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पैराग्लाइडिंग के माध्यम से साहसिक पर्यटन और रोजगार की संभावनाएं

उत्तराखंड: पैराग्लाइडिंग के माध्यम से साहसिक पर्यटन और रोजगार की संभावनाएं

उत्तराखण्ड एक ऐसा प्रदेश है जहां पर्यटन की अपार संभावनाए हैं। यहां देश ही नहीं, बल्कि विदेशों के लोग भी पहाड़ों की सुंदर वादियों और यहां के वातावरण का लुत्फ उठाने पहुंचते हैं। प्रदेश में कई तरह के पर्यटन के साथ ही अब यहां हो रही पैराग्लाइडिंग भी लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करने लगी है। प्रदेश में कई ऐसी जगह हैं, जहां पर पैराग्लाइडिंग से आप पक्षी की तरह उड़कर आसमान का लुत्फ उठा सकते हैं। वह दिन दूर नहीं जब जनपद नैनीताल का कोटाबाग क्षेत्र पैराग्लाइडिंग का मशहूर केंद्र बनेगा।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम से अपनी पहचान रखने वाले कोटाबाग को अब पैराइग्लाइडिंग केंद्र के नाम से भी पहचाना जाएगा। अगर आप किसी हिल स्टेशन की यात्रा करने जा रहे हैं और आप किसी साहसिक खेल की तलाश में हैं तो पैराग्लाइडिंग के लिए आपका कोटाबाग में स्वागत है। पैराग्लाइडिंग पर्यटन के साथ-साथ रोजगार का बेहतर माध्यम भी बन रहा है। कोटाबाग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन की मेहनत रंग लाई तो कोटाबाग वल्र्ड स्तर के 5 शीर्ष स्थानों में से प्रथम साबित हो सकता है।

पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए पैराग्लाइडिंग एंड एडवेंचर एसोसिएशन ने बीड़ा उठाया है। एसोसिएशन की अध्यक्ष ममता ढौंडियाल हैं जिनका उद्देश्य परवान चढ़ा तो वह दिन दूर नहीं जब कोटाबाग को पैराग्लाइडिंग प्वाइंट के नाम से जाना जाएगा और देश विदेश के लोग यहां पैराग्लाइडिंग करने पहुंचेंगे। एसोसिएशन द्वारा संचालित पैराग्लाइडिंग के साथ ही भविष्य में युवाओं को पायलट की ट्रेनिंग भी दिया जाना है और साथ ही पैराग्लाइडिंग एयरो स्पोट्र्स को राज्य में विकसित करना भी ढौंडियाल का मकसद है।

इसी के साथ एसोसिएशन के हिस्सा बने उपाध्यक्ष जगदीश जोशी जो बागेश्वर और उप सचिव अशोक भंडारी पिथौरागढ़ में पैराग्लाइडिंग के विकास के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने बताया कि बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ भी अच्छा पर्यटक क्षेत्र है। यहां भी इसकी अधिक संभावनाएं हैं। सचिव राहुल रावत एवं कोषाध्यक्ष ललित छिमवाल ने कहा कि पैराग्लाइडिंग को पर्यटन से जोड़ने के साथ ही इसके माध्यम से युवाओं को रोजगार से भी जोड़ना है। पर्यटन गतिविधियां हमेशा रहनी हैं।

गृह क्षेत्र में रहकर ही इससे बेहतर कोई रोजगार नहीं हो सकता। ममता ढौंडियाल ने बताया कि कोटाबाग में इसकी शुरुआत 2017 से की गई थी। यह पैराग्लाइडिंग सानणा से कोटाबाग को की जाती है। उन्होंने बताया कि भविष्य में यहां युवाओं को पायलट की ट्रेनिंग भी दिलाए जाने की तैयारी है। पैपैराग्लाइडिंग के जरिए आसमां में उड़ने की लोगों की इसी चाहत ने पैराशूट को जन्म दिया। पैराशूट में आप अपने मनमुताबिक आसमां की सैर कर सकते हैं।

धरती से हजारों फुट ऊपर से धरती को निहार सकते हैं और बादलों के साथ काफी करीब से आसमां का अनुभव कर सकते हैं। पैराशूट के सहारे आसमां और बादलों की सैर करना ही पैराग्लाइडिंग है। पिछले कुछ समय से युवाओं में पैराग्लाइडिंग को लेकर गजब का क्रेज देखा जा रहा है। इतना ही नहीं राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता के लिए कोटाबाग भगोलिक स्थिति और सुंदरता के हिसाब से महफूज जगह साबित हो सकता है, क्योंकि जर्मनी, ब्राजील, ब्रिटेन, फ्रांस आदि जगहों से कोटाबाग पैराग्लाइडिंग के लिहाज से बेहतर एवं अच्छी सुविधा वाला क्षेत्र है।

क्या करते हैं इंस्ट्रक्टर

इंस्ट्रक्टर का मुख्य काम नए पैराग्लाइडिंग को इंस्ट्रक्शन देना होता है। पैराग्लाइडिंग से संबंधित बारीकियों के बारे में बताना और उनके बारे में सही ट्रेनिंग देकर किसी भी आम इंसान को आसमां में उड़ने के लिए तैयार करने का काम पैराग्लाइडिंग इंस्ट्रक्टर ही करते हैं। जो अच्छी आमदनी का जरिया भी है।

यूं हासिल करें मुकाम

पैराग्लाइडिंग इंस्ट्रक्टर बनने के लिए देशभर में कई संस्थान अनेक जगह पाठ्यक्रम संचालित कर रहे हैं। कोटाबाग में भी एसोसिएशन बहुत जल्द इसकी शुरुआत करने जा रही है। 10वीं और 12 वहीं के बाद यह कोर्स और उचित ट्रेनिंग लेकर आप इंस्ट्रक्टर बन सकते हैं। कोर्स और ट्रेनिंग के साथ-साथ पैराग्लाइडिंग का नियमित अभ्यास बेहद जरूरी है। लेकिन कहीं पर ट्रेर्निग है तो अभ्यास की व्यवस्था नहीं है। संयोग से कोटाबाग ऐसा क्षेत्र बनेगा जहां ट्रेनिंग के साथ ही अभ्यास की भी व्यवस्था है।

जाहिद हबीबी

 

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