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उत्तराखण्ड के कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य से  बातचीत के मुख्य अंश :

निकाय चुनावों के परिणामों को आप किस रूप में देखते हैं?
ये हमारी सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल पर जनता की मुहर है। संगठन एवं कार्यकर्ताओं की दृष्टि से ये जीत बहुत बड़ी है। इस जीत में संगठन एवं कार्यकर्ताओं की बड़ी
भूमिका रही। सबने एकजुटता एवं पूरी ऊर्जा के साथ चुनाव लड़ा। सामान्य कार्यकर्ता किसी भी पार्टी की रीढ़ होता है। ये भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता एवं जनता की जीत है।

आपको हल्द्वानी नगर निगम की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके इतर आपके प्रभाव क्षेत्र वाले ऊधमसिंहनगर जिले के रुद्रपुर एवं काशीपुर नगर निगमों में भी भाजपा की जीत क्या आपकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है?
देखिए, इसे व्यक्तिगत उपलब्धि कहकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता की मेहनत को नकारना होगा। ये मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पार्टी के हर कार्यकर्ता की उपलब्धि एवं जीत है। काशीपुर नगर निगम में बाजपुर विधानसभा क्षेत्र का भी कुछ हिस्सा आता है जहां से हम जीते हैं। रुद्रपुर में भी हम जीते हैं। जहां तक हल्द्वानी नगर निगम का प्रश्न है देहरादून के बाद ये प्रदेश का दूसरा बड़ा नगर निगम है। हल्द्वानी की जीत के मायने हैं। हल्द्वानी मेरा निवास स्थान है। यहीं का मैं मतदाता हूं और यहां का मुझे प्रभार दिया गया था। मैंने अपना दायित्व निभाया एवं हम सफल रहे इस पर मुझे संतोष है। पार्टी ने मुझे दायित्व देकर मुझ पर जो विश्वास जताया मैं उसके लिए पार्टी का आभारी हूं।

आप कांग्रेस में भी प्रदेश अध्यक्ष रहे क्या आपके एक कुशल संगठकर्ता होने का लाभ भी भाजपा को मिला?
देखिए, जनता एवं पार्टी कार्यकर्ता का विश्वास जीतना आसान नहीं होता। व्यक्तिगत रिश्ते कायम करने पड़ते हैं। कार्यकर्ता व नेता के मध्य संवाद कायम रखना जरूरी होता है।

हल्द्वानी नगर निगम चुनाव को क्या इंदिरा हृदयेश बनाम यशपाल आर्य के रूप में देखा जाए?
ये किसी की व्यक्तिगत हार-जीत नहीं है। न ही इसे इस रूप में देखना चाहिए। इंदिरा जी वरिष्ठ नेता हैं। हम सबकी सम्मानित हैं। मैंने उनका हमेशा सम्मान किया है। हल्द्वानी नगर निगम का प्रभारी मुझे बनाया गया था तो पार्टी प्रत्याशी को जिताने का दायित्व मेरा था। आप इसे व्यक्तिगत लड़ाई के रूप में मत देखिए।

निकाय चुनाव परिणामों को क्या लोकसभा चुनाव से जोड़कर देखा जाना चाहिए?
देखिए, स्थानीय चुनावों के मुद्दे अलग होते हैं। लेकिन प्रदेश में हमारी सरकार है। बड़ा जनादेश है। निकाय चुनावों के माध्यम से जो छोटी सरकार चुनी गई उसमें भी जनादेश मिला है। जैसे इन चुनावों में चर्चा थी कि ये सेमीफाइनल हैं। ये भी सच है कि लोकसभा चुनाव से पूर्व जनता ने हम पर जो भरोसा जताया है उससे हमें लोकसभा चुनाव के लिए ऊर्जा मिली है।

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