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Uttarakhand

सोशल मीडिया के सहारे सियासत

राज्य में इन दिनों इस बात को लेकर चर्चा है कि पूर्वांचल पृष्ठभूमि के अधिकारियों, पत्रकारों और उद्योगपतियों का एक ग्रुप सोशल मीडिया के जरिए अपनी राजनीतिक ताकत बना रहा है। इस गु्रप से जुड़े अधिकारी सरकार को अपने दबाव में रखना चाहते हैं। ‘संगम विचार मंच’ नामक इस ग्रुप के मुख्य सूत्रधार प्रदेश के शहरी विकास मंत्री कदन कौशिक के चहेते बताए जाते हैं
सेना प्रमुख विपिन रावत ने कहा है कि जवानों को सोशल मीडिया से दूर नहीं रख सकते, क्योंकि जब हमारे विरोधी सोशल मीडिया का भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं तो हमको भी तकनीक इस्तेमाल कर उनका काउंटर करना होगा। जनरल रावत के अपने ही गृह प्रदेश उत्तराखण्ड में भी सोशल मीडिया (वाट्सअप ग्रुप) के सहारे एक खेल खेला जा रहा है।
उत्तराखण्ड में तैनात उत्तर प्रदेश के मूल निवासियों खासतौर से पूर्वांचल पृष्ठभूमि से जुड़े अधिकारियों, पत्रकारों, उद्योगपतियों का एक मंच बनाकर उसका इस्तेमाल राजनीतिक ताकत के रूप में प्रदेश सरकार पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। इनका एक ट्रस्ट और वाट्सअप पर ग्रुप बनाकर सरकार विरोधी एवं पर्वतीय विरोधी कार्य करने का आरोप उन पीसीएस अधिकारी पर लगा है जिनकी नौकरी का अधिकतर कार्यकाल मैदानी जनपदों खासतौर से राजधानी देहरादून और वर्तमान में हरिद्वार जनपद में रहा है। यही नहीं सचिवालय में तैनात एक अधिकारी की पत्नी बाकायदा पूर्वांचल से जुड़े खासतौर से ठाकुर -ब्राह्मण जाति से संबंधित अधिकारियों और बिल्डर-उद्योगपतियों से जुड़े ‘संगम विचार मंच’ ग्रुप का एडमिन के रूप में संचालन कर रही हैं। ट्रस्ट बनाने और ट्रस्ट का वाट्सअप ग्रुप बनाकर ग्रुप के माध्यम से राज्य सरकार के विरुद्ध मैदानी मूल के अधिकारियों को भड़काने, वर्ग विद्वेष की भावना पैदा करने और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रियता बढ़ाए जाने जैसे गंभीर आरोप आरटीआई कार्यकर्ता सुरेंद्र अग्रवाल ने पीसीएस अधिकारी और वर्तमान में हरिद्वार जनपद में अपर जिलाधिकारी वित्त जैसे महत्वपूर्ण पद पर तैनात ललित नारायण मिश्रा पर लगाए गए हैं। आरटीआई कार्यकर्ता अग्रवाल ने पीसीएस अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही को लेकर शिकायती पत्र दिया तो ‘संगम विचार मंच’ ग्रुप के एडमिन से ललित नारायण मिश्रा हट गए। ग्रुप एडमिन से हटने के बावजूद मिश्रा संगम विचार मंच में लगातार बने हुए हैं। अब ग्रुप एडमिन भले ही चेंज हो गए हों, परंतु डबल इंजन की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार को कोई फर्क पड़ा हो ऐसा नहीं लगता, क्योंकि सरकार के विरुद्ध पूर्वांचल पृष्ठभूमि से जुड़े अधिकारियों सहित अन्य लोगों को एक मंच पर लाने के मुख्य सूत्रधार शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के चहेते बताए जा रहे हैं। हरिद्वार के अपर जिलाधिकारी (वित्त) ललित नारायण मिश्रा के विरुद्ध कार्यवाही के बजाय राज्य सरकार ने उन्हें हरिद्वार जैसे महत्वपूर्ण नगर निगम के एमएनए का अतिरिक्त कार्यभार दे दिया।
गौरतलब है कि पिछले दिनों उत्तराखण्ड सतर्कता विभाग द्वारा रिश्वत खोरी में गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में ज्यादातर संख्या उत्तर प्रदेश के मूल निवासी अधिकारियों खासतौर से पूर्वांचल पृष्ठभूमि से जुड़े अधिकारियों की सामने आई थी। शिकायती पत्र में लगाए गए आरोप के अनुसार उसी को मुद्दा बनाकर उत्तर प्रदेश से जुड़े इन अधिकारियों द्वारा सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दम्यंति दौहरे की अध्यक्षता में ‘संगम ट्रस्ट’ का गठन किया गया था। जिसका प्रमुख सूत्रधार पीसीएस अधिकारी ललित नारायण मिश्रा को बताते हुए इस ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य पूर्णतया राजनीतिक बताया गया है। सुरेंद्र अग्रवाल के शिकायती पत्र के अनुसार ललित मिश्र सहित डॉ गार्गी मिश्रा (जो कि सचिवालय में तैनात सेक्शन ऑफिसर अशोक मिश्रा की पत्नी हैं) को ग्रुप एडमिन बनाया गया था। सुरेंद्र अग्रवाल के अनुसार संगम ट्रस्ट की होने वाली बैठकों में ललित नारायण मिश्रा द्वारा वहां मौजूद सरकारी अधिकारियों को सरकार के विरुद्ध भड़काते हुए कहा गया कि उत्तराखण्ड में पर्वतीय सवंर्ग के नेतृत्व वाली इन सरकारों के इशारे पर विजीलेंस विभाग द्वारा एकतरफा कार्यवाही कर मैदानी वर्ग के अधिकारियों को टारगेट कर जेल भेजा जा रहा है। जबकि पर्वतीय सवंर्ग के अधिकारियों को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। शिकायती पत्र में लगाए गए आरोपों के अनुसार ललित नारायण मिश्रा द्वारा कहा गया कि इस प्रकार की कार्यवाहियों से मैदान वर्ग को सुरक्षित रहना है, तो पर्वतीय सवंर्ग के नेतृत्व वाली सरकार पर दबाव बनाने के लिए मैदान क्षेत्र के लोगों को भी एक राजनीतिक ताकत बनानी होगी। सुरेंद्र अग्रवाल द्वारा प्रमुख सचिव कार्मिक को सौंपे गए पत्र में अपर जिलाधिकारी हरिद्वार ललित नारायण मिश्रा एवं अशोक कुमार जैसे अधिकारियों पर उत्तराखण्ड राज्य कर्मचारियों की आचरण नियमावली 2002 के नियम 5(1) एवं 5 (2) के प्रावधानों के तहत राज्य सरकार के विरुद्ध अधिकारियों को भड़काने के आरोप में कार्यवाही की मांग की गई है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रमुख सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी ने प्रकरण की जांच अपर सचिव आईएएस अधिकारी बीएस मनराल को सौंपी थी। उस जांच का कोई नतीजा निकला हो या नहीं परंतु राज्य सरकार ऐसे अधिकारियों पर सरकारी दरियादिली दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
बताया जाता है कि संगम ट्रस्ट को मजबूती देने की दिशा में काम करते हुए संगम ट्रस्ट के कर्ताधर्ता खासतौर से पूर्वी उत्तर प्रदेश से जुड़े अधिकारियों द्वारा इस ट्रस्ट का विस्तार देहरादून से अन्य जनपदों तक कर लिया गया था। जिसमें हरिद्वार में संगम ट्रस्ट का जिलाध्यक्ष कर्मचारी नेता जटाशंकर श्रीवास्तव को बनाया गया था। साथ ही भेल के इंटक नेता तथा पूर्व विधायक रामयश सिंह के करीबी विकास सिंह, भेल कर्मचारी बीजी शुक्ला, नागेश पटेल, दिवस श्रीवास्तव, सदानंद बैठा जैसे कर्मचारी नेताओं के फोटो युक्त होर्डिंग नव वर्ष पर लगाए गए थे। संगम ट्रस्ट बनाकर सरकार के विरुद्ध गुपचुप मुहिम चलाने में लगे अधिकारियों में ज्यादातर मैदानी जनपदों में मलाईदार पदों पर तैनात हैं। यही नहीं संगम के वाट्सअप ग्रुप में शामिल सभी अधिकारियों की मंशा भी इस प्रकार की गतिविधि के मुख्य सूत्रधार पीसीएस अधिकारी ललित नारायण मिश्र से मेल खाती हो ऐसा भी नहीं है।
राजधानी देहरादून में एसडीएम सदर के पद पर तैनात और ग्रुप के सदस्य प्रत्यूष सिंह ने बताया कि वह दो बार इस ग्रुप से स्वयं ही हट चुके हैं फिर भी न जाने क्यों उनको जोड़ लिया जाता है। सिंह के अतिरिक्त दर्जनों अधिकारी ऐसे बताए जाते हैं जो सुरेंद्र अग्रवाल द्वारा की गई शिकायत के बाद ग्रुप छोड़ चुके हैं। परंतु शिकायती पत्र में सरकार के खिलाफ चलाई जा रही इस मुहिम के मुख्य सूत्रधार बताए गए ललित नारायण मिश्रा सहित महत्वपूर्ण पदों पर तैनात अधिकारी, पत्रकार, बिल्डर सहित 250 लोग अभी भी इस ग्रुप से जुड़े हुए हैं।

संगम विचार मंच में शामिल अधिकारी

खास बात यह है कि संगम विचार मंच के नाम से संचालित इस वाट्सअप ग्रुप में पूर्वांचल पृष्ठ भूमि के ठाकुर, ब्राह्मण जाति से जुड़े अधिकारियों, पत्रकारां, राजनेताओं को ही जोड़ा गया है। जो कि इस ग्रुप की मंशा पर सवालिया निशान लगाता है? अगर संगम विचार मंच में जुड़े अधिकारियों की बात की जाए तो इस ग्रुप में सिंचाई खण्ड हरिद्वार सर्किल के अधीक्षक अभियंता, राकेश तिवारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगेंद्र पाण्डेय, पीसीएस अधिकारी बंशीधर तिवारी, एचआरडीए सचिव केके मिश्रा, जेल अधीक्षक वीपी पाण्डे, लघु सिंचाई में तैनात संजय भास्कर, रुड़की के एमएनए अशोक पाण्डे, एसडीएम सदर देहरादून प्रत्युष सिंह, सहायक निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय, अनुपम द्विवेदी सहायक निदेशक उद्योग निदेशालय, राकेश कुमार पाण्डेय उपनिदेशक एटीआई नैनीताल, पीसीएस अधिकारी विवेक प्रकाश एसडीएम, डीपीआरओ मनोज तिवारी, एआरटीओ अरविंद पाण्डेय, सचिवालय में अनुसचिव के पद पर तैनात अतुल कुमार सिंह, पीसीएस अधिकारी आलोक पाण्डेय, होम गार्ड के जिला कमाडेंट राहुल सचान, सीओ कनखल एसपी सिंह, सीओ मंगलौर, मनोज कात्याल  आदि अधिकारी मुख्य रूप से शामिल हैं। ग्र्रुप एडमिन के तौर पर सचिवालय में अनुभाग अधिकारी के पद पर तैनात अशोक मिश्रा की पत्नी गार्गी मिश्रा एवं श्रीकांत शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से ग्रुप का संचालन किया जा रहा है।
संगम ट्रस्ट तथा संगम विचार मंच वाट्सअप ग्रुप बनाने के उद्देश्य को लेकर पीसीएस अधिकारी ललित नारायण मिश्रा को उनके वाट्सअप पर संदेश भेजकर सवाल किया गया तो उनका कहना था कि इस संबंध में ग्रुप एडमिन तथा पदाधिकारी ही बात कर सकते हैं। जब उनके इस बयान को लेकर कहा गया कि क्या आपका यही बयान है तो ललित नारायण मिश्रा ने इस संवाददाता को अपने वाट्सअप से ब्लॉक कर दिया।

बात अपनी-अपनी

मुझे जानकारी नहीं है कि मैं किसी संगम विचार मंच नाम के ग्र्रुप से जुड़ा हुआ हूं। ऑफिसर होने के चलते कुछ लोग जोड़ देते हैं। मैं क्या कर सकता हूं।
केके मिश्रा, सचिव एचआरडीए हरिद्वार
 
उत्तराखण्ड के रीति-रिवाज और पूर्वांचल के रीति-रिवाजों में खासा अंतर है। इसके चलते खासतौर से पूर्वांचल से जुड़े लोगों को जोड़कर यह ग्रुप और ट्रस्ट बनाया गया है। जिससे अपने रीति-रिवाज के अनुसार पूर्वांचल के लोग भी अपने सांस्कøतिक कार्यक्रम कर सकें।
वीपी पाण्डेय, वरिष्ठ अधीक्षक रोशनाबाद कारागार हरिद्वार 
 
मुझे पता नहीं ग्रुप या ट्रस्ट बनाने का क्या उद्देश्य होगा। मैं एक हजार वाट्सअप ग्रुप से जुड़ा हुआ हूं। मैं अधिकतर वाट्सअप को देखता भी नहीं हूं। आप ट्रस्ट के पदाधिकारियों से पूछिए। वही इस ग्रुप का उद्देश्य बता पाएंगे।
बंशीधर तिवारी, पीसीएस अपर परियोजना निदेशक एनएचएम
संगम ट्रस्ट और वाट्सअप ग्रुप अपने समाज से जुड़े लोगें की सहायता और एकजुटता के लिए बनाया गया है। ट्रस्ट और वाट्सअप ग्रुप से जुडे सदस्यों की समय-समय पर राजधानी देहरादून में बैठक होती रहती है। अधिक जानकारी आपको प्रदेश पदाधिकारियों से मिल पाएगी। जिसकी देहरादून में अध्यक्ष रिटायर्ड अधिकारी श्रीमती दम्यंति दौहरे हैं। डॉ राजेश कुमार तिवारी प्रदेश महामंत्री हैं।
जटा शंकर श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष संगम ट्रस्ट हरिद्वार

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