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Uttarakhand

शराब की दुकानें खोलना इस समय प्रदेश हित मे नहीं

उत्तराखंड विधानसभा के वरिष्ठ विधायक और 2007 से लगातार तीसरी बार के बागेश्वर विधायक चन्दन राम दास ने पूर्ण लॉकडाउन तक प्रदेश की शराब की दुकानों को बंद रखने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को भेजा पत्र , तत्काल प्रभाव से आदेश जारी करने की मांग की

…..बागेश्वर विधानसभा के भाजपा विधायक चन्दन राम दास ने उत्तराखण्ड प्रदेश के सभी ग्रीन जोन वाले जिलों में पूर्ण लॉकडाउन तक शराब की दुकानें नहीं खोलने की मांग को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है और शराब की दुकानों को पूर्ण लॉकडाउन तक नहीं खोलने संबंधी आदेश तत्काल प्रभाव से जारी करने की मांग की है। मुख्यमंत्री को भेजे अपने पत्र में विधायक बागेश्वर चन्दन राम दास ने कहा कि, शराब की दुकानें खोलना अभी प्रदेश हित में नहीं है। अभी प्रदेश में शराब की दुकानें बंद हैं तो प्रदेश के लोगों में खुशी है, गरीब वर्ग के लोगों में प्रदेश सरकार के प्रति एक उम्मीद दिखी है और आज प्रदेश की महिलाओं के चेहरों में खुशी है।


विधायक दास ने मांग की है कि पूर्ण लॉकडाउन की अवधि तक प्रदेश की शराब की दुकानों को नहीं खोला जाए। गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा लॉकडाउन के तीसरे चरण के तहत,ग्रीन जोन घोषित जिलों में कई प्रकार की रियायतें देने के आदेश निर्गत किए गए हैं और रियायतों के इस क्रम में ये भी है कि ग्रीन जोन वाले जिलों में निर्धारित शर्तों के साथ शराब कि दुकानें खोली जा सकती है। उत्तराखंड के पास अस्पतालों में वेल्टीनेटर के सुविधा तक सही से नही है कुछ दिन पुर अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली की pil से सबको पता चला ऐसे मे सरकार द्वारा शराब की दुकानों का खोल जाना प्रदेश को कोरोना से मुक्त नही संक्रमण को फैलाने का काम कर सकता है।

जहाँ बीजेपी चुनाव के समय शराब बंदी की बात कहकर जनता से वोट मांगने मैदान मे उतरी थी आज सत्ता में आने के बाद जब देश प्रदेश की जनता को लॉक डाउन किया गया है शराब की दुकानें खोलना उनके दोहरे चरित्र को दर्शाता है।इस समय सरकार को चाहिए शराब प्रेम और शराब माफियाओं के दवाब मे आने के बजाय जनता को राहत सामग्री और संचार व्यवस्था को ठीक करे।इस समय बीजेपी की सरकार उत्तराखंड को शराब मुक्त करने के वादे को याद रखे और इस विषम परिस्थितियों में उत्तराखंड की महिलाओं और नोजवानो के साथ खिलवाड़ ना करे।सरकार के लॉक डाउन के निर्णय का साथ इस स्थिति मे दे रही है।जबकि सरकारों और जानत को पता है हमारे पास इससे लड़ने की दवाई और सुविधाओं का अभाव है तब मुख्यमंत्री का शराब खोलने का निर्णय प्रदेश को मुश्किल मे डाल सकता है।हरीश रावत सरकार को शराब मे घेरने वाली बी जी पी सरकार आज सत्ता में अपना शराब प्रेम 2 महीने तक दूर नही रख पायी।मुख्यमंत्री का ये निर्णय दुर्गम एरिया के नोजवानो जिन्होंने बेरियर बनाकर पहरेदारी कर रहा है अपने को ठगा सा महसूस करेगा।

विधायक दास के मुताबिक, लॉकडाउन के चलते शराब कि दुकानें बंद हैं तो लोगों को सुकून है और शराब जनित लड़ाई-झगड़ों से कई घर बचे हुवे हैं और शांति का माहौल बना हुवा है। ऐसे में शराब कि दुकानें,पूर्ण लॉकडाउन तक बंद ही रहनी चाहिए।

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