[gtranslate]
Uttarakhand

मोदी की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम और त्रिवेंद्र के ज़ीरो टॉलरेंस के दावे का खुलासा

संजय स्वार/भूपेन्द्र रावत

हल्द्वानी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम और त्रिवेंद्र रावत के भ्रष्टाचार के विरुद्ध ज़ीरो टॉलरेंस के दावे को हल्द्वानी नगर निगम अपनी कारस्तानियों से मुंह चिढ़ा रहा है। निगम में कोरोना काल के दौरान हुई खरीद में बड़ा भ्रष्टाचार उजागर हुआ है।

 

कांग्रेस नेता सुमित हृदेश ने प्रेस वार्ता करते हुए आरटीआई से मांगी गई जानकारी को सार्वजनिक किया। सुमित हृदयेश ने कहा कि भ्रष्टाचार को लेकर पहले ही कांग्रेस लगातार धरना प्रदर्शन कर रही थी, लेकिन अब सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी ने नगर निगम के भ्रष्टाचार के काले चिट्ठे को खोल दिया है। सुमित ने बताया की कोरोना काल के दौरान नगर निगम द्वारा खरीदे गए मास्क, सैनिटाइजर, बॉडी प्रोटेक्शन किट, ग्लव्स 5 गुने से लेकर 10 गुना अधिक दाम में खरीदे गए है। यही नहीं 90 पैसे में मिलने वाला सर्जिकल मास्क 10 रुपये में खरीदा गया है जिससे नगर निगम के भ्रष्टाचार की पोल खुल गई है सुमित हृदयेश ने कहा कि इस सरकार पर भ्रष्टाचार की जांच करने का उनको कोई भरोसा नहीं है इसलिए अब कांग्रेस इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी और नगर निगम के खिलाफ पीआईएल डालेगी। कोरोना काल में दुगने तिगुने दामों पर हुई खरीद ने हल्द्वानी नगर निगम पर कई सवाल खड़े कर दिये हैं। पहले तो शहर को सेनेटाइज करने के नाम पर दवा के छिड़काव में लाखों रुपये फूंक दिए बाद में निगम को ध्यान आया कि दवा का अत्यधिक छिड़काव स्वास्थ्य के लिये हानिकारक है तब तक निगम अपनी इस कवायद में लाखों रुपये फूंक चुका था।

 

अब सूचना का अधिकार के माध्यम से जो जानकारियां सामने आईं हैं उसमें थोक के नाम पर नगर निगम ने बाजार मूल्य से अधिक का भुगतान किया है। कोरोना को अवसर में बदलने का अर्थ नगर निगम के सरपरस्तों ने दूसरे रूप में ले लिया। 100मिली के हैंडसेनेटाइज़र जो बाजार में रिटेल में 20 रुपये में आसानी से उपलब्ध हैं उन्हें थोक में 27 रुपये से लेकर 150 रुपये में खरीदा गया। रबर ग्लव्स जो कि रिटेल में 25 रुपये में बाजार में उपलब्ध हैं उन्हें 45 से 50 रुपये में निगम ने खरीद डाला। 150 रुपये में बाजार में उपलब्ध रिफ्लेक्टिव जैकेट निगम को थोक में 250 रुपये की पड़ी। पैडल डिस्पेंसर जिसकी कीमत 700 रुपये है निगम को 1900 रुपये में मिला। सर्जिकल डिस्पोजल ग्लव्स जिनकी कीमत 8 रुपये है निगम को दुगने मूल्य पर पड़े। बॉडी प्रोटेक्शन किट जो बाजार में 300 रुपये में उपलब्ध है निगम को 1593 की कीमत पर उपलब्ध हुवा। कई ऐसी वस्तुएं हैं जिनकी कीमत रिटेल मूल्य से भी चुकाई गई। शायद आपदा को अवसर में बदलने का इससे बेहतर तरीका निगम के पास नहीं था वो भी तब जब विकास कार्यों के लिए निगम आर्थिक तंगी का रोना रोता है।

(नोटः इस सम्बन्ध में हल्द्वानी नगर निगम के मेयर डॉ जोगेंद्र रौतेला से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क का प्रयास किया गया लेकिन उनका मोबाइल नेटवर्क क्षेत्र से बाहर था।)

You may also like

MERA DDDD DDD DD