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Uttarakhand

उत्तराखंड में कौन बनेगा कांग्रेस का सांसद !

उत्तराखंड की 5 सीटों का एग्जिट पोल के नतीजे आ चुके हैं । जिनमें ज्यादातर भाजपा के पक्ष में बता रहे हैं । एग्जिट पोल के नतीजे 5 सीटों में से चार भाजपा को तथा कांग्रेस को सिर्फ एक सीट पर ही जीता हुआ बता रहे हैं । अगर ऐसा है तो उत्तराखंड की वह 1 सीट कौन सी होगी, जिसपर कांग्रेस के प्रत्याशी की जीत होगी ?
 बहरहाल उत्तराखंड में भाजपा की 4 सीट को जीतने की इतनी चर्चा नहीं है जितनी कांग्रेस को 1 सीट मिलने की हैं । क्योंकि उत्तराखंड में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत तथा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और राज सभा सांसद प्रदीप टम्टा के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी के पुत्र मनीष खंडूडी के नाम पर सभी की नजरें है । गौरतलब है कि नैनीताल लोकसभा सीट से प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था । तब उनके शिष्य और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट पर पार्टी ने अपना विश्वास जताया । अजय भट्ट नैनीताल से मजबूती से चुनाव लड़े । वह यह चुनाव अपने नाम पर नहीं बल्कि देश के प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर लड़े ।हालांकि पूरे देश में भाजपा के प्रत्याशियों की स्थिति लगभग ऐसी ही थी । ‘दि संडे पोस्ट’  ने बकायदा लोकसभा चुनाव में डोर टू डोर मतदाताओं से बात की ।जिससे पता चला कि ज्यादातर लोग अजय भट्ट को जानते ही नहीं थे । बल्कि वह मोदी के नाम पर अजय भट्ट को वोट दे रहे थे । वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के प्रत्याशी हरीश रावत का नैनीताल –  उधम सिंह नगर लोकसभा में मतदाताओं से सीधा जुड़ाव रहा । हालांकि यह चुनाव मैनेजमेंट में अंतिम 2 दिनों में पिछड़ गए थे । हरीश हरीश रावत और अजय भट्ट दोनों ही अपनी जीत की दावेदारी कर रहे हैं । उधर टिहरी लोकसभा सीट पर राजघराने की माला राजलक्ष्मी शाह को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कड़ी टक्कर दी थी । इसके बलबूते लोगों में यह चर्चा रही की इस बार भाजपा के लिए टिहरी सीट जीतना मुश्किल हो गया था ।यहां तक की नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इंदिरा हरदेश में चुनावी समय में ही यह घोषणा करके सबको पसोपेश में  डाल दिया था की कांग्रेस टिहरी सीट जीत रही है । हालांकि इंद्रा हिर्देश  ने तब प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हरीश रावत को जीता हुआ कैंडिडेट घोषित नहीं किया था । हालांकि इंदिरा हरदेश के इस बयान के पीछे उनका और हरीश रावत का 36 का आंकड़ा बता कर मामला दूसरी तरफ मोड़ दिया गया । इसी के साथ साथ पोढी सीट पर भी सभी की नजरें गडी है ।यहां प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी जो कभी भाजपा के लिए जरूरी हुआ करते थे उन्हें पार्टी ने टिकट नहीं दिया । ऐन वक्त पर उनके बेटे मनीष खंडूडी  ने राजनीति में एंट्री की । कांग्रेस ने मनीष खंडूडी को हाथो हाथ पोढी लोकसभा से टिकट दे दिया । फिलहाल  जो 1 सीट कांग्रेस को जाने की बात हो रही है उसने पोढी सीट भी शामिल है । इसमें पोढी सीट से मनीष खंडूडी को बढ़त बनाता हुआ दिखाया जा रहा है । इसके अलावा अल्मोड़ा लोकसभा सीट पर भी दिलचस्प मामला लग रहा है । अल्मोड़ा से भाजपा के राज्य मंत्री अजय टम्टा और कांग्रेस के  राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा के बीच में मुकाबला काफी करीब हुआ था । इससे परिणाम कुछ भी सामने आ सकते है । फिलहाल कांग्रेस पार्टी में इस बात को लेकर बेचैनी है की पार्टी की 1 सीट किस प्रत्याशी की आ रही हैं ?
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी के महामंत्री हरीश रावत अपनी जीत को लेकर निश्चिंत है । वह कहते हैं कि उन्हें ठाकुरों का ही नहीं बल्कि ब्राह्मण मतदाताओं का पूरा सहयोग मिला । लोगों का मन है कि वह दिल्ली में बैठकर उत्तराखंड के लिए योजनाओं का खाका खींचे । इसलिए ज्यादातर लोग उन्हें सांसद देखने का ख्वाब संजोए हुए हैं । उनका यह ख्वाब जरूर पूरा होगा ।
जबकि दूसरी तरफ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और नैनीताल से पार्टी प्रत्याशी अजय भट्ट कहते हैं कि उनकी प्रदेश में पांचों सीट आ रही है । उनकी पार्टी का कोई भी प्रत्याशी चुनाव नहीं हार रहा है । उत्तराखंड में एक बार फिर 2014 की पुनरावृति हो रही है ।

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