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डोनाल्ड ट्रंप कार्यकाल में विदेश मंत्री रहे माइक पोम्पियो समेत 28 लोगों पर चीन ने लगाया प्रतिबंध

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अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप का राष्ट्रपति कार्यकाल खत्म हो चुका है और जो बिडेन अब अमेरिका के नए राष्ट्रपति के रूप में कमान संभाल रहे है। 20 जनवरी को अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के तौर पर जो बिडेन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने शपथ ग्रहण कर ली है। इस बीच चीन ने ट्रंप प्रशासन को लेकर काफी सख्ती दिखाई है। चीन के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप प्रशासन के दौरान विदेश मंत्री रहे माइक पोम्पियो समेत 28 लोगों पर प्रतिबंध लगाया है। इतना ही नहीं चीन के विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा है कि जो भी इन लोगों से संबंधित कंपनियां और उनके परिवार के सदस्य भी चीन में प्रतिबंधित किया गया है।

दरअसल ट्रंप प्रशासन में विदेश मंत्री रहे माइक पोम्पियो ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिन चीन के ऊपर हमला बोलते हुए उइगर मुसलमानों को लेकर टिप्पणी की थी। इसके बाद चीन ने माइक पोम्पियो पर कई तरह के प्रतिबंधो की घोषणा की है। चीन ने अपने बयान में कहा है कि अमेरिका के कुछ नेता अपने राजनीतिक स्वार्थां को साधने के लिए चीन विरोधी बातें करते है। इन लोगों के बयान अमेरिकी लोगों और चीन के लोगों के हितों में नहीं है। अमेरिका के यह राजनेता जानबूझकर चीन के आंतिरक मामलों में दखल देते है। यहीं लोग चीन के हितों को नजरअंदाज करते है चीन के लोगों को नाराज करते है और चीन-अमेरिका के रिश्तों को खराब करते है।

चीन के विदेश मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि चीन की संप्रभुत्ता पर प्रतिकूल असर डालने के लिए जिम्मेदार अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पियो सहित व्हाइट हाउस में अहम पदों पर रहे ट्रंप प्रशासन के कई अधिकारियों और उनके परिवारों तथा इनसे संबंधित कंपनियों को अपने यहां प्रतिबंधित किया गया। इनमें पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पियो, व्हाइट हाउस के पूर्व सलाहकार पीटर नवारो, पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ ब्रायन, मैथ्यू पोटिंगर और स्वीव बैंनन, डेविड स्टिलवेल, एलेक्स अजार, कीथ क्राच, केली क्राफ्ट और पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन आदि ट्रंप प्रशासन के ऐसे लोगों है जिनका नजरियां चीन के प्रति ठीक नहीं रहा।

चीन के मंत्रालय ने इन व्यक्तियों और उनके परिवारों को चीन की मुख्य भूमि, हांगकांग और चीन के मकाओ में प्रवेश करने से मना किया कर दिया है। इनसे जुड़ी कंपनियां और संस्थाएं भी चीन के साथ कारोबार करने से प्रतिबंधित हैं। बैंनन और बोल्टन सहित ट्रम्प के सलाहकार आक्रामक चीन विरोधी नीतियों को आकार देने में मदद करने के लिए सबसे आगे रहे हैं, जिसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था, व्यापार, उच्च तकनीक आदि पर चीन को पूरी तरह से नियंत्रित करना है।

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