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Uttarakhand

कोरोना से बेहाल उत्तराखण्ड, सच साबित होती भविष्यवाणी

देहरादून। तकरीबन तीन माह पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखण्ड में प्रवासियों के आने पर कहा था कि राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या 25 हजार तक भी पहुंच सकती है। आज मुख्यमंत्री की भविष्यवाणी सही प्रतीत होती दिख रही है। जिस तरह से कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं औेर विगत दस दिनों में ही कोरोना के मामले बड़ी तेजी बढ़े हैं। इससे यह आंशकाएं जताई जाने लगी है कि सितम्बर माह के अंत तक राज्य में कोरोना के मामले 25 हजार तक भी पुहंच सकते हैं। गौर करने वाली बात है कि कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या जिस तेजी से बढ़ रही है वह बड़ी राहत की बात है। लेकिन कोरोना से मरने वालों की तादात भी निरंतर बढ़ती ही जा रही है। सरकार द्वारा जारी किए गए कोरोना के आंकड़ों को देखें तो 25 अगस्त तक कोरोना संक्रमितों की कुल तादात 16014 तक पहुंच चुकी है। अभी तक कोरोना से मरने वालों की संख्या भी 213 तक हो चुकी है। हालांकि कोरोना संक्रमण से स्वस्थ होने वाले मरीजों की सख्ंया भी 11201 तक हो चुकी है। इस तरह से 25 अगस्त तक 4545 पॉजिटिव मरीज हैं।

तकरीबन सवा करोड़ की जनसंख्या वाले छोटे से पहाड़ी प्रदेश उत्तराखण्ड कोरोना का कहर से जूझ रहा है। बीते पंद्रह दिनों में प्रतिदिन 350 संक्रमितों के सामने आने का औसत देखा जा रहा है। आठ अगस्त को सबसे अधिक 501 मामले सामने आए थे। कोरोना संक्रमण के 164 दिन बीत चुके हैं और प्रदेश में कोरोना के मामले 16014 का आंकड़ा पार चुका है। यह छोटे से पहाड़ी प्रदेश के लिए बेहद चिंताजनक है। पहाड़ से लेकर मैदान तक कोरोना संक्रमण फैल चुका है। यहीं नहीं जो पहाड़ी जिले में कुछ समय पूर्व कोरोना से मुक्ति पा चुके थे या मुक्त होने की दहलीज तक पहुंच चुके थे वहां फिर से कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि पिछले तीस दिनों में जितने मामले बढ़े हैं वहीं ठीक होने वालों की संख्या संक्रमितों की संख्या से कम होना बड़ी चिंताजनक बात है। किस कदर उत्तराखण्ड को डरा रहा है यह पिछले महज दस दिनों यानी 16 से 25 अगस्त के बीच कोरोना का कहर टूटा है यह आंकड़े बेहद डरावने हैं।

15 अगस्त को कोरोना के कुल केस 11940 थे जिसमें 3997 पॉजिटिव केस थे। वहीं मरने वालों की संख्या 151 ही थी तो 25 अगस्त यानी महज दस दिनों के भीतर संक्रमितों की तादाद 16014 तक पहुंच चुकी है। यही नहीं कोरोना से मरने वालों की संख्या भी 213 तक पहुंच चुकी है, जबकि 25 अगस्त तक कोरोना पॉजिटिव के 4545 मरीज राज्य में मौजूद हैं।

प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी हेल्थ बुलेटिन के जनपद वार आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा मामले मैदानी जिलों से ही सामने आ रहे हैं। इनमें हरिद्वार जिला पहले स्थान पर है। यहां अभी तक 3918 मामले आ चुके हें जिसमें 1107 एक्टिव केस हैं। 33 लोगों की मौत हो चुकी है एवं 2767 मरीज कोरोना से मुक्त हो चुके हैं।

दूसरे स्थान पर उधमसिंह नगर जिला है जिसमें अभी तक 3169 कोरोना के मरीज सामने आ चुके हैं और इसमें 1241 कोरोना के एक्टिव मरीज हैं तो 15 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 1912 कोरोन के मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।

3132 कोरोना संक्रमित मरीजों के साथ देहरादून तीसरे स्थान पर है। इसमें अभी तक 105 लोगों की मोत हो चुकी है और 825 एक्टिव केस हैं, 2712 मरीज ठीक हो चुके हैं।

नैनीताल जिला कोरोना संक्रमण के चलते चौथे स्थान पर है। जिले में अभी तक कुल 2255 कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं जिसमें 44 लोगों की मृत्यु हो चुकी है और 656 कोरोना के एक्टिव केस मौजूद हैं। कोरोना से मुक्त होने वाले मरीजों की संख्या नैनीताल में 1554 तक पहुंच चुकी है।

अगर पर्वतीय जिलों की बात करें तो स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अभी तक टिहरी जिला पहले स्थान पर है। यहां अभी तक 896 कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं जिसमें 153 एक्टिव केस हैं ओैर 2 लोगों की मोत हो चुकी है। राहत देने वाली बात यह है कि जिस तरह से टिहरी में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं उसी तादाद में कोरोना से मुक्त होने वाले मरीजों की भी तादाद बढ़ी है। अभी तक टिहरी जिले में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 741 हो चुकी है।

पहाड़ी जिलां में उत्तरकाशी दूसरे स्थान पर है। इस जिले में अभी तक 697 कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं जिसमें अभी तक केवल दो ही व्यक्ति की मौत की खबर है। जिले में अभी तक 184 एक्टिव केस कोरोना के संक्रमितों के हैं और संक्रमण से मुक्त होने वाले मरीजों की संख्या भी 510तक पहुंच चुकी है।

अल्मोड़ा जनपद पहाड़ी जिलों में तीसरा ऐसा जिला बन गया है जिसमें कोरोना के मामले बड़ी तादात में सामने आए हैं। कुल 416 कोरोना के मामले जिले में हो चुके हैं। जिसमें 39 एक्टिव केस चल रहे हैं तथा 2 लोगों की मौत हो चुकी है। इसी तरह से अल्मोड़ा जिले में कोरोना से मुक्त होने वाले मरीजां की संख्या भी 374 तक हो चुकी है।

पहाड़ी जिलों में पौड़ी जिला चौथे स्थान पर है। जिले में अभी तक 412 कोरोना संक्रमण के मामले हो चुके हैं जिसमें 4 लोगां की मौत हो चुकी है और कोरोना के कुल 98 एक्टिव केस हैं तथा 300 मरीज कोरोना से मुक्त होकर स्वस्थ हो चुके हैं।

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि प्रदेश का सबसे कम जनसंख्या वाला पहाड़ी जिला चम्पावत भी कोरोना संक्रमण के मामले में पांचवे स्थान पर आ चुका है। इस छोटे से जिले में कोरोना से संक्रमितां की संख्या 250 तक हो चुकी है जिससे 63 कोरोना के एक्टिव केस जिले में बने हुए हैं और दो व्यक्तियों की मौत भी हो चुकी है। कोरोना से ठीक होने वाले मरीजां की तादाद चम्पावत जिले में 185 तक पहुंच चुकी है।

कोरोना से प्रभावित होने वाले पहाड़ी जिलां में चमोली जिला छठवें नम्बर पर आ चुका है। जिले में भी अभी तक 244 कोरोना के मामले हो चुके हैं। जिसमें कुल 62 एक्टिव केस हैं और 182 मरीज कोरोना से ठीक हो चुके हैं। चमोली जिले से अभी तक किसी के मरने का कोई मामला सामने नहीं आया है।

पिथौरागढ़ जनपद कोरोना से संक्रमित हो कर सातवें स्थान पर है। पिथौरागढ़ में अभी तक कोरोना से संक्रमितों की तादाद 229 हो पहुंच चुकी है जिसमें 17 एक्टिव केस हैं तथा 210 कोरोना के मरीज कोरोना से मुक्त हो चुके हैं। राहत की बात यह है कि पिथौरागढ़ जिले में अभी तक कोरोना से केवल 2 लोगों की मृत्यु होने का ही मामला सामने आया है।

बागेश्वर जिले में भी कोरोना ने अपनी दस्तक फिर से दे दी है। बागेश्वर में 209 तक कोरोना के मामले हो चुके हैं जिसमें अभी तक केवल एक व्यक्ति की मौत होने का मामला सामने आया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार बागेश्वर जिले में कोरोना के 28 एक्टिव केस हैं तथा 180 मरीज ठीक हो चुके हैं।

रूद्रप्रयाग जिला जो कि कोरोना से पूरी तरह से मुक्त होने की कगार पर पहुंच गया था, लेकिन कोरोना के नये मामले सामने आने पर एक बार फिर से जिले में कोरोना की दस्तक हो चुकी है। जिले में अभी तक 187 मामले कोरोना के सामने आए हैं जिसमें केवल 1 व्यक्ति की मौत का मामला सामने आया है और कुल 72 एक्टिव केस कोरोना के चल रहे हैं। कोरोना से मुक्त होने वालां की तादाद रूद्रप्रयाग जिले में सबसे ज्यादा रही है। अभी तक कोरोना से स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या 114 तक पहुंच चुकी है।

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