[gtranslate]

हरेंद्र प्रसाद

ऊधमसिंहनगर जिले के मझोला में स्थित सहकारी चीनी मिल एक दशक से अधिक समय से बंद पड़ी है। यहां के किसानों, कर्मचारियों को पिछले 11 सालों से इसे चलने का आश्वासन मिल रहा है लेकिन अभी तक मिल चालू नहीं हुई है। इसके लिए किसान और कर्मचारियों, अधिकारियों से लेकर विधायकों, मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों तक से गुहार लगा चुके हैं। हर बार उन्हें तारीख और आश्वासन ही मिलता है। आखिरकार किसानों के सब्र का बांध टूट गया। वे आंदोलन पर उतर आए हैं।

मझोला सहकारी मिल चालू नहीं होने के कारण क्षेत्र के गन्ना किसानों को काफी परेशानी हो रही है। उन्हें दूर के चीनी मिल में अपना गन्ना लेकर जाना पड़ता है। इससे उनका खर्च भी बढ़ रहा है। क्षेत्र के कई गन्ना किसानों ने तो खेती करना ही छोड़ दिया है। लेकिन इन सबका सरकार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। पिछले 11 सालों में प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस की सरकार रही है। दोनों में से किसी सरकार ने मझोला मिल को चालू करने की कोशिश नहीं की। इससे क्षेत्र की जनता दोनों पार्टी से नाराज हैं। पिछले सप्ताह 23 दिसंबर को भारतीय किसान यूनियन ने पद यात्रा निकाली और एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया था। यूनियन के कार्यकर्ताओं ने चीनी मिल चलाओ, मझोला बचाओ का नारा दिया है। प्रदर्शन के उपरांत बंद पड़ी चीनी मिल पर किसानों ने धरना दिया। यूनियन के पदाधिकारियों के अनुसार जब तक इस चीनी मिल को चलाने का लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक धरना जारी रहेगा।

किसानों के इस आंदोलन को उद्योग व्यापार मंडल ने भी समर्थन दिया है। मिल बंद होने के कारण मझोला बाजार के व्यापारियों को भी आर्थिक नुकसान हो रहा है। युवा व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष कपिल अग्रवाल ने बताया कि नगर इकाई द्वारा लिए गए निर्णय को जिला व्यापार मंडल ने भी समर्थन दे दिया है। 29 दिसंबर को मझोला मिल चलाने को लेकर एक दिवसीय नगर बंदी भी किया जाएगा। यदि इसके बाद भी सरकार कान बंद कर बैठी रही तो मझोला नगर के साथ जिले भर का व्यापारी अनिश्चितकालीन बंदी कर आमरण-अनशन करेंगे।

मझोला नगर व्यापार मंडल ने बैठक कर आगे की रूपरेखा तैयार किया है। यह बैठक युवा व्यापार मंडल नगर अध्यक्ष अमृत पाल सिंह पन्नू के प्रतिष्ठान पर वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष प्रेम गोयल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इसका संचालन नगर व्यापार मंडल महामन्त्री सलीम इदरीसी ने किया। बैठक में व्यापार मंडल के नगर चेयरमैन रमेश गर्ग ने कहा कि अब तक सभी सरकारों ने मझोलावासियों की भावनाओं के साथ सिर्फ खिलवाड़ किया है। कभी भी मझोला चीनी मिल चलाने के लिए गंभीरता से प्रयास ही नहीं किया गया। पूर्वांचल से लेकर पूरे प्रदेश में कई दशकों से चीनी मिल बंद है। मझोला क्षेत्रवासियों के हिस्से सिर्फ कोरे वादे के सिवा कुछ नहीं आया। यहां तक कि एथेनोल का पेट्रोलियम पदार्थों में मिश्रण के लिए पूरे देश में 10 गुना उत्पादन बढ़ाने की जरूरत होने के बाबजूद मझोला चीनी मिल में एथेनोल प्लांट तक लगाने की जरूरत नहीं समझी गयी।

जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेम गोयल ने कहा कि मझोलावासियों के साथ चल रहा निरंतर सौतेला व्यवहार अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। व्यापारी, किसान और मजदूर सब मिलकर अपने हक की लड़ाई लड़ेंगे। और उसे लेकर रहेंगे। नगर अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने कहा कि मझोला नगर में व्यापार के अवसर खत्म हो जाने से बहुत बड़ी संख्या में लोग और व्यापारी यहां से पलायन कर गए हैं। इससे नगर का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।

You may also like

MERA DDDD DDD DD