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Uttarakhand

इंदिरा हृदयेश बोलीं, बंशीधर भगत के झूठा कहने से गहरा आघात पहुंचा

इंदिरा हृदयेश बोलीं, बंशीधर भगत के झूठा कहने से गहरा आघात पहुंचा

हल्द्वानी में क्वारंटाइन किये लोगों को क्वारनटाइन अवधि पूरी होने के बाद उनको उनके गन्तव्य तक पहुंचाने के दावों प्रतिदावों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत और नेता प्रतिपक्ष डॉ इन्दिरा हृदयेश को आमने सामने ला खड़ा कर दिया है। जहां नेता प्रतिपक्ष डा इंदिरा हृदयेश द्वारा हल्द्वानी में क्वारंटाइन लोगों को 14 दिन की अवधि के बाद उनको उनके गन्तव्य पर पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से बात कर क्वारंटाइन अवधि पूरी कर चुके लोगों को उनके गन्तव्य तक पहुंचाने के लिए आदेश करवाने का दावा किया था। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने डॉ इंदिरा हृदयेश के दावे को झुठलाते हुए उन्हें झूठी तक कह डाला।

भगत ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का मुख्यमंत्री से बात करने का दावा कतई झूठा है और उनकी मुख्यमंत्री से कोई बात ही नहीं हुई। उन्हें झूठी कहने पर डा हृदयेश ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने प्रेस नोट जारी करके अपनी नाराजगी का इज़हार करते हुए कहा है कि उन्होंने अपने पचास साल के विधायी जीवन में उन्होंने ऐसी बातें पहली बार सुनी हैं। जहां एक ओर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के प्रति उनका रुख नर्म नजर आया वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और कालाढूंगी के विधायक वंशीधर भगत को उन्होंने आड़े हाथों लिया है।

इंदिरा हृदयेश ने कहा है कि बंशीधर भगत द्वारा उन्हें झूठा कहे जाने पर उन्हें गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा है कि यह समय कोरोना संक्रमण से लड़ने का है न कि आरोप प्रत्यारोप की राजनीति करने का। विपक्ष सत्ताधारी दल के साथ किस प्रकार सहोग कर रहा है यह बताते हुए उन्होंने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और उन्होंने सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखा था कि सारे बजट प्रस्तावों को एक बार में ही ध्वनिमत से स्वीकार करके इसे पास करवा दिया जाय उन्होने और उनकी पार्टी ने इसमें सरकार का पूरा सहयोग किया। इसके अलावा वे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से लगातार फोन पर वार्ता करके उन्हें सुझाव भी देती हैं और सीएम उनके सुझावों पर अमल करने का अश्वासन भी देते हैं। उनके कई सुझावों पर अमल भी सरकार ने किया। यह समय राजनैतिक श्रेय लूटने का नहीं है। इस काल में सभी को एक दूसरे के सहयोग से कोरोना संक्रमण पर जीत हासिल करने का प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद सदन में अपने पहले ही संबोधन में त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा था कि डॉ इंदिरा हृदयेश सदन में सबसी अनुभवी नेता है। उनसे सीखने की आवश्यकता है लड़ने की नहीं। इंदिरा के अनुसार सीएम इस बात पर अमल भी करते हैं। उन्होंने भगत को नसीहत दी कि झूठा शब्द सदन में असंसदीय माना गया है। यह बात विधायक होने के नाते भगत भी जानते है। उन्होंने कहा कि भगत की यह बात उन्हें बुरी लगी है।

उन्होंने भगत से कहा है कि वो अपना एक प्रतिनिधि नियुक्त कर दें जब भी वो मुख्यमंत्री से बात से बात करेंगी तो भगत या उनके प्रतिनिधि उनके साथ आए और उन्हें पता चल जाएगा कि सीएम से उन्होंने क्या बात की है। गौरतलब है कि हल्द्वानी में क्वारनटाइन किए गए लोगों की क्वारनटाइन अवधि पूरी होने के बाद लोगों को उनके गन्तव्य तक छोड़ने के लिये नेता प्रतिपक्ष डॉ इंदिरा ह्रदयेश ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से बात की थी जिसके बाद इंदिरा ह्रदयेश ने कहा था कि उनके सुझाव पर सहमति जताते हुवे मुख्यमंत्री ने आदेश जारी कर दिए हैं यही बात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत को नागवार गुजरी

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