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Uttarakhand

कोरोना तो दूर, उल्टी-दस्त से मर रहे पहाड़ों में लोग 

संतोष सिंह 
उत्तराखण्ड के राजनेता दूसरे राज्यों के महंगे अस्पतालों में इलाज करा लेते हैं, लेकिन आम लोग आज भी मामूली बीमारियों से कालकवलित हो रहे हैं। चमोली जिले के जोशीमठ प्रखण्ड के अंतर्गत गाँव किमाणा में इन दिनों उल्टी-दस्त का प्रकोपहोने से आम लोग परेशान हैं। हर रोज लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं, लेकिन उन्हें इलाज नहीं मिल पा रहा है। इलाज के अभाव में गांव की एक 11 वर्षीय बच्ची की मौत हो चुकी है| मृतक बच्ची के पिता ने गाँव में सरकार द्वारा तैनात किये गए स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा समय पर डॉक्टर चैक कर लेते तो बच्ची बच सकती थी| दो गाँव में हेल्थ सेंटर होने के बाद भी गांव में डॉक्टर की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को अपनी जान गंवा कर भुगतना पड़ रहा है।
सड़क मार्ग से 12 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पार कर पहुँचा जाता है किमाणा गाँव। बिना सड़क के डंडी-कंडी पर झूल रही है गाँव के मातृ शक्ति की जिंदगी। अमूमन सीमांत क्षेत्र के दूरस्थ गाँवों के यही हालात हैं। भगवान भरोसे है यहाँ की सड़क,महिला स्वास्थ्य, शिक्षा। मृतक बच्ची का नाम सिमरन उम्र 11 साल मां सुनीता देवी पिता विनोद सिंह कुंवर बताया जा रहा है। वहीं बच्चे की माँ की भी तबीयत बिगड़ने से उसे डंडी-कंडी के सहारे पथरीले रास्तों से होकर 12 किलोमीटर पैदल चलकर मोटर रोड़ तक पहुंचाया गया। जहा घंटों इंतजार करने पर भी 108 एंबुलेंस सेवा समय पर नहीं पहुँची। बाद में महिला को CHC जोशीमठ लाया गया है। वहीं इस संबंध में सीएमओ चमोली जीएस राणा ने बताया कि  सूचना मिलते ही आज सुबह चिकित्सकों की एक टीम किमाणा गांव भेजी गई है। वहीं सुनीता देवी को जोशीमठ से जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में उपचार के लिए लाया गया है।

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