[gtranslate]
Uttarakhand

नहीं रहे दृष्टिहीनों को दिशा देने वाले….

  •        भारती पाण्डेय

अल्मोड़ा में टैक्सी स्टैंड के नीचे एक ऑफिस हुआ करता था। जहां अक्सर दृष्टिहीन लोग अपनी समस्याओं को लेकर जाते थे। जब वह जाते थे तो उनके सामने समस्याओं का अंधेरा होता था। लेकिन जब वह आफिस से आते थे तो लगता था कि उन्हें उजाला मिल गया है। यानी कि उनका ऑफिस में जाने के बाद समस्याओं का समाधान हो जाता था। ऐसे दृष्टिहीनों की सभी समस्याओं का समाधान करने वाले डीके जोशी थे। जो अब इस दुनिया में नहीं रहे।

वह डीके जोशी जो खुद दृष्टिहीन थे, लेकिन उन्होंने कभी भी अपनी दृष्टिहीनता को कमजोरी नहीं माना। बल्कि दृष्टिहीनता को उन्होंने ताकत बना लिया। गत् 25 नवंबर को वह हमसे सदा सदा के लिए जुदा हो गए। इसी के साथ ही अल्मोड़ा और आस-पास के दृष्टिहीनों को वह दिशा भी अब शायद ना मिल पाए जो डीके जोशी द्वारा दी जाती थी।

डीके जोशी कभी जल निगम में सेवारत थे। जल निगम में रहते हुए भी उन्होंने कर्मचारी आंदोलन किए। इस दौरान उन्होंने तमाम कर्मचारी संगठनों को एकजुट कर एक समन्वय समिति बनाई। जिसके जरिए वह कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान कराते थे। जल निगम में रहने के दौरान उन्होंने विभागीय भ्रष्टाचार के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया था। यही नहीं बल्कि ‘नशा नहीं रोजगार दो’ जैसे सामाजिक आंदोलन में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई।

तमाम उम्र अविवाहित रहने वाले डीके जोशी की सन् 1995 में आंख खराब हुई। वह इससे उभरकर दृष्टिहीनों के लिए दिशा बन गए। बाद में उन्होंने राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ बनाया। इस संघ में उन्होंने दृष्टिहीनों की सभी समस्याओं को समाधान कराने का बीड़ा उठाया। दृष्टिहीनों की पेंशन लगानी हो या उनका कोई सरकारी कामकाज अटका हुआ हो, वह सब डीके जोशी के अल्मोड़ा स्थित कार्यालय से ही कराए किए जाते थे।

वह उसूलों के पक्के थे। इसका एक उदाहरण यह भी है कि रात को 10ः00 बजे के बाद माइक बंद होने वाले नियम को वह अल्मोड़ा के एसपी को उनके सामने ही समझा आए। हुआ यह था कि एक रामलीला में कार्यक्रम हो रहा था। जिसमें रात 10ः00 बजे के बाद भी माइक चल रहा था। वहां पर अल्मोड़ा के एसपी भी मौजूद थे। तब डीके जोशी ने इस मामले पर एसपी की न केवल क्लास ली बल्कि कहा कि जब नियम बनाने वालो के सामने ही नियम तोड़े जाएंगे तो नियमों का रखवाला कौन होगा। उनकी याद में नगर पालिका भवन में श्रद्धांजलि समारोह किया गया। जिसमें शहर के तमाम बुद्धिजीवी और नेतागण मौजूद रहे। इस अवसर पर उत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने उनके सामाजिक सरोकारों को जनता के सामने रखा।

You may also like

MERA DDDD DDD DD