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18 साल की पर्यावरण एक्टिविस्ट थुनबर्ग ने रचा इतिहास, स्वीड़न ने जारी किया पोस्टर स्टैंप

पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थुनबर्ग एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार सुर्खियों में रहने का कारण है कि उनको स्वीडन ने अपनी डाक टिकटों पर उनके पोस्टर को स्टैंप बनाया है। वह ज़्लाटन इब्राहिमोविक से ग्रेटा गार्बो तक स्वीडिश व्यक्तित्वों की प्रसिद्धि के एक हॉल में शामिल होंगी, जिन्हें देश के डाक टिकटों पर चित्रित किया गया है। टिकट गुरुवार को पोस्टनॉर्ड से बिक्री के लिए जाते हैं जिनमें थुनबर्ग को अपने परिचित पीले रेनकोट में एक चट्टानी तट पर खड़े पक्षियों के झुंड में दिखाया गया है।  पोस्टनार्ड के स्टांप डिवीजन के प्रमुख क्रिस्टीना ओलोफदोटर ने कहा, “हमें उम्मीद है कि, एक बड़ी कंपनी के रूप में, हम बहुत ही महत्वपूर्ण जलवायु प्रश्न पर प्रकाश डाल सकते हैं, एक छोटी सी मुहर की मदद से।” ग्रेटा 18 साल की हो चुकी हैं।

ओलोफदोटर ने कहा “चारों ओर बहुत सारे ग्रेट्स होंगे और कई मिलियन स्टैम्प जारी किए जाएंगे।” स्टनहोम में स्वीडिश संसद के बाहर अकेले विरोध करने के बाद थुनबर्ग ने 2018 में विश्व स्तर प्रसिद्धि हासिल की, मांग की कि उनकी सरकार जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाई करे। महीनों के भीतर, 135 देशों में 2 मिलियन से अधिक छात्रों ने अपनी पिकेट लाइनें स्थापित कीं, जो कि थंडरबर्ग के “जलवायु के लिए स्कूल हड़ताल” अभियान में शामिल हुईं। 2019 में, थुनबर्ग ने कार, ट्रेन और नाव से दुनिया को पार करने के लिए स्कूल से एक साल का समय लिया था।  अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने विमान का प्रयोग नहीं किय़ा। जब ग्रेटा को आवार्ड दिया गया तब अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनका मज़ाक उठाते हुए ट्वीट किया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि ””क्या बकवास है। ग्रेटा को पहले अपने गुस्से पर क़ाबू पाना सीखना चाहिए और फिर किसी दोस्त के साथ कोई पुराने ज़माने की फ़िल्म देखने जाएं। चिल ग्रेटा चिल।” ट्रंप ने अमेरिकी चुनाव को लेकर ट्वीट किया था कि ”स्टॉप द काउंट।” ट्रंप के टवीट का जवाब उसी के शब्दों में देते हुए ग्रेटा थुनबर्ग ने उन्हीं के 2019 वाले शब्दों का प्रयोग किया हैं। थुनबर्ग ने ट्रंप के ट्वीट को रि-ट्वीट करते हुए कहा ” ”क्या बकवास है। डोनाल्ड को पहले अपने ग़ुस्से पर क़ाबू पाना सीखना चाहिए और फिर किसी दोस्त के साथ पुराने ज़माने की कोई फ़िल्म देखने जाएं। चिल डोनाल्ड चिल।”

यह भी पढ़े:

ग्रेटा थनबर्ग ने ट्रंप पर उन्हीं के शब्दों में साधा निशाना

 

https://thesundaypost.in/world/greta-thorne-targets-trump-in-his-own-words/

ग्रेटा थुनबर्ग को 25 सितंबर को ‘राइट लाइवलीहुड अवार्ड’ से सम्मानित किया गया था। जलवायु परिवर्तन से निपटने को लेकर थनबर्ग की मुहिम ‘‘फ्राइडे फॉर फ्यूचर’’ अगस्त 2018 में उस समय आरंभ हुई थी, जब उन्होंने स्वीडन की संसद के सामने ‘‘जलवायु के लिए स्कूल हड़ताल’’ के बोर्ड के साथ अकेले बैठकर प्रदर्शन करना शुरू किया था। 2019 में अमेरिका की प्रतिष्ठित मैंगजीन टाइम ने पर्सन ऑफ द ईयर अवार्ड दिया था।

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