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उत्तराखण्ड में घर-घर को रोशन करने का प्रधानमंत्री का सपना विद्युत विभाग की दादागिरी के आगे दमतोड़ रहा है। हालात यह है कि एक गरीब के घर से विभाग के कर्मचारी बिजली का केबल निकालकर ले गए। जब उनसे इसका कारण पूछा जाता है तो वे 20 से 25 हजार रुपए की मांग करते हैं। ऐसे में मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘हर घर को बिजली’ कैसे साकार हो रही है, यह सहज समझा जा सकता है। पीड़ित ने इसकी शिकायत विद्युत विभाग के उच्चाधिकारी से की, लेकिन एक माह बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर पीड़ित कुंदन सिंह ने अब इसकी शिकायत उपजिलाधिकारी चमोली से की है।

प्रदेश की त्रिवेंद्र रावत सरकार में जनता का विकास किस तरह हो रहा है, इसका उदाहरण सीमांत चमोली जिले में दिखाई दे रहा है। जहां एक बुजुर्ग अपने विद्युत कनेक्शन होने के बाद भी सताया जाता है। विभाग के लाइन मैन द्वारा बिना कारण ही गरीब कुंदन सिंह के घर से 50 से 60 मीटर के लगभग केबल निकालकर ले जाया जाता है। कनेक्शन लगाने के लिए 20 से 25 हजार रुपए कमीशन की मांग की जाती है। इसकी लिखित शिकायत उच्चाधिकारियों से करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती है। अब इसे विद्युत विभाग की दादागिरी न कहें तो और क्या कहें। साफ है कि विभाग ने ग्रामीण स्तर पर जिन लाइन मैनों को रखा गया है, उन्हें लूट की खुली छूट दी गई है।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वादा किया था कि वे 2019 तक पूरे देश के प्रत्येक घर में बिजली का कनेक्शन देंगे। साथ ही इस पर सरकार द्वारा काम भी किया गया। लेकिन प्रदेश की त्रिवेंद्र रावत सरकार में नौकरशाही किस तरह हावी है, इसका एक जीता जागता उदाहरण सीमांत चमोली जिले में देखने को मिल रहा है।

दरअसल, कुंदन सिंह छिनका निवासी के दो घर हैं, जिनमें विद्युत आपूर्ति एक ही मीटर से 4-5 सालों से होती आ रही है। विद्युत का भुगतान कुंदन सिंह द्वारा बराबर किया जा रहा है। विद्युत विभाग द्वारा कभी भी उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया कि दो घरों के लिए अलग-अलग मीटर की जरूरत है। लेकिन पिछले महीने 10 जून को बिजली विभाग के दो कर्मचारी अचानक से घर में आकर दोनों घरों की लाइन जोड़ने वाले लगभग 50 मीटर केबल को निकाल कर ले गए और 20-25 हजार रुपए की मांग की गई। कुंदन सिंह द्वारा दूसरे दिन 11 जून को विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को इसकी लिखित शिकायत की गई। एक महीना बीत जाने के बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बुजुर्ग कुंदन सिंह का परिवार एक माह से अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। इससे नौनिहालों की पढ़ाई भी बाधित हुई है। विद्युत विभाग द्वारा कोई कार्रवाई न होने पर कुंदन सिंह व उनकी बेटी चम्पा देवी ने 15 जुलाई को उपजिलाधिकारी चमोली बुशरा अंसारी से जांच कर कार्रवाई की मांग की।

‘दि संडे पोस्ट’ द्वारा इस मामले में अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग से जानकारी ली गई तो उन्होंने मामले में जेई को निर्देशित करने की बात की है, जबकि जेई एवं एसडीओ द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। बुजुर्ग कुंदन सिंह ने अपनी बेटी के नाम नया विद्युत कनेक्शन के लिए लाइनमैन को दो माह पूर्व 1500 रुपया की राशि नकद दिया गया है। बताया जाता है कि विद्युत विभाग का लाइन मैन उसे भी डकार गया। नए कनेक्शन के लिए अभी तक कोई आवेदन नहीं किया गया है। ऐसे में इसे विद्युत विभाग की दादागिरी न कहें तो फिर क्या कहें।

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