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Uttarakhand

भूस्खलन के डर से रात को घरों को छोड़ सुरक्षित जगहों पर चले जाते हैं ग्रामीण 

लक्ष्मण नेगी 

ऊखीमठ! कालीमठ घाटी में विगत कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से घाटी के जाल मल्ला, चौमासी, जाल तल्ला व चिलौण्ड गाँवों में प्रकृति का कहर बरप रहा है। ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ चुकी है। चारों गाँवों में दर्जनों मकानों के खतरे की जद में आने से सांय सात बजे बाद ग्रामीण बोरिया बिस्तर समेट कर सुरक्षित घरों में रात्रि गुजारने को विवश बने हुए हैं। गाँवों के पैदल मार्गों के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को जान हथेली पर रखकर मंजिल तक पहुंचना पड़ रहा है। काश्तकारों की कृषि भूमि व फसलें भूधंसाव के कारण बर्बाद होने से ग्रामीणों को भविष्य में दो जून की रोटी के लिए मोहताज होना पड़ सकता है!

 

गाँवों को पेयजल आपूर्ति करने वाली पेयजल योजनाओं के क्षतिग्रस्त होने से मीलों दूर प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। गुप्तकाशी – कालीमठ – चौमासी मोटर मार्ग पर जाल मल्ला – चौमासी के मध्य मोटर मार्ग का पुश्ता क्षतिग्रस्त होने से चौमासी के ग्रामीणों को रोजमर्रा की सामाग्री पीठ में ढोने पड़ रही है। जानकारी देते हुए प्रधान जाल मल्ला त्रिलोक रावत ने बताया कि विगत दिनों क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश से गांव में भूधंसाव होने से केशर सिंह का मकान व गौशाला तथा संग्राम सिंह की गौशाला खतरे की जद में आ गये हैं।  नरेंद्र सिंह, चन्द्र सिंह, शिव सिंह सहित एक दर्जन से अधिक काश्तकारों की कृषि भूमि व फसलों को भारी नुकसान हुआ है। भविष्य में तीन दर्जन से अधिक परिवारों को खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने बताया कि जलयाण – चौमासी – जाल मल्ला पेयजल योजना के क्षतिग्रस्त होने से गांव के 15 परिवारों में पेयजल संकट बना हुआ है। प्रधान चौमासी मुलायम सिंह तिन्दोरी ने बताया कि जाल मल्ला – चामुण्डा देवी – चौमासी पैदल मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। कटहल गदेरे पर बना पुल टूटने से ग्रामीणों की आवाजाही ठप हो गई है। उन्होंने बताया कि गांव में भूधंसाव होने से नन्दन की गौशाला पूर्णतया क्षतिग्रस्त हो गयी है। रणजीत सिंह, नन्दन सिंह राय सिंह, अमर सिंह की मकानों व रवींद्र सिंह की गौशाला खतरे की जद में आ गये हैं। तथा चौमासी गांव व निवतर के निचले हिस्से में भूधंसाव होने से 70 परिवारों को खतरा बना हुआ है। बताया कि भूधंसाव के कारण कई पेयजल योजनाएं, कृषि भूमि व फसलों को भारी नुकसान हुआ है। जाल मल्ला – चौमासी मोटर मार्ग पर पुस्ता टूटने से ग्रामीणों को रोजमर्रा की सामाग्री पीठ में ढोने पड़ रही है।जाल तल्ला निवासी प्रदीप राणा ने बताया कि गांव के निचले हिस्से में निरन्तर भूधंसाव होने से गांव के 70 परिवारों को खतरा बना हुआ है। क्षेत्र पंचायत सदस्य बलवीर रावत ने बताया कि क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश से चिलौण्ड गांव में भी भारी नुकसान हुआ है।जाल तल्ला – चिलौण्ड पैदल मार्ग जगह – जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। चौमासी – चिलौण्ड पेयजल योजना के क्षतिग्रस्त होने से गांव के 45 परिवारों में पेयजल संकट बना हुआ है। चौमासी – चिलौण्ड गाँवों के मध्य काली गंगा पर बने पुल के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को कईं किमी दूरी तय करने के बाद दूसरे गांव से सम्पर्क करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि चिलौण्ड गाँव के कईं स्थानों पर भूधंसाव होने से काश्तकारों की कई हेक्टेयर कृषि भूमि व फसलों को भारी नुकसान हुआ है। जिला पंचायत सदस्य कालीमठ विनोद राणा, क्षेत्र पंचायत सदस्य सोमेश्वरी भटट् ने प्रभावित गाँवों का भ्रमण कर बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया तथा शासन – प्रशासन से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की।

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