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Uttarakhand

फरियादी ने मिर्ची का लगाया धुआं मची अफरा तफरी…

प्रदेश के मुखिया हमेशा यही कहते आये हैं की जनता औऱ अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल रहे, जनता की दिक़्क़तों को प्रशासनिक अधिकारी समझें, उनका समाधान करें, लेकिन क्या ऐसा वास्तव में हो रहा है? तो सरकारी सिस्टम कहेगा हाँ, लेकिन सरकारी सिस्टम के दावों की पोल खोलने के लिए हल्द्वानी के एसडीएम कार्यालय एवं सिटी मजिस्ट्रेट ऑफिस का मामला काफ़ी है।
                 एसडीएम हल्द्वानी ऑफिस के बाहर हंगामा आनंद बल्लभ पांडेय का आरोप है की इन्होंने सरकारी सिस्टम से तंग आकर एसडीएम कार्यालय के बाहर मिर्ची जला दी, आनंद पांडेय अपने किसी काम के लिए पिछले कई दिनों से स्थानीय प्रशासन के चक्कर लगा रहा था, मिर्ची जली तो कार्यालय के बाहर मौजूद सभी लोग सकते में आ गए, लोगों ने विरोध किया तो कहासुनी शुरू हुई, तीखी नोकझोक भी हुई, पीड़ित किसी की भी सुनने को कहाँ तैयार था, जल्दी जल्दी जलती मिर्ची पर लोगो ने पानी डालकर बुझा दिया, लेकिन प्रशासन के खिलाफ उसका गुस्सा नही थमा, आनन फानन में पुलिस बुला ली गयी, पुलिसकर्मियों ने समझाने के प्रयास किया लेकिन नतीजा शून्य निकला, पुलिस पीड़ित फरियादी को अपने साथ ले गयी, एसडीएम ऑफिस में मौजूद लोंगो के मुताबिक दरअसल यह गुस्सा सरकारी सिस्टम के ख़िलाफ़ है औऱ हो भी क्यों ना अधिकारी हैं की सुनते ही नही, सवाल तो यह है की जनता को ऐसे कदम उठाने ही क्यों पड़ रहे हैं। वही एसडीएम विवेक राय ने कहा की हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है, जनता को कोई समस्या है तो अधिकारियों से आकर मिले, लेकिन ऐसे कोई कानून अपने हाथ मे लेगा तो यह सब नही चलेगा। सरकारी सिस्टम पर सवाल उठाने के लिए यह घटना काफी है, साबित हो गया है की संवाद कार्यक्रम, जीरो टॉलरेंस समेत अनेक बातें केवल दावे बनकर रह गए हैं।

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