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अमेरिका ने उठाया बड़ा कदम ,सऊदी में 3,000 अतिरिक्त सैनिकों की होगी तैनाती

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने ईरान से निपटने के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। अमेरिका ने तेल सुविधाओं पर ड्रोन हमलों के मद्देनजर सऊदी अरब में 3,000 अतिरिक्त सैनिकों को तैनात करने की घोषणा की है। जिससे कि अपनी रक्षात्मक क्षमताओं को बढ़ाया और ईरानी आक्रामकता को कम किया जा सके। इस बात की जानकारी पॉम्पियो ने ट्विटर के जरिए दी।

पॉम्पियो ने ट्वीट में कहा, ‘संयुक्त राज्य अमेरिका अपनी रक्षात्मक क्षमताओं को बढ़ाने और ईरान की जारी आक्रामकता को कम करने में मदद करने के लिए सऊदी अरब में अतिरिक्त बल और सैन्य उपकरण तैनात कर रहा है।’ उन्होंने ईरान से एक सामान्य देश की तरह व्यवहार करने के लिए कहा है।

पॉम्पियो ने कहा, ‘ईरानी शासन को मौलिक रूप से अपने व्यवहार को बदलना चाहिए और एक सामान्य राष्ट्र की तरह काम करना चाहिए। या फिर वह अपनी अर्थव्यवस्था को ढहते हुए देखेंगे।’ कुछ हफ्तों पहले अमेरिका ने कहा था कि वह चार रडार सिस्टम, पैट्रिएट मिसाइल की एक बैटरी और लगभग 200 बलों को सऊदी अरब भेजेगा।

वहीं, ईरान के लिए विशेष अमेरिकी दूत ब्रायन हुक ने विदेश विभाग के संवाददाताओं से कहा, ‘आज,अतिरिक्त 3,000 सैनिक सऊदी अरब में जाएंगे।’

पत्रकारों से बातचीत में, हुक ने कहा कि सऊदी अरब अमेरिका का एक लंबे समय से सुरक्षा भागीदार है और उसने अपनी सुरक्षा के लिए अतिरिक्त समर्थन की मांग की और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का बचाव करने के लिए अतिरिक्त समर्थन का अनुरोध किया।

इस महीने की शुरुआत में सऊदी के तेल संयंत्रों पर हमला हुआ था। मानाजा रहा है कि  इसी कारण सऊदी की रक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए अमेरिका ने यह कदम उठाया है। पिछले कुछ महीनों से अमेरिका सैन्य उपकरणों को सऊदी में भेज रहा है। जिससे कि ईरान पर ज्यादा से ज्यादा दबाव बनाया जा सके।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव हाल के महीनों में बढ़ा है, जो क्षेत्र को सैन्य संघर्षों की ओर धकेल रहा है। वॉशिंगटन ने पिछले महीने पूर्वी सऊदी अरब में तेल संयंत्रों पर ड्रोन हमलों के लिए तेहरान को जिम्मेदार ठहराया, जबकि तेहरान ने इस आरोप को सिरे से नकार दिया था।

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