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Uttarakhand

पौड़ी के कोविड अस्पतालों में भारी अव्यवस्था

उत्तराखण्ड के पहाड़ी जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हो चुकी हैं। पौड़ी के एक अस्पताल में अव्यवस्थाओं का एक ऑडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया गया है कि कोरोना संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिल रही है और अन्य किसी भी तरह की कोई सुविधा नहीं दी जा रही है।

सबसे ज्यादा बेस अस्पताल में भारी अव्यवस्था का आलम है। यहां भर्ती संक्रमितों को आॅक्सीजन नहीं मिल पा रही है जिससे कोरोना संक्रमित मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एक कोविड मरीज के रिश्तेदार ने अस्पताल में हो रही अव्यवस्थाओं का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। आॅडियो में एक अस्पताल का कर्मचारी और एक मरीज के रिश्तेदार का है। वायरल ऑडियो में अस्पताल मैनेजमेंट एवं स्टाॅफ की लापरवाही उजागर हुई है।

मरीज का आरोप है कि शिकायत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने इस पर कोई ध्यान नही दिया है। इतना ही नहीं ऑडियो में यह भी दावा किया जा रहा है कि अस्पताल में अनट्रेंड स्टाॅफ से काम लिया जा रहा है। अनट्रेंड स्टाॅफ अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहा है। ऑडियो से साफ जाहिर है कि पहाड़ों में किस तरह की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा दी जा रही है।

अस्पताल का बताया जा रहा है। जहां से अव्यवस्थाओं का वायरल ऑडियो होने के बाद से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। बीते दिनों भी इसी अस्पताल का सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक ऑडियो की है जिसमें मरीजों के लिए पीने के पानी की कोई व्यवस्था नही थी। मरीज वार्ड में बने टाॅयलेट टैंक से पानी पीते नजर आए थे। अस्पताल में मौजूद डाॅक्टर एवं मैनेजमेंट पर लापरवाही का आरोप लगा है। वायरल ऑडियो बेस अस्पताल श्रीकोट का है। बेस अस्पताल श्रीकोट में अब तक 67 लोगों की करोना संक्रमण से मौत हो चुकी है। वर्तमान में 163 कोरोना संक्रमित मरीज है जिसमें कि 46 संदिग्ध हैं। पौड़ी जनपद में कोरोना संक्रमित व्यक्ति की अभी तक की कुल सख्या 2309 है जिसमें 87 लोगों की मौत हो चुकी है।

दूसरी तरफ जनपद के जिला अस्पताल जो कि सरकार द्वारा पीपीपी मोड पर दिया गया है वहां पर भी किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं है। अस्पताल की ही एक स्टाफ नर्स ने नाम न छापने पर अस्पताल की पूरी कहानी सुना दी। उनका कहना है कि मेरे पिता जो कि 80 साल के हैं, उनकी तबियत खराब हुई तो कई बार 108 पर फोन किया, तो 108 वालों ने कहा कि एम्बुलेंस खाली है। उनके बाद पौड़ी मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में बनाया वाॅर रूम में भी कई बार फोन करने पर भी वहां से कोई भी सुविधा नहीं मिली। हम खुद गाड़ी बुकिंग करके पौड़ी जिला अस्पताल में पहुंचे तो वहां पर जो डाॅक्टर बैठे थे उन्होंने कहा कि इनको श्रीनगर रेफर करना है।

पौड़ी जिला अस्पताल (पीपीपी मोड) पर है जो कि अब भी सिर्फ रेफर सेंटर बना हुआ है। यहां के डाॅक्टरों का कहना है जिनका ऑक्सीजन लेबल 50 से ऊपर होता तो यही देख सकते थे, परंतु इनका आॅक्सीजन लेबल तो 50 से कम है। महिला का कहना है कि मैं खुद कोरोना पाॅजिटिव हो गई हूं और यहां पर न कोई डाॅक्टर आते है नहीं कोई स्टाफ आता है, खाने में भी बहुत बुरा हाल है। अस्पताल में भर्ती मरीजों का आरोप है कि उन्हें समय से खाना-पानी तक नहीं मिल रहा है। खाने की गुणवत्ता बेहद खराब है और समय पर नहीं दिया जाता है। इससे उनकी हालत और ज्यादा खराब हो रही है। हर दिन जनपद में 10 से 15 मौतें हो रही हैं। पौड़ी जनपद में पिछले 15 दिनों में 87 लोगों की मौत हो चुकी है।

 

बात अपनी-अपनी

सोशल मीडिया पर ऑडियो या वीडियो चलने को लेकर अफवाह फैलाई जा रही है, अगर किसी को कोई प्राॅब्लम है तो वह लिखित रूप में शिकायत कर सकता है, या फिर ऑफिस में आकर अपने नाम की शिकायत दे सकते हैं। जनपद के सारे अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए पूरी व्यवस्थाएं की गई हैं।
मनोज शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी पौड़ी

जनपद में कोरोना टेस्ट की सैम्पलिंग की जा रही है और अगर जरूरत पड़े तो उनको अस्पताल भी एडमिट किया जा रहा है, सभी जगह दवाइयां घर-घर भिजवाई जा रही है। दवाइयां, आशा और एएनएम द्वारा दिया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन द्वारा उक्त आॅडियो वायरल होने पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया है, पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। जांच करने के बाद ही दूसरे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डाॅ. विजय कुमार जोगदंडे, जिला अधिकारी गढ़वाल

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