Uttarakhand

अवैध कटान के आरोप में वन माफियों पर मुकदमा दर्ज

लैंसडौन वन प्रभाग में हरे पेड़ो का  कटान का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा।ताजा मामला लालढांग रेंज में बड़ी संख्या में खैर के हरे पेड़ो का अवैध कटान के मामले में वन विभाग ने तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज कर दिया है।
लैंसडौन वन प्रभाग के अंतर्गत लालढांग रेंज के यमकेश्वर विलोक के ग्राम सभा के दयावाला में सैकड़ों हरे पेड़ो के अवैध कटान के मामले की जांच चल ही रही थी ।अब वन माफियों का एक नया मामला प्रकाश में आ गया।मामला यमकेश्वर विलोक के ताल घाटी के दिवोगी गॉव के कंडारा का है जहाँ 60 पेड़ो को काटने की अनुमति की आड़ में खैर के 130 पेडों का अवैध रूप से कत्लेआम कर दिया।
ग्राम दियोगी में अवैध कटान की सूचना मिलने के बाद प्रभागीय वनाधिकारी वैभव कुमार सिंह,उप प्रभागीय वनाधिकारी जीसी बेलवाल,रेंज अधिकारी गॉव पहुँचे।जहाँ वन विभाग की टीम ने जाँच सुरु की जाँच में वन विभाग की टीम को मौके पर 125 खैर के कटे मिले।डीएफओ वैभव कुमार सिंह ने बताया काश्तकार भोपाल सिंह व महेन्द्र की ओर से 30-30 हरे पेड़ों की कटान की अनुमति ली गई थी जिसमे से गोपाल सिंह को तो विभाग की ओर से अनुमति दी गई थी मगर महेन्द्र सिंह की फाइल अभी प्रोसिजिंग में थी
 बाबजूद जिसके महेन्द्र सिंह से खेतो से खड़े करीब 75 हरे पेड़ो को काट दिए है।विभाग की ओर से काश्तकार महेन्द्र सिंह,भोपाल सिंह,ठेकेदार आनन्द बल्लभ थपलियाल व उसके मुंशी लक्ष्मण सिंह रावत के खिकाफ वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
ट्री प्रोटेक्शन 1976 के तहत आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर दिया है और आरोपियों की खोज बीन की जारी  है।
 ” वैभव कुमार प्रभिगीय वनाधिकारी लैंसडौन”
“उक्त मामले के जाँच की जा रही है अगर वन पंचायत की भूमि में किसी भी प्रकार का काटन किया गया हो तो आरोपियों के खिलाफ उचित कार्यवाही की जायेगी।”
कमलेश मेहता उपजिलाधिकारी लैंसडौन

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