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Uttarakhand

‘दरकिनार कर सकता हूं राजनीतिक दबाव’

हरिद्वार वन प्रभाग के डीएफओ कड़क छवि के अधिकारी माने जाते हैं। इसे अवैध खनन पर लगे अंकुश से समझा जा सकता है। डीएफओ आकाश वर्मा से अरुण कश्यप की बातचीत

जनपद में अवैध खनन पर अब पूरी तरह लगाम है जो केवल वन विभाग की सक्रियता का परिणाम नजर आता है। क्या इसके लिए व्यवस्था में कोई फेरबदल किया गया है?
वन चैकपोस्ट पर चैकिंग के दौरान अवैध खनन के कई वाहन पकड़े गए जो निश्चित तौर पर स्टाफकर्मियों की सतर्कता का परिणाम है। मैंने व्यवस्थाओं में कोई खास बदलाव नहीं किया, पर मैंने कोशिश की है कि व्यवस्था पारदर्शी हो। बेवजह के दबाव में वन विभाग काम ना करे और जब तक मैं हूं तब तक करने भी नहीं दूंगा।

क्या शुरुआत से ही वन अधिकारी बनना चाहते थे, परिवार से कोई वन विभाग में है?
हां, मन तो था कि वनाधिकारी बनूं। प्रकृति से शुरुआत से ही मुझे बहुत लगाव रहा। शायद यही कारण है कि मैं वन सेवाओं में आया पर घर में कोई सरकारी नौकरी में नहीं है। मैं एक औद्योगिक घराने से संबंध रखता हूं। घर के सभी अन्य सदस्य उद्योगों में ही हैं।

अवैध खनन के खिलाफ धमाकेदार मुहिम चलाई है। उसे रोकने के लिए कोई राजनीतिक दबाव आया है?
राजनीतिक दबाव का क्या है। आते हैं फिर चले जाते हैं, पर मैं केवल वही करने पर यकीन रखता हूं जिसके लिए मैं नियुक्त हुआ हूं। यदि मैं सही हूं तो मैं हर तरह के राजनीतिक दबाव को दरकिनार कर सकता हूं।

सोशल मीडिया की समाज में भूमिका को किस नजर से देखते हैं?
आज के समय में सोशल मीडिया सबसे एडवांस संचार का माध्यम है जो अब हमारे जीवन का एक अंग बन गया है। सोशल मीडिया के कुछ दुष्परिणाम हैं तो अनगिनत फायदे भी हैं। बहुत जल्द आप एक उपयोगी वीडियो वायरल करके कई लोगों का फायदा कर सकते हैं तो कई बार कुछ गलत चीजें वायरल होने पर बहुत बड़े-बड़े नुकसान देखने को मिले हैं।  सोशल मीडिया का सकारात्मक रूप में प्रयोग करने की सबको आवश्यकता है ताकि हम देश और समाज हित में कुछ सही कर सकें।

आपको बाइक राइडिंग का शौक भी हैं शायद?
जी हां, मैं शुरुआत से ही बाइक राइडर का शौक रखता हूं। समय-समय पर राइडिंग के लिए अपने ग्रुप के साथ जाते हैं। जल्दी ही हम लोग लद्दाख में राइडिंग पर जाने वाले हैं।

हरीश रावत सरकार के दौरान आपने केदारनाथ में हैलीकॉप्टर सेवाओं पर प्रतिबंध लगवा दिया था जो बहुत चुनौतीपूर्ण था?
उस समय के काम और भी बहुत बड़े-बड़े हैं, पर यह प्रकरण कुछ ज्यादा ही हाईलाइट हो गया था। दरअसल, केदारनाथ में हेलीकॉप्टर सेवाओं से उस क्षेत्र के वन्य जीवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था जिसके दुष्परिणाम भी देखने को मिल रहे थे। उन हेलीकॉप्टर सेवाओं को बंद करवाना बेहद जरूरी हो गया था। उस समय यह ग्लैमरस न्यूज बन गई थी क्योंकि एक जमीन पर खड़े आदमी ने आसमान में उड़ते हेलीकॉप्टर को बंद करा दिया था। इसी कारण से यह प्रकरण बहुत ज्यादा चर्चित हो गया था।

आपकी इतनी सतर्कता के बाद भी वन माफियाओं की सक्रियता के प्रमाण लगातार समय-समय पर मिलते रहते हैं, क्या कारण रहे हैं?
देखिए, इस तरह के वन अपराध अधिकांश रात के अंधेरे में ही किए जाते हैं। हमारा क्षेत्र बहुत बड़ा है और हमारे पास फील्ड में जो मैंन पावर है, वह पर्याप्त नहीं है। साथ ही संसाधन भी सीमित हैं। हरिद्वार एक ऐसी जगह है जहां कहीं से भी आवाजाही संभव है। ऐसी स्थितियां वन माफियाओं को आकर्षित करती हैं, पर अब वन माफियाओं पर अंकुश लगाने के और कई प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

क्या ड्यूटी से हटकर समाज सेवा के कुछ कार्यों में भी समय देते हैं?
समाज सेवा के कार्य करना पहले से ही अच्छा लगता है। सर्विस से पहले मैंने मलिन इलाकों में जाकर बच्चों को पढ़ाया है। अब जब भी मौका मिलता है तो पीछे नहीं हटता। हाल ही में ह्नाट्सअप गु्रप के माध्यम से हमने केरल में बाढ़ पीड़ितों के लिए करीब 10 लाख की धनराशि इकट्ठे कर राहत कोष में
भिजवाई है।

 

खनन पर अंकुश

इन दिनों वन विभाग के ताबड़तोड़ छापों और सघन चैकिंग अभियान ने अवैध खनन कराने वालों और वन माफियाओं की कमर तोड़ कर रख दी है। यही कारण है कि इन दिनों अवैध खनन पर लगभग पूरी तरह अंकुश है। आंकड़े बताते हैं कि जितना जुर्माना वन विभाग इस वर्ष अब तक अवैध खनन में वसूल चुका है उतना पिछले 10 सालों में भी नहीं वसूला गया। उदाहरण के लिए वर्ष 2017-18 में अवैध खनन के 11 वाहन पकड़े गए जिनसे कुल 2,31,116 का जुर्माना वसूला गया इसके विपरीत वर्ष 2018-19 में अब तक ही करीब 52 वाहनों से 22,17,450 रुपए का जुर्मान वसूला जा चुका है, जबकि अभी करीब 40 पकड़े गए वाहनों से जुर्माना वसूला जाना बाकी है जिनसे अनुमान तक 15 लाख से ज्यादा ही जुर्माना वसूला जाएगा। यह सब हरिद्वार वन प्रभाग के मौजूदा डीएफओ आकाश वर्मा की सक्रियता और कर्मठता से संभव हो पाया है। 15 नवंबर 2017 को हरिद्वार में डीएफओ की कुर्सी संभालने के बाद वर्मा ने विभाग को चुस्त-दुरुस्त किया है।

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