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Army की बर्बरता से नाराज म्यांमार के 19 पुलिसकर्मी पहुंचे भारत, कहा- यही चाहते हैं रहना

अपने लोकतांत्रिक अधिकार और निर्वाचित सरकार बहाल करने को लेकर म्यांमार में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों पर सेना की क्रूरता जारी है। म्यांमार की जनता करीब एक महीने से सेना के चंगुल से खुद को आजाद करवाने के लिए जद्दोजहद में लगी है। लेकिन सेना के चंगुल से आजादी तो नहीं लोगों को मौत जरूर मिल रही है। सेना की कार्रवाई में अब तक 54 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है। वहीं, हिरासत में करीब 1500 लोगों को लिया गया है। जनता तो त्राहि त्राहि कर ही रही हैं लेकिन अब देश के पुलिसकर्मी भी नाराज हैं। अपने लोगों पर गोलियां बरसाना उन्हें बुरा लग रहा है। लेकिन अपने से बड़े अधिकारियों के आदेश का पालन करने को वह विवश हैं। इसी से हताहत 19 पुलिसकर्मी भारत की सीमा में पहुंच आए है। ये सभी कुछ समय के लिए भारत में ही रहना चाहते हैं।

WION की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्वोत्तर से लगी सीमा से इन पुलिस कर्मियों ने भारत में प्रवेश किया है। एक स्थानीय अधिकारी द्वारा नाम ना छापने की शर्त पर बताया गया कि म्यांमार पुलिस के जवान उत्तर-पूर्वी राज्य मिजोरम के चंफई और सेरछिप जिले में पहुंचे हैं। लेकिन यह सभी निहत्थे पकड़े गए हैं इनके पास कोई हथियार नहीं पाया गया है।

अभी और लोगों के भारत आने की संभावना

एक अधिकारी की ओर से खुफिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया कि आशंका है कि अभी और भी लोग सीमा पार करके यहां आए। गृह मंत्रालय को भी इस संबंध में जानकारी दे दी गई है।इतना ही नहीं, हैरानी की बात तो यह है कि जो पुलिसकर्मी भारत आए हैं, वे पैदल चलकर भारत आए हैं।

भारत और म्यांमार की 1643 किमी सीमा जुड़ी हुई है। इसके बाद से सुरक्षाबलों की कार्रवाई में 54 लोग मारे जा चुके हैं। म्यांमार के लोग आंग सान सू की की चुनी हुई सरकार को बहाल करने की मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसके चलते अब तक 1500 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है।

म्यांमार में खूनी तांडव जारी, सेना की कार्रवाई में मरे 38 लोग 

म्यांमार की सेना से अमेरिका नेशांति बनाए रखने का आग्रह किया है। साथ ही अमेरिका ने कहा कि दुनिया के सभी देशों को म्यांमार के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।

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