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हरिद्वार नगर निगम की पहल पर 28 अक्टूबर को शहर भर में गंगा घाटों और गंगा के भीतर की सफाई के लिए हजारों लोग उमड़ पड़े। दर्जनों स्वयंसेवी संस्थाएं शिक्षण संस्थाएं, गैर सरकारी संगठन सामाजिक संगठन और व्यापारिक प्रतिष्ठान गंगा सफाई के लिए मुस्तैद नजर आए। शांतिकुंज, पतंजलि जैसे विश्व स्तरीय संस्थानों ने भी इस महा सफाई अभियान में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। नतीजन कुछ ही घंटों में हर की पैड़ी से लेकर ज्वालापुर तक के सभी गंगा घाट साफ हो गए। यही नहीं! गंगा बंदी के कारण गंगा के भीतर से भी सारा कूड़ा करकट-इकट्ठा कर लिया गया। देखते ही देखते पूरे शहरी क्षेत्रों में गंगा की तलहटी को पूरी तरह साफ कर दिया गया। वह भी ऐसे समय पर जब सिंचाई विभाग के पास गंगा बंदी के दौरान इसकी सफाई के लिए कोई बजट नहीं था।

नगर निगम हरिद्वार ने इस अभियान को सोशल मीडिया पर खूब प्रसारित किया। मुख्य नगर आयुक्त ललित नारायण ने इसमें काफी दिलचस्पी दिखाई। सोशल मीडिया पर निगम ने ‘हर गंगे अभियान’ नाम से कई दिनों से अभियान चलाया था। जिस कारण आम से लेकर खास सभी सफाई में शामिल हो गए। निगम अधिकारियों का भी मानना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से हर जगह गंगा सफाई के लिए संदेश पहुंचाना लाभप्रद रहा। इस अभियान का क्रेज इस कदर फैला कि आम लोगों ने घरों से निकलकर गंगा को पूरी तरह साफ और स्वच्छ करके दिखा दिया।

यह पहल अपने आप में अभूतपूर्व थी क्योंकि गंगा सफाई के लिए अब से पहले इतने बड़े स्तर पर कोई अभियान नहीं चलाया गया। खुद स्वामी अवधेशानंद, आचार्य बालकøष्ण जैसे धर्मगुरुओं ने भी इस सफाई अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह केवल पहला मौका नहीं था इससे पहले कांवड़ मेले के बाद पसरी गंदगी को भी शहर भर से इसी तरह एक अभियान चलाकर पूरी तरह साफ किया गया था। क्योंकि करोड़ों की संख्या में आये कांवड़िए अपने पीछे गंदगी का अंबार छोड गए थे। चारां तरफ भयंकर बदबू फैली थी। जिससे बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया था। ऐसे समय मे नगर निगम ने हर गंगे अभियान चलाकर पूरे शहर में सफाई कराई थी जिसमें दर्जनों संस्थाओं और संगठनों के हजारों लोगों ने हिस्सा लिया था। कांवड मेले की पूरी गंदगी को दूर करने का सफल प्रयास किया गया। कांवड मेले की गंदगी को साफ करने के समय भी एमएनए ललिल नारायण मिश्र के इस कार्य की भरसक प्रशंसा हुई थी उसी तर्ज पर हुए इस सफाई अभियान को भी उम्मीद से बेहतर सफलता मिली। नगर निगम अधिकारियों के साथ कई विभागां के एचओडी ने भी इस अभियान में हिस्सा लिया।

पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता मौहम्मद मीसम के ने मुस्लिम समाज का नेतृत्व किया। इससे ज्वालापुर क्षेत्र में गंगा के बीच जमा गंदगी को साफ किया गया। वह भी अपने आप में नजीर बन गई क्योंकि इस सफाई अभियान में धार्मिक सौहार्द भी झलककर सामने आया।

हालांकि हरिद्वार में गंगा की सफाई को लेकर कई संस्थाएं अपने स्तर पर काम करती हैं। कई संस्थाओं के कार्यकर्ता साप्ताहिक या मासिक स्तर पर गंगा घाटों की सफाई करते हैं पर प्रशासन के अभियान में आम लोगों का इस प्रकार जुड़ना बड़ी बात है। यह प्रशासन के लिए भी एक सुखद खबर है। प्रशासन भविष्य में इस तरह का सफाई अभियान चलाने के लिए उत्साहित होगा। मुख्य नगर आयुक्त ललित नारायण का कहना है कि जिस प्रकार हजारों लोग इस अभियान से जुड़े उससे हमारा हौसला बढ़ा है। हमें यह अभियान भविष्य में प्रेरित जरूर करेगा।

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