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जर्मनी में सियासी परिवर्तन : फीकी पड़ती सत्ता में  महिलाओं की चमक

 

19 फरवरी 1919 को जर्मन संसद में एक भाषण शुरू हुआ “जेंटलमैन और लेडीज,”  जो  इतिहास का हिस्सा बना था. ये शब्द एक महिला के मुंह से निकले थे. मारी यूखाच लोकतांत्रिक जर्मन संसद की पहली महिला सांसद थी.|  एसपीडी की यूखाच उन 37 महिलाओं में शामिल थीं जो 1919 में जर्मन संसद के लिए चुनी गयी थीं. उस समय कुल सांसदों का 9 प्रतिशत | .लेकिन अब करीब 100 साल बाद जर्मन सांसद में 37.1 प्रतिशत महिला सांसद हैं. कुल 630 सांसदों में 234. यह संख्या अपने आप में बहुत ज्यादा लग सकती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में जर्मनी का स्थान 190 देशों में 22वें नंबर पर है.

वर्ष 2005 में जब अंगेला मैर्केल को चांसलर चुना गया था किसी ने सोचा भी नहीं था जर्मनी देश का सबसे बड़ा पद किसी महिला को मिलेगा | जर्मनी की सत्ता में 16 वर्षों तक रहने के बाद अंगेला मैर्केल अब अपना पद छोड़  देंगी | अंगेला मैर्केल को  2015 में टाइम्स पत्रिका ने ” पर्सन ऑफ द ईयर” चुना था |

जर्मिनी में आम चुनावों के नतीजे आ गए हैं लेकिन बहुमत किसी भी पार्टी को नहीं मिला हैं |  अब नजरें इस बात पर टिकी है कि छोटी पार्टियों के साथ मिलकर सत्ताधारी गठबंधन का नेतृत्व एसपीडी करेगी या फिर सीडीयू. अंतरिम नतीजों के अनुसार एसपीडी (25.7 प्रतिशत) और सीडीयू-सीएसयू (24.1 प्रतिशत) के बाद तीसरा स्थान ग्रीन पार्टी को मिला है जिसने 14.8 प्रतिशत वोट हासिल किए हैं. एसपीडी  को २०६ सीट ,सीडीयू-सीएसयू 196 सीट, ग्रीन पार्टी को को 118 सीट अएफडी को 83 सीट और फडीपी को 92 सीट मिली हैं |

इन  नतीजे से साफ हैं कि सरकार एसपीडी या सीडीयू-सीएसयू के नेतृत्व में ही बनेगी.| लेकिन  ग्रीन पार्टी के साथ साथ कारोबारी समर्थक एफडीपी पार्टी किंगमेकर की भूमिका निभा सकती है जिसे 11.5 प्रतिशत वोट हासिल हुए हैं..

लेकिन चांसलर के लिए  सभी उम्मीदवार अपनी सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं |  एसपीडी के चांसलर उम्मीदवार ओलाफ शॉल्त्स ने कहा है कि उनकी पार्टी को बहुत सारे लोगों ने वोट दिया है और वह सरकार में बदलाव लाना चाहते  हैं. इसके विपरीत सीडीयू-सीएसयू के चांसलर पद के उम्मीदवार आर्मिन लाशेट ने पार्टी को चुनावों में हुए भारी नुकसान के बावजूद सरकार बनाने का दावा किया है.|  उन्होंने कहा कि वह यूनियन पार्टियों के नेतृत्व में सरकार बनाने के लिए सारे प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा कि अब भविष्य के गठबंधन की जरूरत है और चांसलर वही होगा जो विरोधाभासों को जोड़ने में कामयाब हो. सहोदर पार्टी सीएसयू के नेता बवेरिया के मुख्यमंत्री मार्कुस जोएडर ने आर्मिन लाशेट का समर्थन करते हुए कहा कि मतदाताओं ने वामपंथी गठबंधन को ठुकरा दिया है और मध्यमार्गी गठबंधन को समर्थन दिया है.

स्पष्ट है कि सीडीयू-सीएसयू की कोशिश ग्रीन पार्टी और बिजनेस फ्रेंडली फ्री डेमोक्रैटिक पार्टी के साथ गठबंधन बनाने की है. एफडीपी के नेता क्रिश्टियान लिंडनर चुनाव नतीजों को मध्यमार्गी पार्टियों की जीत बताया है और कहा है कि राजनीतिक केंद्र मजबूत हुआ है जबकि हाशिए की पार्टियां कमजोर हुई हैं. उन्होंने कहा कि जनादेश मध्यमार्गी सरकार बनाने के लिए है. इसे सीडीयू-सीएसयू के पक्ष में दिया गया बयान माना जा सकता है.

ग्रीन पार्टी की चांसलर उम्मीदवार अनालेना बेयरबॉक ने स्वीकार किया है कि पार्टी अपना चुनावी लक्ष्य हासिल करने में विफल रही है. उन्होंने कहा कि पार्टी अगुआ राजनीतिक ताकत के रूप में देश को गढ़ना चाहती थी, “हम ज्यादा चाहते थे लेकिन इसे हासिल नहीं कर पाए, चुनाव प्रचार के शुरू में अपनी गलतियों के कारण, मेरी अपनी गलती के कारण.लेकिन यह ग्रीन पार्टी का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है. ग्रीन पार्टी ने अनालेना  बेमरबॉक को अपना पहला महिला चांसलर उम्मीदवार बनाया था |  वह इन नतीजों से खुश नहीं हैं  वह इस बार सरकार का नेतृत्व करने की उम्मीद रखे हुए थी |

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