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ब्राजील का घुट रहा है दम, कोरोना के चलते आक्सीजन की कमी

कोरोना ब्राजील के लोगों के साथ फेवीकोल की तरह चिपकता जा रहा है। कोरोना को रोकने में नाकामयाब रही ब्राजील की सरकार इस समय दुविधा में फंसी हुई है। क्योंकि ब्राजील में कोरोना इस वक्त इतना ज्यादा खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ब्राजील में कोरोना से अब तक 3 लाख के करीब मौतें हो चुकी है। बीते दिन 24 घंटे में कोरोना के कारण 3000 लोगों की मौत हो गई थी। ब्राजील में पिछले दो महीने में हालात इतने खराब नहीं हुए थे, लेकिन कोरोनावायरस वेरिएंट के कारण अब वहां मौतों और संक्रमणों के मामलों में भारी इजाफा हुआ है। अमेजन राज्य की राजधानी मनौस में आक्सीजन की पूर्ति नहीं हो पा रही है। जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार ब्राजील 300,000 कोरोना मौतों के करीब पहुंच रहा है और इसने 3000 मौतों और 513,408 नए मामलों के साथ पिछले हफ्ते एक और साप्ताहिक रिकॉर्ड बनाया है।

ब्राजील कोरोना से सबसे ज्यादा ग्रस्त देशों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर आता है। सबसे ज्यादा अमेरिका में कोरोना से मौते हुई है। माना जा रहा है कि ब्राजील के राष्ट्रपति की लापरवाही के कारण ब्राजील में कोरोना का संक्रमण ज्यादा बढ़ा है। सरकार की तरफ से कोरोना को रोकने के लिए कोई ठोस कदम न उठाने के कारण यहां कोरोना ज्यादा फैला।

जब कोरोना ब्राजील में अपने पैर जमा रहा था, तब ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलोसोनारो ने किसी तरह का कोई लॉकडाउन नहीं किया। अब हालात यह है कि वहां संक्रमित लोगों को अस्पताल में रखने के लिए जगह कम पड़ रही है। इतना ही नहीं बोलोसोनारो के बयान से साफ जाहिर होता था कि वह कोरोना की बिल्कुल परवाह नहीं करते, उन्होंने तो वैक्सीन को लेकर भी एक अटपड़ा बयान दिया था। अपने बयान में बोलसोनारो ने कहा था कि मैं आपसे कह रहा हूं मैं इसे नहीं लेने वाला हूं। यह मेरा हक है। उन्होंने वैक्सीन को लेकर कहा था कि वैक्सीन आपको मगरमच्छ या दाड़ी वाली महिला में बदल सकती है। साल के अंत में उन्होंने कोरोना को थोड़ा फ्लू कहा था। मास्क की उपयोगिता को भी उन्होंने कठघरे में खड़ा किया था। उन्होंने मास्क लगाने पर कहा था कि इस बात के कोई पूर्ण साक्ष्य नहीं है कि मास्क लगाने से कोरोना रुकेगा। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा था कि कोरोना से जंग में मास्क ही एक कारगार हथियार है, जो इसके संक्रमण को बढ़ने से रोकता है।

राष्ट्रपति की लापरवाही का आलम यहां तक पहुंच गया था कि वह खुद कोरोना से संक्रमित हो गए थे। लेकिन फिर भी उन्होंने कोरोना को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। आज राष्ट्रपति की उस लापरवाही का नतीजा ब्राजील के लोगों के लिए भारी पड़ रहा है। भारत के उत्तर-प्रदेश से भी कम आबादी का देश है ब्राजील। फिर भी कोरोना वायरस को लेकर यहां व्यवस्थाएं नहीं की गई। ब्राजील की कुल आबादी 19 करोड़ के लगभग है। 3 लाख के करीब केवल कोरोना महामारी के कारण मारे जा चुके है। लापरवाही के कारण ब्राजील के राष्ट्रपति की आलोचना पूरी दुनिया में हो रही है। ब्राजील में इस समय कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या 1.2 करोड़ है, तो वहीं 1.06 करोड़ ठीक हो चुके है।

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