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Uttarakhand

पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ आक्रोश

  • दीपक जोशी
पहाड़ी जनपद बागेश्वर में 19 सदस्यों वाली जिला पंचायत बागेश्वर के सदन को सुचारू रूप से चला पाने में जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देवी असफल साबित हो रही हैं। बजट वितरण पर क्षेत्र में मनमानी करने का आरोप लगाते हुए पंचायत के नौ विपक्षी सदस्यों ने अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सड़क पर संघर्ष की आवाज बुलंद करते हुए, 15 जून 2021 से लोकतंत्र जिंदाबाद के बैनर तले 09 जिला पंचायत सदस्य, पंचायत उपाध्यक्ष नवीन परिहार के नेतृत्व में अपने कार्यालय के बाहर धरना दे रहे हैं। आंदोलित पंचायत सदस्यों का आरोप है कि जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देवी द्वारा सत्ता के दबाब मंे आकर विपक्षी सदस्यों के बजट खर्च पर कटौती की गई है। जो हमंे स्वीकार्य नहीं है। लगातार डेढ़ महीने से जिला पंचायत कार्यालय के बाहर धरना दे रहे पंचायत सदस्यों का धरना-प्रदर्शन धीरे-धीरे ग्रामीण क्षेत्रांे के जनप्रतिनिधियों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। आंदोलित सदस्यों को समर्थन देने वालांे में अभी तक बागेश्वर जिले का नागरिक मंच, जिला बार एसोसिएशन, सवाल संगठन बागेश्वर सहित कई ग्राम प्रधान शामिल हैं।
चुनावी वर्ष में जिला पंचायत सदस्यों द्वारा चलाया जा रहा आंदोलन सियासी तौर पर धीरे-धीरे जल, जंगल, जमीन से जुड़े मुद्दों को लेकर ग्रामीणों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। जाहिर है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भी इसका असर देखने को मिलेगा।
इस मामले में जिला पंचायत उपाध्यक्ष नवीन परिहार का कहना है कि जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देवी जिस तरीके से हमारी मांगों को अनदेखा कर रही हैं कहीं न कहीं अध्यक्ष दबाव में कार्य कर रही हैं। अमूमन देखा जाता है कि जिला पंचायत का गठन सदस्यों द्वारा ही होता है। बागेश्वर जिला पंचायत की अध्यक्ष बसंती देवी अपनी हठधर्मिता दिखाते हुए पंचायत सदस्यों की मांगों को अनदेखा कर रही हैं। यह राजनीतिक रूप से कहीं भी अच्छा नहीं है। इससे जिले के विकास कार्य भी अवरुद्ध हो रहे हैं। बसंती देवी जिस तरीके से विवेकाधीन के तौर पर 55 प्रतिशत बजट अपने पास रखकर जो विकास की बातें कर रही हैं, वो कहीं न कहीं खोखले वादे हैं। पूर्व में भी हमारे द्वारा बताया गया था कि किस तरीके से अध्यक्ष महोदय ने अपने चहेते सदस्यों के क्षेत्रों में 35 प्रतिशत से अधिक बजट खर्च कर दिया है और कहीं पर शून्य बजट खर्च किया गया है। क्या यह सामान्य बजट वितरण है। इसी असमानता को दूर करने के लिए हम धरने पर बैठे हुए हैं।
वहीं जिला पंचायत सदस्य हरीश चंद ऐठानी के मुताबिक जिला पंचायत के सदस्यों का लंबे अंतराल से सड़क पर धरना देना कहीं न कहीं प्रशासनिक नाकामी को दर्शाता है। जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा विवेक से कार्य नहीं करने के कारण बागेश्वर जिले का आधा जनपद अपने जन प्रतिनिधियों के माध्यम से धरने में बैठा हुआ है।

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