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Uttarakhand

हैट्रिक की कगार पर फुरकान अहमद

हरिद्वार जनपद की पिरान कलियर सीट पिछले 10 बरसों से कांग्रेस के पास बनी रही है। 2022 के चुनाव में भी यहां से विधायक हाजी फुरकान अहमद के विधायक चुने जाने की सबसे ज्यादा संभावना है। हालांकि बीते 10 बरस के दौरान विधायक क्षेत्र के विकास के नाम पर खास उपलब्धि अपने नाम दर्ज नहीं करा पाए हैं लेकिन राजनीतिक समीकरणों के चलते उनका इस बार भी इस सीट से जीत दर्ज कराना हाल-फिलहाल तक पक्का नजर आ रहा है। बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की यहां भारी किल्लत है। नशे का काला कारोबार भी इस क्षेत्र में जमकर होता है। विश्व प्रसिद्ध दरगाह कलियर शरीफ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी विधायक फुरकान सामान्य सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं करा पाए हैं। भाजपा धार्मिक समीकरणों के चलते इस सीट पर खास प्रभाव नहीं रखती है तो सपा और बसपा का प्रभाव भी अब इस सीट पर पहले समान नजर नहीं आता है

वर्ष 2008 में हुए परिसीमन के पश्चात अस्तित्व में आई कलियर विधानसभा सीट पर 2012 में पहला विधानसभा चुनाव हुआ जिसमें उस दौरान इस सीट पर 91,933 मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया। पिरान कलियर सीट पर पिछले दो चुनावों में कांग्रेस ने जीत दर्ज की है और दोनों चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में फुरकान अहमद विधायक चुने गए। पिरान कलियर विधानसभा सीट पर 10 साल से कांग्रेस काबिज है, यह सीट हरिद्वार जिले में पड़ती है, 2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार फुरकान अहमद लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए हैं। पिरान कलियर में हजरत मखदूम अलाउद्दीन अहमद साबरी की दरगाह है, जहां हर साल उर्स का आयोजन किया जाता है जिसमें देश-विदेश से लोग पहुंचते हैं। इस उर्स का आयोजन 750 से अधिक साल से किया जा रहा है।

2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर जय भगवान सैनी पर ही दांव खेल सकती है। 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में जयभगवान ने भाजपा प्रत्याशी के रूप में वर्तमान विधायक फुरकान अहमद को कड़ी टक्कर देते हुए जीत के मार्जन को कम करने में भूमिका निभाई थी। 2017 में जयभगवान और फुरकान के बीच हुए मुकाबले में हार-जीत का अंतर मात्र 1349 वोटों का रहा। बात करें कांग्रेस की तो कलियर से सीटिंग विधायक फुरकान अहमद का टिकट फाइनल माना जा रहा है। ऐसे में प्रत्याशियों को लेकर बसपा, आप और कांग्रेस के प्रत्याशियों के नाम सामने आ चुके हैं। भाजपा प्रत्याशी तय होने पर राजनीतिक दंगल सजेगा और एक-दूसरे का भार भी मापा जाएगा, इस सीट पर फिलहाल कांग्रेस अन्य दलों पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है। 2022 में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में इस बार कलियर सीट पर 1,25,000 मतदाता प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे जो 2017 के मुकाबले 14,000 मतदाता अधिक होगे।

हाजी फुरकान अहमद कांग्रेस के प्रबल दावेदार हैं, मौजूदा विधायक होने के नाते भी इस सीट पर किसी अन्य कांग्रेसी का आना असम्भव है। फुरकान अहमद द्वारा कराए गए कार्य एवं गतिमान विकास कार्यों को लेकर हाजी फुरकान जनता के बीच जा रहे हैं। परंतु कलियर में विकास को लेकर किए गए फुरकान के दावे धरातल पर हवा-हवाई नजर आते हैं। क्षेत्र में विकास कार्यों की बात करें तो विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थली होने के बावजूद कलियर आज भी अपने विकास को तरस रहा है। कलियर दरगाह में ही इसकी बानगी साफ नजर आती है। दरगाह स्थित वक्फ बोर्ड के कार्यालय में बदहाली का आलम यह है कि पिछले 6 माह से वहां किसी प्रबंधक की नियुक्ति नहीं की गई है। यही नहीं, विश्व प्रसिद्ध धर्मस्थली होने के बावजूद कलियर में क्षतिग्रस्त अंदरूनी सड़कें विधायक द्वारा किए गए बदहाल विकास कार्यों की कहानी बयान करती नजर आती हैं। फुरकान भले ही कलियर विधानसभा सीट पर विकास के दावे करते हों, परंतु कलियर में गंग नहर पर स्थित पुराने पुल के क्षतिग्रस्त होने पर पिछले 5 वर्षों से बंद इस पुल पर आवाजाही उनके दावों की पोल खोलती नजर आती है।

 

पिछले 10 वर्षों से कलियर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे विधायक हाजी फुरकान अहमद के पास 10 वर्षों में किए गए कार्यों को लेकर दावे भले ही बड़े-बड़े किए जाते हों परन्तु एक भी ऐसा कार्य नजर नहीं आता जो फुरकान अहमद के काबिल और विकास पुरुष विधायक होने का दावा पुख्ता करता नजर आता हो। बेहतर बिजली, पानी, शिक्षा, रोजगार जैसे मुद्दे इस विधानसभा सीट के मतदाताओं के लिए सपने समान नजर आते हैं। विश्व प्रसिद्ध धर्मस्थली होने के बावजूद कलियर में बढ़ता नशे का कारोबार फुरकान की नाकामी उजागर करता है। पिछले 10 वर्ष के विधायक कार्यकाल में कलियर आज भी एक अदद रोडवेज बस अड्डे को तरस रहा है। कलियर विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत आने वाले खादर क्षेत्र में आवाजाही के लिए यातायात की सरकारी सुविधा आज भी इस क्षेत्र के निवासियों के लिए दूर की कौड़ी नजर आती है।

 

स्वयं विधायक भी इस बात को स्वीकार करते हुए हास्यास्पद रूप से कहते हैं कि क्षेत्र की जनता अपने कार्यों मंे व्यस्त रहती है जिस कारण उनके द्वारा मार्गों पर यातायात के साधनों को बढ़ाने के लिए कोई मांग नहीं की जाती। जिसके चलते पिरान कलियर विधानसभा सीट पर 10 साल से कांग्रेस के काबिज होने के बावजूद यह क्षेत्र आज भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। बात कलियर की ही करे तो कलियर में विश्व प्रसिद्ध दरगाह होने के चलते प्रतिवर्ष लाखों अकीदतमंद कलियर पहुचते है, परन्तु कलियर पहंुचने वाले इन जायरीनों की सुविधा की बात की जाए तो कलियर स्थित एक मात्र सीएचसी किराए के भवन में संचालित हो रहा है। तो वहीं, दूसरी ओर पिछले 10 वर्षों से युनानी मेडिकल काॅलेज खुलवाने का दावा करते आ रहे वर्तमान विधायक आज तक भी युनानी मेडिकल की स्थापना कराने में सफल साबित नहीं हुए है। यहीं नहीं दरगाह में जियारत को पहंुचने वाले जायरीनों की सुविधा को लेकर भी फुरकान
लापरवाह नजर आते है। रेन बसेरे नाम मात्र के बनकर रह गए है। जिस कारण जायरीन कड़ाके की ठंड में भी खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर है।

 

फुरकान ने 2012 में बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार शहजाद को हराया था। इस चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार फुरकान अहमद को 25,870 वोट मिले थे, जबकि बसपा के शहजाद को 23,926 वोट मिले। तीसरे नंबर पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार श्यामवीर सैनी रहे थे, जिन्हें 21,648 वोट मिले। इस सीट पर 2012 में कांग्रेस का वोट शेयर 35.5 प्रतिशत था तो बहुजन समाज पार्टी का वोट शेयर 32.41 प्रतिशत और भारतीय जनता पार्टी का वोट शेयर 29.33 प्रतिशत रहा था। 2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार फुरकान अहमद लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार जय भगवान को हराया था। इस चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार फुरकान अहमद को 29,243 वोट मिले थे। जबकि भाजपा के जय भगवान को 27,894 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर बसपा से बगावत कर निर्दलीय मैदान में उतरे शहजाद रहे थे। शहजाद को 23,843 वोट मिले थे। बहुजन समाज पार्टी प्रत्याशी राव साजिद को 6188 वोट मिले थे। 2017 में कांग्रेस पार्टी का वोट शेयर 32.43 प्रतिशत था। भारतीय जनता पार्टी का वोट शेयर 30.93 प्रतिशत, निर्दलीय उम्मीदवार का वोट शेयर 26.44 प्रतिशत और बहुजन समाज पार्टी का वोट शेयर 6.86 प्रतिशत था।

 

2012 और 2017 के चुनाव में फुरकान के सामने मजबूत दावेदार रहे मोहम्मद शहजाद इस बार 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस विधायक के सामने नहीं होंगे। भले ही इस बात से फुरकान राहत महसूस कर रहे हों, बावजूद इसके इस बार फुरकान की राह आसान नजर नहीं आती। शहजाद की बात की जाए तो शहजाद कलियर विधानसभा के बजाय इस बार लक्सर विधानसभा सीट पर चुनावी तैयारियों में जुटे हुए हैं। लक्सर विधानसभा सीट पर झोझा बिरादरी के मतदाताओं और कलियर विधानसभा सीट पर शहजाद की बिरादरी से जुड़े तेली मतदाताओं की संख्या को देखते हुए कलियर के वर्तमान विधायक हाजी फुरकान अहमद जो झोझा बिरादरी से आते हैं दोनों के बीच सीट की अदला बदली के मध्य बिरादरी वाद के समझौते की भी चर्चा राजनीतिक गलियारों में चल रही है। कलियर विधानसभा सीट से मोहम्मद शहजाद द्वारा पलायन करने के पश्चात हाल ही में बसपा ने कलियर सीट पर सुरेंद्र सैनी को प्रभारी बनाया है। सैनी पिछले काफी लंबे समय से बसपा के साथ जुड़े हैं और पूर्व में भी अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं। परन्तु सुरेन्द्र सैनी शहजाद के मुकाबले बसपा प्रत्याशी के रूप में कमजोर दावेदार माने जा रहे हैं।

आम आदमी पार्टी भी इस सीट से प्रत्याशी उतारने का मन बना चुकी है। बाहरी का तमगा लिए आप प्रत्याशी शादाब आलम ने भी क्षेत्र में जनसम्पर्क अभियान शुरू कर दिया है। दिल्ली माॅडल पर क्षेत्र की जनता से वोट की अपील करते शादाब आलम के लिए बाहरी होना मुश्किलें खड़ी कर सकता है। सपा नेता मौसम अली ने भी इस सीट से अपनी दावेदारी पेश कर डाली है। मौसम अली स्थानीय होने के साथ-साथ संघर्षशील नेताओं में गिने जाते हैं, क्षेत्र की समस्याओं के प्रति अपनी आवाज बुलंद करने में मौसम अली हमेशा आगे रहे हैं।

 

पिछले 10 वर्षों में विधायक फुरकान अहमद ने एक भी ऐसा कार्य नहीं किया जिसका श्रेय विधायक को दिया जा सकता हो, पूरा विधानसभा क्षेत्र आज भी विकास को तरस रहा है। कलियर में क्षतिग्रस्त पड़ी सड़कें विकास की कहानी बयान कर रही हैं।
मौसम अली, पूर्व जिलाध्यक्ष, समाजवादी युवजन सभा

 

फुरकान अपने 10 वर्षों के कार्यकाल में नाकाम साबित हुए हैं। क्षेत्र की समस्याओं को लेकर विधायक कितने सजग हैं इसका पता इसी बात से चलता है कि फुरकान अहमद ने अपने 10 वर्ष के कार्यकाल में क्षेत्र की समस्याओं को लेकर विधानसभा में आज तक एक भी प्रश्न नहीं उठाया है। विधानसभा क्षेत्र की सड़कें बदहाल हैं, खादर क्षेत्र में संपर्क मार्गों सहित मुख्य मार्गों का भी बुरा हाल है। सड़कों पर 2-2 फुट पानी भरा हुआ है। जिस नाम से कलियर विधानसभा अस्तित्व में आई हैं। उसी कलियर में गंग नहर पर बने पुल जर्जर हालत में है विधायक तमाम दावे करें परंतु विधानसभा क्षेत्र की बदहाली किसी से छिपी हुई नहीं है। 2022 में जनता फुरकान अहमद को हराकर उनको आईना दिखाने का काम करेगी।
जय भगवान सैनी, पूर्व प्रत्याशी, कलियर विधानसभा, भाजपा

 

वर्तमान विधायक फुरकान अहमद इस सीट से भले ही दो बार के विधायक हों, परंतु इस विधानसभा में आज भी बिजली, पानी, शिक्षा, रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं का टोटा बना हुआ है। नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने में विधायक नाकाम साबित हुए हैं। कलियर से बच्चे गायब होना भी एक मुद्दा है। कलियर की सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे है। पूरी विधानसभा में आवाजाही के साधन न होने के चलते आम जनमानस को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यूनानी अस्पताल का निर्माण आज तक नहीं किया जा सका है यही नहीं, कलियर में चल रहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आज भी किराए की बिल्डिंग से ही संचालित हो रहा है। कलियर की अंदरूनी सड़कें बदहाल हालत में हैं। जो विधायक द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों के दावों की पोल खोलती नजर आती हैं।
इंजीनियर शादाब आलम, प्रभारी, कलियर विधानसभा, आम आदमी पार्टी

मैने अपने 10 वर्ष के कार्यकाल में शिक्षा, सड़क और स्वास्थ्य पर तमाम कार्य कराए हैं। जिसमें रामपुर में राजकीय कन्या इंटर काॅलेज,भौंरी में इंटर काॅलेज, मखदुमपुर में डिग्री काॅलेज,  दौलतपुर में इंटर काॅलेज शामिल हैं। ये सभी 2012 में विधायक चुने जाने के बाद मेरे द्वारा पहली योजना में स्वीकृत कराए गए। इसके अतिरिक्त पिरान कलियर में मुकरपुर में राजकीय इंटर काॅलेज, गंग नहर पर एक पुल सहित रामपुर चुंगी से कलियर बाईपास मार्ग पर भी कार्य प्रारंभ होने वाला है। जहां तक कलियर शरीफ में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग का सवाल है तो उसका भी उद्घाटन किया जा चुका है। यूनानी मेडिकल काॅलेज हमारी सरकार के दौरान स्वीकृत कराया था जिस पर अभी कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। जहां तक कलियर में रोडवेज बस स्टैंड के निर्माण का सवाल है तो यह वास्तव में हमारी नाकामी है कि अभी तक रोडवेज बस स्टैंड नहीं बन सका है। खादर क्षेत्र में जहां तक यातायात सुचारू रूप से संचालन का प्रश्न है तो वहां के ग्रामीण ही यातायात व्यवस्था नहीं चाहते क्योंकि वह अपने काम-धंधे में लगे रहने वाले लोग हैं। उन्हें सरकारी परिवहन सुविधा से कोई मतलब नहीं है। बाकी अपनी विधानसभा में मैंने तमाम सड़कों सहित कई स्थानों पर पानी की टंकी की स्थापना भी कराई है।
फुरकान अहमद, विधायक, पिरान कलियर

 

  • हमजा राव

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