Uttarakhand

दबंगई के आगे बेबस मित्र पुलिस

दबंगों ने गरीब लड़की को सरेआम गोली मारकर हत्या कर डाली। अब पीड़ित परिवार को धमका रहे हैं कि शिकायत वापस ले लो, वर्ना घर की अन्य लड़कियों को उठा लेंगे। परिजनों की भी हत्या कर देंगे। इसके बावजूद मित्र पुलिस के हाथ उनके गिरेबान तक पहुंचने में कांप रहे हैं

 

उत्तराखण्ड में मित्र पुलिस की असली तस्वीर यह है कि वह आम नहीं, बल्कि सिर्फ खास आदमी की सुरक्षा के लिए ही बनी है। यही वजह है कि दबंग आकर खुलेआम आम लोगों को मौत की नींद सुला देते हैं। शिकायत करने पर पूरे परिवार को गोली से उड़ा देने और लड़कियों को उठाकर उनके साथ दुष्कर्म करने की धमकी देते हैं, लेकिन मित्र पुलिस उनके प्रति इतनी मेहरबान रहती है कि किसी भी शिकायत पर कार्रवाई को तैयार नहीं होती। हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में दबंगई का एक ऐसा ही मामला सामने आया है। 19 वर्षीय एक युवती की सरेआम दबंगों ने गोली मारकर हत्या कर दी। बाद में मुख्य हत्यारे ने तो खुद भी करंट लगाकर आत्महत्या कर ली। लेकिन उसके साथ हत्या में लिप्त रहे तीन अन्य दबंगों पर पुलिस इतनी मेहरबान है कि उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं।

घटना 6 जुलाई की है। इस दिन सुबह के समय डॉली नाम की युवती अपने घर के पास स्थित सरकारी नल पर पानी लेने गई थी। तभी वहां गांव के कुछ दबंग युवक मोहित चौहान, दीपक चौहान, संदीप चौहान आ धमके और उसके साथ छेड़छाड़ करने लगे। बात बढ़ने पर मोहित चौहान ने डॉली पर अपने देसी कट्टे से फायर किया। जिसके कारण वह जख्मी होकर नीचे गिर गई। उसके बाद मौके पर मौजूद तिलकराम नाम के एक अन्य व्यक्ति ने मोहित को उकसाते हुए कहा कि अभी यह मरी नहीं, इसे दूसरी गोली मार। इसके बाद मोहित ने दूसरी गोली चलाई। दूसरी गोली लगते ही डॉली की मौके पर ही मौत हो गई।

यह दिल दहलाने वाली घटना पूरे गांव के सामने हुई, पर दबंगों के डर से पूरा गांव शांत खड़ा देखता रहा। घटना को अंजाम देने के बाद सभी दबंग मौके से फरार हो गए। इसी घटना का एक अहम पहलू यह भी है कि इस घटना के बाद गांव की ही एक लड़की ने जहरीला पदार्थ खाकर उसी दिन आत्महत्या कर ली।

दबंगों ने डॉली नामक जिस लड़की की गोली मारकर हत्या की उसकी बहन रूबी ने मुख्य न्यायाधीश को लिखे एक पत्र में बताया कि गांव की जिस लड़की जहर खाया उसके साथ मोहित के अवैध संबंध थे। इस घटना से कुछ दिन पहले डॉली ने लड़की और मोहित को अपने घर की पास वाली गली में आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। दबंगों को यह डर था कि यदि डॉली ने यह सब बात गांव के लोगों को बता दी तो समाज में उनकी बहुत बदनामी होगी, क्योंकि लड़की और मोहित एक ही परिवार से थे। दोनों के बीच चाचा भतीजी का रिश्ता भी था। इसीलिए इन सबने इकट्ठे होकर डॉली की हत्या कर दी।

डॉली की हत्या के बाद मुख्य आरोपी मोहित चौहान सदमे में आ गया और उसने खुद को करंट लगाकर अपनी भी जान दे दी। रूबी ने आरोप लगाया कि लक्सर कोतवाली पुलिस इस मामले में दबंगों का साथ दे रही है क्योंकि इस गांव में हमारी जाति के केवल चुनिंदा लोग रहते हैं, जबकि चौहान बिरादरी का कार्रवाई गांव में बहुत दबदबा है। पुलिस यह कहकर इस मामले से पल्ला झाड़ रही है कि गोली चलाने वाला मोहित चौहान अब इस दुनिया में नहीं है, जबकि हत्या में उसके साथ आए लोग जो लगातार उसे उकसा रहे थे, वह अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। रूबी ने यह भी बताया कि डॉली की हत्या के बाद हमारा पूरा परिवार सदमे में है। हम लोगों को हर रोज धमकी मिलती है कि इस मामले में कहीं शिकायत न करो, वरना तुम सब जान से हाथ धो बैठोगे। रूबी ने बताया कि कुछ दिन पहले मेरे ताऊ प्रेम प्रजापति को लक्सर में दीपक चौहान ने धमकी दी कि डॉली के बाप सकटू सिंह को बोल देना कि इस मामले में समझौता कर ले, नहीं तो पूरे परिवार को गोली से उड़ा देंगे।

रूबी ने एक और बात से पर्दा हटाया। उसने बताया कि डॉली की हत्या के दिन गांव लड़की ने बदनामी के डर से जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। लेकिन उसके दबंग परिवार वालों ने विशाल हेल्थ केयर नेहरू नगर रुड़की से एक मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाया जिसमें उसे डिहाइड्रेशन की वजह से मरना दिखाया गया। जबकि उसने जहर खाकर आत्महत्या की थी। हो सकता है उसे जहर देकर मारा भी गया हो। रूबी ने बताया कि इस मामले में लक्सर पुलिस पूरी तरह दबंगों का साथ देती नजर आ रही है। डीजीपी उत्तराखण्ड को लिखे एक पत्र में मृतका डॉली के पिता सकटू प्रजापति ने अनुरोध किया था कि इस मामले की जांच लक्सर कोतवाली से न कराकर किसी और थाना, कोतवाली की पुलिस से कराई जाए। उन्होंने अपने घर की महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए भी मांग की थी, क्योंकि उनके परिवार की लड़कियों को उठाकर दुष्कर्म करने की धमकियां दबंग दे रहे हैं। लेकिन उनकी यह मांग अभी तक पूरी नहीं हो पाई, जबकि हत्याकांड के बाद से हर दिन इस पूरे परिवार को लगातार किसी न किसी रूप में धमकी दी जा रही है। इस मामले में 22 जुलाई को दिए गए एक प्रार्थना पत्र में भी सकटू प्रजापति ने एसएसपी हरिद्वार से गुहार लगाई कि यह जांच थाना लक्सर निष्पक्ष रूप में नहीं कर रहा है। एक ओर पुलिस केवल जांच करने की बात कह रही है, वहीं दूसरी ओर उसकी बेटी के हत्यारे उसे सरेआम धमकी दे रहे हैं कि चुपचाप घर बैठ जाओ नहीं तो जान से हाथ धो बैठोगे। प्रार्थना पत्र में सकटू प्रजापति ने आशंका जताई कि उसके या उसके परिवार की हत्या हो सकती है।

गांव वाले खुद सकटू प्रजापति के घर आकर बताते हैं कि वो लोग धमकी दे रहे हैं कि यदि उन्होंने समझौता न किया तो इनके परिवार की सभी लड़कियों और महिलाओं को उठाकर उनके साथ जबरदस्ती करेंगे। सभी आदमियों को गोली मार देंगे। ‘दि संडे पोस्ट’ से बातचीत में रूबी प्रजापति ने बताया कि डर के कारण हमारे परिवार की कोई भी लड़की और महिलाएं घर से बाहर नहीं निकल रही है। जिस कारण से हमारी पढ़ाई भी बीच में छूटती जा रही हैं। इतना सब होने के बाद भी पुलिस इन हत्यारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

इस मामले में पीड़ित परिवार का सहयोग कर रही समाज सेविका संगीता प्रजापति ने बताया कि दो अगस्त को इस मामले के संबंध में हम पुलिस कप्तान से मिले। जिसके बाद पुलिस ने संदीप चौहान को गिरफ्तार कर लिया, पर कुछ देर के बाद छोड़ दिया। संगीता प्रजापति ने बताया कि इस मामले में पुलिस दबंगों पर दरियादिल दिखती है।

 

डेथ सर्टिफिकेट पर भी सवाल!

इस पूरी कहानी में एक और बात सामने निकलकर आई है, वो है उस लड़की का डेथ सर्टिफिकेट जो रुड़की के नेहरू नगर स्थित विनय विशाल हेल्थ केयर के डॉक्टर विनय कुमार गुप्ता ने जारी किया है। सर्टिफिकेट में डॉक्टर विनय गुप्ता ने प्रमाणित किया है कि लड़की की मौत उल्टी दस्त और डिहाइड्रेश से हुई। जबकि पूरी कहानी को जोडं़े और डॉली के परिजनों की मानें तो लड़की की मौत नॉर्मल नहीं थी। उसकी मृत्यु उसी दिन हो गई थी जिस दिन मोहित चौहान ने उसे गोली मारी।

सवाल उठ रहा है कि लड़की के परिजनों को उसे पास के किसी निजी या सरकारी अस्पताल के बजाए करीब चालीस किलोमीटर दूर स्थित विनय विशाल हेल्थ केयर अस्पताल में ले जाने की जरूरत क्यों पड़ी?

‘दि संडे पोस्ट’ ने जब डेथ सर्टिफिकेट जारी करने वाले अस्पताल के डॉक्टर विनय कुमार गुप्ता से संपर्क करना चाहा तो कई घंटों की खासी मशक्कत के बाद उनसे बात हुई। बातचीत में उन्होंने बडे़ लापरवाही भरे लहजे में बताया कि वह लडकी मेरे पास दोपहर 3 बजकर 57 मिनट पर आई थी। लड़की की हृदय गति रुकी हुई थी। भी लगा कि लड़की ने जहर खाया है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर संदेह होने पर भी डॉक्टर विनय कुमार गुप्ता ने पुलिस को इस बारे में सूचित क्यों नहीं किया। उल्टा डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया।

सवाल इस बात पर भी उठ रहे कि आखिर लड़की का अंतिम संस्कार आनन-फानन में क्यों किया गया? अस्पताल से उसका शव लाकर परिजनों ने रात करीब 2 बजे उसका अंतिम संस्कार कर दिया, जबकि हिंदू धर्म में किसी भी सूरत में रात को अंतिम संस्कार करना अधर्म की बात है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या जहर खाकर जान देने वाली लड़की के परिजनों को किसी सच्चाई के खुल जाने का डर था जो रात को ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया?

 

बात अपनी -अपनी

मैं बिजी हूं, अभी इस मामले में कोई बात नहीं कर पाऊंगा।
नवनीत सिंह भुल्लर, एसपी देहात

मामले की खबर मिलते ही मैं मौके पर पहुंचा। आस-पास मौजूद लोगों ने मुझे उस समय यही बताया था कि मामला एकतरफा प्यार का है। बाकी इस मामले के बारे में ज्यादा जानकारी इंस्पेक्टर अभिनय शर्मा ही दे सकते हैं। उन्होंने ही इस मामले की जांच की थी।
विनोद गोला, सब इंस्पेक्टर

जिन लोगों ने मेरी बहन की हत्या की अब वे धमकी दे रहे हैं कि यदि हमने समझौता न किया तो वे हमारे परिवार की सभी लड़कियों को उठा लेंगे। उनके साथ जबरदस्ती करेंगे और परिजनों को गोली मार देंगे। हमारा पूरा परिवार डर के साए में जी रहा है।
रूबी, मृतक डॉली की बहन

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