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Uttarakhand

बिजली विभाग की लापरवाही से मृत्यु

उत्तराखंड के जनपद बागेश्वर मे लॉक डाउन के दौरान कफोली गांव मे दो युवको की बिजली के करंट लगने से नवीन पांडेय 30 वर्ष पुत्र ख्याली दत्त पांडेय,गोपाल जोशी पुत्र नैन दत्त की मृत्यु हो गयी है और भुवन सिंह कोरंगा को हायर सेंटर रेफर किया गया है।3 अन्य करंट लगने से झुलस गए।कफोली गावँ मे पिछले 5 दिनों से बिजली आपूर्ति ठप पड़ी थी।लाइन में एक पेड़ गिराए जाने के कारण।5 दिन बाद बिजली विभाग की नींद खुली तो लेकिन अर्ध नींद में वो दो युवकों की जान ले गयी।

दरअसल मामला है एक लाइन बागेश्वर से कपकोट को आ रही है ये लाइन 33 के वी हाई टेंसन की है जिसको बिजली विभाग की दरियादिली के कारण पोलो के द्वारा सप्लाई करने की मंजूरी मिल गयी।जबकि नियमानुसार इतनी हाई टेंसन लाइन को टॉवर के द्वारा ही मंजूरी मिलनी चाहिये।इतना ही कम नही था तो दूसरी लाइन बागेश्वर से कफोली गाँव जाती है।इन दोनों बिजली सप्लाई लाइनों के बीच मे 1 मीटर की दूरी है।जबकि सप्लाई लाइन के 4 मीटर आस पास पेड़ तक नही होने चाहिये। ऐसी मौत की लाइन में एक जे ई राजेन्द्र साहीऔर लाइन मैन राजेन्द्र सिंह लाईन ठीक करते हैं बगैर 33 के वी हाई टेंसन लाईन का शट डाउन लिये।लॉक डाउन के दौरान धारा 144 लगी है फिर भी गावँ के युवको की मदद ली जाती है।

गलती उन लोगों की भी है जो लॉक डाउन के नियमो का पालन नही कर रहे हैं।बिजली विभाग के रजिस्टर्ड श्रमिक भी होते हैं उनकी मदद क्यो नही ली गयी जब 5 दिन से बिजली आपूर्ति ठप थी।लॉक डाउन नियमो के अंतर्गत अभी तक कोई मुकदमा दर्ज नही हुआ है बिजली विभाग पहले से ही ऐसी घटनाओं से नही चेता है।3 साल पहले भी ऐसी ही घटना देवल चोरा मे घट चुकी है।बिजली विभाग की गलती से दो युवकों की जान चले गयी।ये उत्तराखंड यहाँ ये सब सम्भव है।जांच तक सीमित कर दिया जाता रहा है।किसने परमिशन दी लाईन ठीक करने की और गावँ के लड़को से मदद लेने की।इस मामले मे लॉक डाउन और हत्या का मामला दर्ज होना चाहिये।और कैसे 33 के वी इन दोनों सप्लाई लाइनों को मंजूरी मिली।बागेश्वर बिजकी विभाग EE भास्कर पांडेय जाँच की बात कर रहे हैं।लॉक डाउन के दौरान बिजली विभाग की लापरवाही के कारण दो लोगो की मृत्यु सिर्फ जांच तक सीमित।जिलाधिकारी रंजना राजगुरू -दुःखद घटना है एस डी एम कपकोट को जांच के आदेश दे दिये गए हैं।लापरवाही किसी की भी किसी को बख्शा नही जाएगा।

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