राज्य के ग्रामीण इलारकों में नशे का काला कारोबार जिस युवाओं चुनावों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है उससे लोग इतने खफा हैं कि अब तहसील और जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में खुलकर रोष प्रकट कर रहे हैं। हाल ही में नैनीताल जिले के कालाढूंगी में आयोजित ‘तहसील दिवस’ कार्यक्रम नशाखोरी की रोकथाम की मांग करने वाली महिलाओं के गुस्से की भेंट चढ़ गया। यहां जैसे ही तहसील दिवस शुरू हुआ कई गावों की महिलाओं ने तहसील पहुंचकर नशे के खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। जिस हॉल में तहसील दिवस चल रहा था महिलाएं उसे घेरकर बैठ गईं और पुलिस, शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगीं। शिव-पार्वती संगठन के नेतृत्व में उन्होंने नशे और कच्ची शराब के विरुद्ध प्रदर्शन किया। कालाढूंगी पुलिस पर नशे का कारोबार करने वालों से मिलीभगत का आरोप भी लगाया।

प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि कुछ बाहरी लोग कच्ची शराब पुड़िया, चरस, स्मैक लाकर हमारे गावों में बेच रहे हैं जिससे गांव का माहौल खराब हो रहा है। छोटे-छोटे बच्चे नशे की गिरफ्त में हैं। कालाढूंगी पुलिस को बताने व कई बार ज्ञापन देने तथा धरना-प्रदर्शन के बाद भी पुलिस-प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिसके बाद तहसीलदार गोपाल राम आर्या ने थानाध्यक्ष शांति कुमार गंगवार एवं आबकारी निरीक्षक पीसी जोशी को बुलाया। दोनों अधिकारियों ने संयुक्त रूप से छापामार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, तब जाकर महिलाएं मानीं। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता जनार्दन जोशी, बाली राम, भवानी देवी, मधुली देवी, नीमा देवी, दीपक गोस्वामी, सुशीला देवी, कविता, शोभा कन्याल, पूनम खन्ना, कांडपाल, खष्टी देवी, मोहन राम, नेहा बिष्ट, चित्रा जोशी, मोहन चंद्र, मुन्नी देवी, गंगा देवी, हेमा बिष्ट, ज्योति सती, लक्ष्मी देवी, गोविंद बिष्ट, रमेश चंद्र, गीता सती आदि दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे। तहसील दिवस में 26 समस्याएं दर्ज हुईं। इस दौरान कई विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। इस मामले में कालाढूंगी के एसओ शांति कुमार गंगवार ने बताया कि कालाढूंगी थाना क्षेत्र में नशे के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। अवैध शराब, चरस, स्मैक आदि बेचने वालों को पकड़कर जेल भेजा जा चुका है। विगत वर्ष नशे के खिलाफ कार्रवाई करने के 5 मामले दर्ज हुए थे, जबकि एक वर्ष से कम अंतराल में ही 15 लोगों पर कार्रवाई की गई है।

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