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Uttarakhand

एक नाबालिग पीड़िता का कबूलनामा

हरिद्वार। एक नाबालिग के यौन उत्पीड़न के आरोपी बताये जा रहे दरोगा के खिलाफ अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। तत्कालीन पुलिस कप्तान कृष्ण कुमार वीके ने आरोपी दरोगा की दरिदंगी की सच्चाई जानने के बावजूद दरोगा को बचाते वर्तमान पुलिस कप्तान भी कार्यवाही करने से असमर्थ जता रहे हैं। दरोगा के खिलाफ जांच जारी रहते उसको रुड़की कोतवाली में ही बनाये रखना पुलिस कार्यवाही पर सवालिया निशान लग रहा है। आरोपी दरोगा कुलदीप कांडपाल और उसकी पत्नी प्रेमा कांडपाल के रुड़की में ही रहते जांच के निर्णय पर सवाल उठाये जा रहे हैं।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित बालिका के ऊपर दबाव बनाने के लिए पुलिस की एक टीम विभिन्न तरह से बालिका तथा उसके परिजनों से सम्पर्क स्थापित कर मामले को रफा-दफा कराने में लगी है। बताया जा रहा है कि कुछ पुलिस कर्मियों ने दरोगा कुलदीप कांडपाल के पक्ष में लामबंदी करते हुए पीड़िता और उसके परिजनों से कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराये है। दरोगा के यौन शौषण का शिकार बनी 14 वर्षीय पीड़िता के पक्ष में प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस सहित हरिद्वार में महिला उत्थान के नाम पर कार्यरत दर्जनों गैर सरकारी संगठनों की चुप्पी भी बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।
इस सबके बीच ‘दि संडे पोस्ट’ के पीड़ित बालिका की आपबीती कोएक विडियों रिकाडिंग के कुछ अंश मिले। जो पीड़ित बालिका के साथ किए गए यौन शोषण और दरोगा की पत्नी महिला दरोगा प्रेमा कांडपाल द्वारा पीड़िता के साथ की गई मारपीट की हकीकत बयान करने के लिए काफी है।
पीड़िता कहती है, जब वो मैडम (प्रेमा) मेरे पास आई तो उन्होंने फोटो (दरोगा के) दिखाये। मैंने कहा मैडम जब ये सर मेरे पास आते थे तो मैं इनसे पूछती थी कि सर आपकी तो शादी हो रखी है। लगता है देख कर ऐसा। तो वे (दरोगा) कहते थे। पागल मेरी अभी शादी नहीं हुई है। शादी मेरी भी नहीं हुई है मैंने कहा हर बार आते हैं तो मैं यही पूछती हूं कि आपकी शादी पक्का हुई है। झूठ मत बोलना, नहीं हुई है। मैंने मैडम (प्रेमा) सामने भी कहा मैडम इनकी तो शादी हो रखी है। मुझे पता है, दिखने में लगता है। मैडम (प्रेमा) कही पागल इनकी तो घरवाली छोड़कर भाग गई है, अभी नहीं हुई है। मुझे पता हो गया था कि ये इनकी वाईफ है। क्योंकि जब वो मुझे फोटो दिखा रही थी तो अपने साथ की फोटो हटा ली थी। अकेले की दिखा रही थी जूम करके। इनकी कोई बेटी भी है बच्चे भी है। इतना नहीं पता। मैेंने कहा, मैडम मैं इनके बारे में न बुरा सोचती हूं न अभी तक सोचा। इन्होंने ने भी मुझे किया माफ, मैंने भी इन्हें किया माफ। जो होना था हो गया लेकिन मैं इनकी जिंदगी खराब करना चाहती नहीं हूं। उन्होंने (प्रेमा ने) कहा था कि ये तो (कुलदीप) बहुत गंदे इंसान है। ऐसे तो होते ही है इंसान। फिर उन्होंने मुझे (प्रेमा ने) पीटा। अगले दिन बोल रही थी करंट वाली मशीन ले आओ। तब बतायेगी सच। मैंने कहा हर बार कहोगे सच है सच है फिर मैडम ने कहा और कोई भी पूछे तो यह बताना कि इसके बारे में नहीं किसी और के बारे में पूछ रही। बड़ी मैडम अगर पूछे तो बता देना मैंने कुछ भी कहा नहीं है। उसने कहा कि अगर कोई भी इंसान पूछे, कोई भी अगर पुलिस वाला पूछे तो ये बताना कि मैंने कुछ बताया ही नहीं है मैडम (प्रेमा) कह रही थी कि अगर बडी मैडम भी पूछे तो ये मत बताना कि मैंने तुझसे ये सवाल पूछा। मैंने कहा ठीक है। उन्होंने कहा था कोई भी पूछे तो बताना नहीं। अगर मैं किसी के सामने तुझे मारू भी, मैं दूर से उसे खड़ा करके दिखा दूं तो तू उसको पक्का पहचान लेगी। मैंने कहा हा मैं उसे पहचान लूंगी। ठीक है मैं दिखाऊगी चुपके से किसी दिन। फिर अगले ही 5 दिन आ कर मुझे बजाना शुरू कर दिया। अगले दिन बहुत सारी इतनी गंदी-गंदी गाली दी जो जिंदगी में मैंने सुनी भी नहीं। लोगों के सामने कह रही तुझे मेरा ही पति मिला फंसाने को। भी पूछे तो मत बताना, बोलना झूठ है। बहुत गाली दी बहुत लात खाई मैंने, मैंने बहुत बर्दास्त किया। मैडम ने कसम खिलवाई। जब बड़ी मैडम बैठी थी, उधर मुझे घूर-घूर के देख रही थी वो आंख निकाल रही थी कि बताना नहीं। जब बड़ी मैडम ने कहा कि नारी निकेतन भेज देगी, मैं सच बोल रही हूं मैडम मुझे घर जाना है। तीन बार आया मेरे पास (कुलदीप दरोगा) पक्का याद है तीन बार आया और वो ही यूज करते थे वो होटल वाला उन्हें खुदे देता था। किसी टेम दो – ढ़ाई के करीब, साढ़े बारह के करीब जब भी वो छुट्टी मार के उन्होंने (दरोगा ने) बोला कोई दिक्कत नहीं तुम मेरे से बोल देना अगर तुझे कमरा चाहिए। मैं तुझे कमरा दिलवा दूंगा। मैंने कहा नहीं सर रहने दो। मेरे पास है।
दरोगा कुलदीप कांडपाल की दरिदंगी का शिकार बनी 14 वर्षीय बालिका से दरोगा की करतूत छिपाने के लिए उसकी पत्नी दरोगा प्रेमा कांडपाल ने कानून की सभी हदे पार करते हुए बालिका को इस कदर पीटा कि वो उसके पति का नाम किसी के सामने न बाताये। यह तक कहा कि अगर मैं तुझे सबके सामने भी मांरू पीटू तो भी तुझे कुलदीप का नाम नहीं लेना है। दरोगा की दरिदंगी का शिकार बनी 14 वर्षीय बालिका ने वीडियो में बताया कि जब पुलिस कप्तान कृष्ण कुमार वीके ने उससे दरोगा कुलदीप के शारीरिक निशान संबंधी जानकारी चाहिए तो उसने बताया था कि उनके (कुलदीप के) दाहीने कंधे पर है बडा सा निशान पहले हरा सा है फिर अंदर रेड में है।
दरोगा की दरिदंगी का शिकार बनी पीड़िता के अनुसार जब तत्कालीन पुलिस कप्तान कृष्ण कुमार वीके बालिका से घटनाक्रम की जानकारी ले रहे थे तो वहां मौजूद एक पुलिस अधीकारी (संभवतः सीओ रुड़की चंदन सिंह बिष्ट) जो कान में बाली पहने हुए था तथा चंदन का तिलक भी लगा रखा था उसने भी कहा कि किसी को फंसा कर क्या मिलेगा। मैंने कहा किसी को फंसा कर कुछ मिलेगा नहीं दिल में जो सच्चाई है बोल देनी चाहिए। कभी छुपानी नहीं चाहिए। मैंने जो सच्चाई थी मैंने बोल दी। बालिका के अनुसार मैडम दरोगा (प्रेमा) मुझे बहुत धमकी दे रही थी कि तुने ये बात किसी को बता दी तो तुझे गोली मार दूंगी। पीडित बालिका के अनुसार जब बड़े साहब (कप्तान साहब) मुझसे कह रहे थे कि नाम मत लेना। मैंने कहा, मुझे नाम तो पता नहीं है अभी भी मुझे उनका (दरोगा कुलदीप) का नाम पता नहीं है। तब सर ने कहा था कि इशारा कर देना मैंने कहा सर यही है मुझे अभी तक नाम नहीं पता है। हुलिया पता है। उस दौरान भी मैडम (प्रेमा दरोगा) ने कहा था कि किसी को बता भी दिया तो गोली मार दंूगी।

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