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निकाय चुनावों में निर्दलियों का बड़ी संख्या में जीतकर आना साबित करता है कि राजनीतिक पार्टियों से जनता का मोहभंग होता जा रहा है

नगरीय सत्ता के लिए हुए चुनावों के परिणाम बताते हैं कि निर्दलियों पर इस बार मतदाता कुछ अधिक ही मेहरबान रहे। वर्ष 2013 व 18 में हुए चुनावों पर नजर डालें तो मतदाताओं का रूझान निरंतर निर्दलीय उम्मीदवारों की तरफ झुक रहा है। इस बार कुमाऊं व गढ़वाल मंडल में अलग-अलग एक दर्जन निकाय सीटों पर निर्दलीय कब्जा जमाने में सफल रहे तो वहीं दर्जन भर स्थानों में वह रनर अप भी रहे। निर्दलीय बगैर किसी बड़े तामझाम के अपने बलबूते जिस तरह सीट निकाल ले गए वह राष्ट्रीय दलों के लिए चिंता का विषय बन है। कुमाऊं मंडल के बेरीनाग, टनकपुर, बनबसा, लोहाघाट, बागेश्वर, रानीखेत, सितारगंज, केलाखेड़ा, महुआडाबरा, गदरपुर, सुल्तानपट्टी तो गढ़वाल मंडल के मसूरी, चिन्यालीसौड़, टिहरी, देवप्रयाग, दुगड्डा, लंढोरा, घनसाली, अगस्त्यमुनि, तिलवाड़ा सीट निर्दलीय जीतने में सफल रहे। इसके अलावा सैकड़ों निकाय वार्डों में भी मतदाताओं ने निर्दलियों पर भरोसा जताया।

कुमाऊं मंडल के नगरीय चुनावों के परिणामों पर नजर डालें तो बेरीनाग नगर पंचायत को छोड़ दें तो चारों सीटों पर भाजपा अपना परचम फहराने में सफल रही। जबकि 2013 के चुनावों में भाजपा व कांग्रेस दो-दो सीटों पर विजयी रही। नवगठित बेरीनाग नगर पंचायत जिसके लिए पहली बार चुनाव हुए उसमें निर्दलीय हेम पंत ने बाजी मारी। पिथौरागढ़ सीट पर इस बार त्रिकोणीय मुकाबला था। इस बार निर्दलीय शमशेर सिंह महर ने मुकाबले को रोचक बना दिया। कांग्रेस जो 2013 में चुनाव जीतने में सफल रही थी इस बार तीसरे स्थान पर खिसक गई। इस बार भाजपा के राजेंद्र सिंह रावत विजयी रहे तो निर्दलीय शमशेर सिंह महर रनर अप रहे। वहीं डीडीहाट नगरपालिका में भाजपा की कमला चुफाल ने निर्दलीय धना को परास्त किया। यहां कांग्रेस प्रत्याशी हेमंती देवी तीसरे स्थान पर रही। धारचूला नगरपालिका में भाजपा की राजेश्वरी देवी कांग्रेस की लक्ष्मी देवी को शिकस्त दी तो गंगोलीहाट में भाजपा की जयश्री पाठक ने कांग्रेस की सुनीता रावल को परास्त किया। बेरीनाग नगर पंचायत जिसके लिए पहली बार चुनाव हो रहे थे वहां पर निर्दलीय हेम पंत ने भाजपा के महेश पंत को परास्त किया।

चंपावत जिले में इस बार भाजपा बुरी तरह परास्त हुई। नगरपालिका चंपावत में कांग्रेस के विजय वर्मा ने निर्दलीय प्रकाश पांडे को परास्त किया। यहां भाजपा तीसरे स्थान पर खिसक गई। टनकपुर नगरपालिका में निर्दलीय विपिन वर्मा ने बाजी मारी। उन्होंने भाजपा के दीपक पाठक को पराजित किया। लोहाघाट नगर पंचायत की सीट निर्दलीय गोविंद वर्मा जीतने में सफल रहे।

इन्होंने भाजपा के दीपक ओली को शिकस्त दी। वहीं बनबसा सीट जिसके लिए पहली बार चुनाव हुए थे इसमें निर्दलीय रेनू अग्रवाल जीतने में सफल रही। इन्होंने भाजपा के विमला सजवाण को पराजित किया। अल्मोड़ा नगर पालिका में कांग्रेस के प्रकाश चंद जोशी लगातार दूसरी बार पालिकाध्यक्ष बनने में सफल रहे। उन्होंने भाजपा के कैलाश गुरूरानी को हराया। रानीखेत की चिड़ियानौला नगर पंचायत जिसमें पहली बार चुनाव हुए इसमें निर्दलीय कल्पना ने बाजी मारी। इन्होंने भाजपा के विमला आर्य को परास्त किया। भिकियासैंण नगरपंचायत में भी पहली बार चुनाव हुए थे इसमें भाजपा की अंबुली देवी ने कांग्रेस की कमला देवी को परास्त किया था। द्वाराहाट नगर पंचायत में भाजपा के मुकुल साह ने कांग्रेस के निर्मल मठपाल को पराजित किया। बागेश्वर जिले के परिणामों को देखें तो यहां पर निर्दलयी सुरेश खेतवाल विजयी रहे। इन्होंने भाजपा के कुंदन परिहार को हराया। कपकोट नगर पंचायत में कांग्रेस के गोविंद सिंह महर विजेता तो भाजपा के गिरीश जोशी उपविजेता रहे। नगर निगमों की बात करें तो हल्द्वानी, काशीपुर व रूद्रपुर में भाजपा विजयी रही। नैनीताल जनपद में लालकुआं, नैनीताल, भीमताल, रामनगर भाजपा के खाते में तो वहीं कालाढूंगी व भवाली सीट पर भाजपा कब्जा करने में सफल रही। मंडल के सबसे बड़े जिले ऊधमसिंह नगर के परिणामों पर नजर डालें तो यहां पर भी मतदाताओं ने निर्दलियों पर भरोसा जताया। सितारगंज, केलाखेड़ा, महुआडाबरा, गदरपुर, सुल्तानपुर निर्दलियों के खाते में गई तो दिनेशपुर, गूलरभोज, शक्तिगढ़ निकायों को जीतने में भाजपा सफल रही। कांग्रेस के हिस्से खटीमा, नानकमत्ता, महुआखेड़ा व किच्छा सीटें आई।

पिछली बार के निकाय चुनावों में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और भाजपा विपक्ष में थी। विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित नगरीय निकायों में आठ सीटें जीती थी तो कांग्रेस के हिस्से चार ही सीटें आ पाई थी। इस बार प्रदेश में पूर्ण बहुमत वाली भाजपा सरकार विद्यमान, लेकिन इस बार मुकाबला बराबरी का रहा। वर्ष 2013 के निकाय चुनावों के परिणामों पर नजर डालें तो जनपद पिथौरागढ़ के नगरपालिका पिथौरागढ़ में जगत सिंह खाती अध्यक्ष बने तो भाजपा के राजेन्द्र सिंह रावत उपविजेता रहे। लेकिन इस बार निर्दलीय उजविजेता गंगोलीहाट नगर पंचायत में भाजपा के विमल रावत अध्यक्ष बने तो निर्दलीय प्रत्याशी पूरन सिंह रावल उपविजेता मिले। कांग्रेस यहां अभी तक अपना जनाधर नहीं बना पाई है। धारचूला में कांग्रेस की दशरथी खैर विजयी रही थी तो भाजपा उपविजेता रही थी। डीडीहाट में भाजपा के कवींद्र शाही उपविजेता बने। चंपावत जनपद की नगरपालिका चंपावत में भाजपा के प्रकाश चंद्र तिवारी विजेता बने तो कांग्रेस के सज्जन लाल वर्मा उपविजेता रहे। टनकपुर नगरपालिका में कांग्रेस की लक्ष्मी पांडे विजयी रही थी तो उपविजेता लक्ष्मी पांडे रही। लोहाघाट नगर पंचायत में निर्दलीय लता वर्मा जीती तो वहीं कांग्रेस के सिंबल पर लड़ी रमा वर्मा दूसरे नंबर पर रही थी।

अल्मोड़ा में कांग्रेस के प्रकाश चन्द्र जोशी ने भाजपा के अजय वर्मा को हराया। द्वाराहाट नगर पंचायत में भाजपा-कांग्रेस को छोड़ परिणाम निर्दलियों के पक्ष में आया। जहां निर्दलीय विमला शाह अध्यक्ष बनी तो वहीं निर्दलयी पम्मी शाह उपविजेता रही थी। बागेश्वर नगरपालिका में कांग्रेस की गीता ने निदलीय समा साह को हराया तो यहां भाजपा तीसरे स्थान पर रही थी। कपकोट नगर पंचायत के लिए भाजपा के चम्पा आर्या विजयी रही तो कांग्रस की हंसी देवी दूसरे स्थान पर रही थी। नैनीताल जनपद में नजर डालें तो हल्द्वानी से भाजपा के डॉ. जोगेंद्र रौतेला ने सपा के अब्दुल मतीन को हराया था। रामनगर से कांग्रेस के मो. अकरम ने भगीरथ चौधरी को परास्त किया था। भवाली नगरपालिका में भाजपा की नीमा ने खष्टी बिष्ट को हराया। लालकुआं की सीट निर्दलीय रामबाबू मिश्रा को तो उपविजेता रहे निर्दलीय भुवन पांडे। भीमताल में भाजपा के राजेश नेगी ने नवीन आर्या को परास्त किया तो वहीं कालढूंगी में भाजपा के पुष्कर कत्यूरा ने दीप सती को तो वहीं नैनीताल सीट यूकेडी के पास गई थी। यहां से यूकेडी के श्याम नारायण विजयी रहे थे।

ऊधमसिंह नगर में रूद्रपुर नगर निगम में भाजपा के सोनी कोली विजयी रहे तो ममता रानी उपविजेता रही। काशीपुर से निर्दलीय ऊषा चौधरी विजेता बनी तो कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही। यहां के मतदाताओं ने भाजपा को नकार दिया। जबसपुर पालिका में बहुजन समाज पार्टी के मो. उमर सिद्दीकी विजेता बने थे तो कांग्रेस उपविजेता। गदरपुर पालिका में भाजपा की अंजुनी भुडडी विजेता तो बसपा के फरहान उपविजेता रहे थे। कांग्रेस यहां पिछड़ गई। किच्छा नगरपालिका में कांग्रेस के महेन्द्र चावला विजेता तो अब्दुल रशीद निर्दलीय के तौर पर उप विजेता बने। सितारगंज पालिका में कांग्रेस के कांता प्रसाद सागर की ताजपोशी हुई थी तो निर्दलीय राम नगीना रनर अप रहे थे। खटीमा नगर पालिका में कांग्रेस की सुरैया विजय रही थी तो वहीं अंशू जोशी निर्दलीय तौर पर उपविजेता रही। केलाखाड़ा नगर पंचायत में समाजवादी पार्टी के मो. शफी अध्यक्ष बने तो कांग्रेस के हामिद अली दूसरे स्थान पर रहे।

मखेड़ागंज नगर पंचायत में बसपा के अरविंद राणा विजेता रहे तो कांग्रेस के अब्दुल हसन उपविजेता रहे। दिनेशपुर नगरपंचायत में निर्दलीय काबुल सिंह अध्यक्ष बनने में सफल रहे तो वहीं भाजपा के हिमांशु सरकार दूसरे स्थान पर रहे। शक्तिगढ़ नगर पंचायत में कांग्रेस के सुकांत बृहम विजयी रहे तो निर्दलय के तौर पर अजय जायसवाल रनर अप रहे। बहुआडाबरा नगर पंचायत में निर्दलीय बहादुर विजयी रहे तो रनर अपरे के तौर पर भी निर्दलीय ऋषिपाल सिंह भी निर्दलीय थे। यहां भाजपा कांग्रेस को जनता ने पूरी तरह नकार दिया। सुल्तानपट्टी नगरपंचायत में भी निर्दलियों का राज रहा। यहां की जनता ने कांग्रेस भाजपा को पूरी तरह नकार दिया। यहां से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लोगों की पंसद जुम्मा बने तो वहीं निर्दलीय देवेन्द्र कुमार उपविजेता रहे। यानी 2018 के चुनावों की तरह ही जनता ने तब भी निर्दलियों के पक्ष में मतदान किया था। मतदाताओं का निर्दल पर बढ़ता भरोसा बताता है कि राष्ट्रीय दलों से लोगों का मोह भंग हो रहा है और उसे किसी तीसरे विकल्प की तलाश है।

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