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Uttarakhand

‘अपराधियों से निपटने का अच्छा अनुभव है’

हाल ही में राज्य सरकार ने 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी जन्मेजय खण्डूड़ी को हरिद्वार जनपद का पुलिस कप्तान नियुक्त किया है। खण्डूड़ी इससे पूर्व नैनीताल एसएसपी सहित एसपी चमोली, टिहरी, एएसपी रुड़की, एएसपी हरिद्वार सिटी, एएसपी हरिद्वार सदर के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पौड़ी जनपद के ग्राम कमेड़ा निवासी खण्डूड़ी एमएससी जूलोजी की शिक्षा प्राप्त हैं। उन्हें एक कर्तव्यनिष्ठ आईपीएस अधिकारी माना जाता है। ‘दि संडे पोस्ट’ के प्रमुख संवाददाता अहसान अंसारी की उनसे हुई बातचीत के अंश
आप पुलिस सेवा में आए यह प्रेरणा आपको कहां से मिली?
मेरे पिता बीएसएफ में रहे हैं। इस कारण वर्दी के साथ मेरा जुड़ाव शुरू से ही रहा है। देश सेवा करने का जज्बा मुझे परिवार से ही मिला।
अपने कॉलेज और आईपीएस की तैयारियों के बारे में कुछ बताइए?
मेरी शुरुआती शिक्षा केंद्रीय विद्यालय जैसलमेर, जोधपुर, बाड़मेर राजस्थान में हुई है। इसके पश्चात दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीएससी ऑनर्स जूलॉजी, एमएससी जूलॉजी करने के पश्चात नीट में भी सफलता प्राप्त की। इसके पश्चात कुछ समय विभिन्न कोचिंग इंस्टीट्यूट में कोचिंग ली। उसी दौरान आईपीएस की परीक्षा पास की।
आप पुलिस में न आते तो इस वक्त क्या कार्य कर रहे होते?
निश्चित रूप से प्रोफेसर होता, क्योंकि आईपीएस की परीक्षा पास करने से पूर्व मैं कोचिंग ही देता था।
जन्मजेय का अर्थ होता है जन्म से विजेता। कितनी प्रेरणा मिलती है आपको?
मैं अपने माता-पिता का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे इतना अच्छा नाम दिया और जब नाम का मतलब इतना भारी भरकम हो तो नाम के अनुसार जीना भी पड़ता है। इससे व्यक्ति के अंदर सकरात्मक सोच निर्मित होती है और नाम से ही व्यक्ति का व्यक्तित्व निखरता है।
अक्सर हम देखते हैं कि जब कोई आईपीएस या आईएएस बनता है तो उसमें गजब का जोश-जुनून उत्पन्न होता है, लेकिन सिस्टम में आकर वो स्पार्क कहीं खो सा जाता है, क्या मानते हैं?
मैं इससे इत्तेफाक नहीं रखता हूं। व्यक्ति विजन के साथ अपने काम को अंजाम दे तो सफलता निश्चित मिलती है। और मेरा मानना है कि विजन के साथ काम करने वाले व्यक्ति में स्पार्क कम नहीं होता है।
बात करें हरिद्वार की तो नैनीताल से अलग यहां की परिस्थितियां हैं, क्या योजना है हरिद्वार को लेकर?
नैनीताल में और हरिद्वार में कोई फर्क नहीं समझता हूं, नैनीताल में जिस प्रकार पहाड़ एवं मैदानी क्षेत्र अलग-अलग हैं उसी प्रकार हरिद्वार में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में अलग-अलग परिस्थितियां हैं। नैनीताल देश का सबसे बड़ा टूरिस्ट स्थल है जिस कारण वहां यातायात की बहुत बड़ी समस्या थी। मेरे द्वारा नैनीताल में यातायात व्यवस्था को सुधारा गया है। वही स्थिति हरिद्वार में है। हरिद्वार देश का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। जिस कारण यहां भी भक्तों का आना-जाना बड़ी संख्या में लगा रहता है। यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए अनुभव के आधार पर कार्य किया जाएगा।
पड़ोसी राज्य के अपराध और अपराधियों की आवाजाही हरिद्वार के लिए एक चुनौती है?
मैं चमोली, टिहरी और नैनीताल में पुलिस कप्तान के पद पर लंबे समय तक रहा हूं जिस कारण अपराधियों  और उनके द्वारा संचालित गैंग से निपटने का मुझे खासा अनुभव है। उसी अनुभव के आधार पर अपराधियों पर शिकंजा कसा जाएगा और क्षेत्रीय विधायक और लोकसभा सदस्य से अनुरोध कर महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी नेटवर्क की स्थापना सांसद, विधायक निधि से कराए जाने का प्रयास किया जाएगा।
हाल ही में एएसपी परीक्षित कुमार पर महिला पुलिसकर्मी द्वारा लगाए गए आरोपों पर क्या कहेंगे?
महिला पुलिसकर्मी द्वारा यौन शोषण के आरोप नहीं लगाए गए हैं। उसके द्वारा तंग किए जाने का उल्लेख  करते हुए प्रार्थना पत्र दिया गया है। जिस पर कार्यवाही के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त किया जा रहा है।
आप एक खुशमिजाज अधिकारी हैं। हाल में पुरस्कार से नवाजे जा चुके हैं। अपने कार्यों में और जीवन में कैसे सामंजस्य बैठाते हैं। एक काम जो आप अपने से वादा किए हुए हैं और नहीं हुआ है?
सबके लिए मेरा यह संदेश है कि जीवन में सुख-दुख के क्षण आते रहते हैं फिर भी अगर आप उसको मुस्कुराते हुए डील करते हैं तो आपसे कभी गलत कार्य नहीं होगा। अगर आप उत्तेजित होते हैं तो आपसे हमेशा गलतियां होती हैं। 11 साल की पुलिस सेवा में मैंने यह सीखा है कि व्यक्ति को सभी तरह की परिस्थितियों को हंस कर झेलना चाहिए। कई बार ऐसी परिस्थितियां होती हैं जो हम सोचते हैं, नहीं हो पाता है। तब इस प्रकार आकस्मिक घटना होने पर शांतचित्त होकर उसका खुलासा किया जाता है।

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