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Uttarakhand

विदेशों में रहकर भी देश धर्म नहीं भूले प्रवासी उत्तराखण्डी

कोरोनाकाल महामारी में हर कोई इंसानियत का धर्म निभाना चाहता है। हर व्यक्ति यह चाहता है कि कोई कोरोना मरीज अगर परेशान है तो उसे सहायता दी जाए। यह सहायता किसी भी रूप में हो सकती है। इसी के साथ विदेशों में भी रह रहे भारतीयों में अपने देश के प्रति जज्बा जगा है। दूसरे देशों में रह रहे लोग कोई न कोई सहायता सुलभ करा कर अपना देश धर्म निभा रहे हैं। ऐसे ही प्रवासी हैं उत्तराखण्डी। जिन्होंने महामारी के इस दौर में भी अपना देश धर्म नहीं भूला है। जी हां हम बात कर रहे हैं उत्तराखण्डी प्रवासियों की। जो लंदन में रह रहे हैं। लंदन में रह रहे ऐसे उत्तराखण्डी प्रवासियों ने अपने मुल्क के लिए फर्ज निभाते हुए पहली खेप में 200 आक्सीमीटर भेजे हैं। आक्सीमीटर प्रवासियों ने राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी की पहल पर अपने गृह प्रदेश उत्तराखण्ड को भेजे हैं। गौरतलब है कि कुछ दिनों पूर्व से ही अनिल बलूनी प्रवासी उत्तराखण्डियों से अपील कर रहे हैं कि वह अपने देश खासकर उत्तराखण्ड के कोरोना पीड़ित लोगों के लिए सहायता प्रदान करें। ऐसे लोग जो कोरोना से पीड़ित है वह समुचित इलाज के लिए परेशान है।

ऐसे में उनके लिए लंदन में रह रहे प्रवासी उत्तराखण्डियों की 200 आॅक्सीमीटर की पहली खेप की सराहना की जा रही है। आॅक्सीमीटर की यह पहली खेप मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के विशेष कार्य अधिकारी जगमोहन सुंदरियाल को सौंपी गई है। इनको नैनीताल के जिलाधिकारी को दिया जाएगा। गौरतलब है कि ब्रिटेन में उत्तराखण्ड के प्रवासी नागरिकों ने एक उत्तराखण्ड वेलफेयर एसोसिएशन बना रखी है। उसी उत्तराखण्ड वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों ने अपने गृह प्रदेश को 200 आॅक्सीमीटर की भेंट की है। बताया जा रहा है कि अभी आगे भी उत्तराखण्डी प्रवासी अपने गृह प्रदेश में कोरोना बीमारी को खत्म करने में सहायक उपकरणों और दवाइयों को भिजवाएंगे। राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने लंदन में रह रहे उत्तराखण्डी प्रवासियों का आभार व्यक्त किया है। यहां यह भी बताना जरूरी है कि अनिल बलूनी ने आॅक्सीजन सिलेंडर, आॅक्सीजन कंसंट्रेटर की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के बाद आॅक्सीमीटर की तरफ प्रवासियों का ध्यान दिलाया था। जिसमें उन्हें सफलता मिली है।

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