हारकर उल अंसार के समर्थक हरकत उल जिहाद उल इस्लामी और अहकात उल मुजाहिदीन के बीच खराब होते रिश्तों को सुधरने श्रीनगर आया। भारत ने उसे गिरफ्तार करके उसकी आतंकी गतिवधियों की वजह से जेल में डाल दिया था। फिर वर्ष 1995 में जम्मू और कश्मीर में कुछ विदेशी पर्यटक अगवा हो गए अपहरणकर्ता जो खुद को अल फ्रां कह के बुलाते थे वो पर्यटकों छोड़ने के एवज में अजहर की रिहाई मांग रहे थे। जिसमें एक पर्यटक भागने में सफल रहा। बाकी सभी की आतंकियों ने हत्या कर दी थी।

दिसंबर 1999 में भारत सरकार को इंडियन एयरलाइंस के विमान में सवार 178 यात्रियों की जान बचाने के लए अजहर को छोड़ना पड़ा। एसी 814 नामक विमान का अजहर समर्थकों ने अपहरण कर लिया था और उसे कंधार अफगानिस्तान ले गए थे। जहां उस समय तालिबान का शासन था। मसूद को दो अन्य आतंकियों के साथ कंधार ले जाकर छोड़ दिया गया। मसूद अजहर पाकिस्तानी सीमा में चले गया। कुछ ही समय बाद अजहर ने कराची में दस हजार लोगों की एक सभा को सम्बोधित किया था। उस सभा में उसने वहां कश्मीर को आजाद करने की कसमें लेते हुए कहा था कि मैं यहां इसलिए आया हूं क्योंकि आपको यह बताना मेरा काम है कि मुस्लिमों को तब तक चैन से नहीं बैठना चाहिए जब तक वो हिन्दुस्तान को तबाह ना कर दें।

संयुक्त राष्ट्र ने जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया है। भारत के लिए यह एक बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा रही है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति के तहत उसे काली सूची में डालने के एक प्रस्ताव पर चीन द्वारा अपनी रोक हटा लेने के बाद यह कदम उठाया गया। इस पर पाकिस्तानी मीडिया ने वहां के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के हवाले से कहा पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र द्वारा जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर लगाए प्रतिबंधों को तत्काल लागू करेगा। भारत के राजदूत एवं संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दीन ने कहा कि मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध सूची में आतंकवादी घोषित किया गया है। समर्थन करने के लिए सभी का आभार। चीन ने उस प्रस्ताव पर से अपनी रोक हटा ली जिसे फ्रांस ब्रिटेन और अमेरिका द्वारा संरा सुरक्षा परिषद की 1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति में फरवरी में लाया गया था।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वीटो की शक्ति रखने वाले देशों में शामिल चीन अजहर को इस सूची में डाले जाने की कोशिशों में ‘तकनीकी रोक’ डाल रहा था और प्रस्ताव पर विचार करने के लिए और अधिक वक्त मांग रहा था। अजहर पर प्रतिबंध लगाने के ताजा प्रस्ताव पर चीन ने मार्च में वीटो लगा दिया था। उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने के लिए पिछले 10 साल में संयुक्त राष्ट्र में लाया गया यह ऐसा चौथा प्रस्ताव था। सबसे पहले 2009 में भारत ने प्रस्ताव लाया था। फिर 2016 में भारत ने अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध परिषद के समक्ष दूसरी बार प्रस्ताव रखा। इन्हीं देशों के समर्थन के साथ भारत ने 2017 में तीसरी बार यह प्रस्ताव रखा। हालांकि इन सभी मौकों पर चीन ने प्रतिबंध समिति द्वारा इस प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने में अड़ंगा डाल दिया था।

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