[gtranslate]
Uttarakhand

गंगोत्री से चुनाव लड़ सकते हैं सीएम तीरथ

उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को 9 सितंबर तक विधानसभा की सदस्यता लेनी जरूरी है, क्योंकि इस दिन उनकी मुख्यमंत्री बनने की 6 महीने की अवधि पूरी हो रही है। 6 महीने की अवधि के अंदर किसी भी सीएम को विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य होना अनिवार्य है। ऐसे में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के सामने उत्तराखण्ड में विधानसभा चुनाव लड़ने के कई विकल्प सामने आ रहे हैं। फिलहाल उनके सामने 6 विधानसभा चुनाव के विकल्प हैं। कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत सहित 5 विधायकों ने अपनी- अपनी विधानसभाओं से सीट खाली करके मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को चुनाव लड़ने का आमंत्रण भेजा है। हालांकि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के बारे में कहा जा रहा है कि वह उत्तरकाशी की गंगोत्री विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। इसके संकेत प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक भी दे चुके हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि उत्तरकाशी की खाली पड़ी विधानसभा सीट गंगोत्री से मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को चुनाव लड़ाया जा सकता है। इससे पहले सल्ट से भी मुख्यमंत्री के चुनाव लड़ने की चर्चाएं थी। लेकिन वहां से दिवंगत विधायक सुरेद्र सिंह जीना के भाई महेश जीना को पार्टी ने चुनाव लड़ाया। चर्चा है कि कुछ ऐसी ही स्थिति गंगोत्री विधानसभा सीट पर भी फिलहाल बनी हुई है।

जिस तरह पूर्व में पिथौरागढ़ विधानसभा सीट प्रकाश पंत के स्वर्गवासी होने पर खाली हुई तो उनकी सीट पर पत्नी चंद्रा पंत को चुनाव लड़ा गया। इसी तरह कहा जा रहा है कि गंगोत्री विधानसभा से भी दिवंगत विधायक गोपाल रावत की पत्नी शांति रावत को चुनाव लड़ाया जा सकता है। गोपाल रावत की पत्नी शांति रावत 2019 में अध्यापक से रिटायर्ड हो चुकी है। इसके अलावा गोपाल सिंह रावत का पुत्र अभी छोटा है। उसकी उम्र अभी चुनाव लड़ने लायक नहीं है। सूत्रों की मानें तो पिछले 3 दिनों से मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं जिसमें वह केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करेंगे। वहां वह प्रदेश के वर्तमान हालातों के साथ ही वह अपने चुनाव लड़ने की बात भी करेंगे।

जिसमें संभवतः उन्हें गंगोत्री विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की के लिए हरी झंडी मिल सकती है। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत भी इसके लिए तैयार है। पिछले महीने मुख्यमंत्री जब उत्तरकाशी के दौरे पर गए थे तो वहां भाजपा के कार्यकर्ताओं ने उनसे गंगोत्री विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ने की अपील की थी। हालांकि तब मुख्यमंत्री ने कुछ नहीं कहा था। लेकिन फिलहाल जिस तरह से कयासबाजियों का दौर शुरू है उससे लग रहा है कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत गंगोत्री से चुनाव लड़ सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार पिछले दिनों भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष अपने उत्तराखण्ड दौरे पर पार्टी नेताओं के साथ सीएम के चुनावी सीट को लेकर सलाह-मशविरा कर चुके हैं। उत्तरकाशी की मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्य भी जिला निर्वाचन अधिकारी को चुनाव कराने के संकेत दे चुकी है। दूसरी तरफ गंगोत्री  सीट पर कांग्रेस से विजयपाल सजवाण सशक्त दावेदार हैं। वे इस सीट से पहले विधायक रह भी चुके हैं। बताया जा रहा है कि सजवाण पहले ही साफ कह चुके हैं कि यदि गंगोत्री से मुख्यमंत्री चुनाव लड़ते हैं तो वे पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरेंगे। इसी के साथ ही इस विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी भी अपने प्रत्याशी को चुनाव लड़ा सकती है। पिछले साल ही आम आदमी पार्टी ने उत्तराखण्ड के 2022 के विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी से सभी 70 विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारने की घोषणा की थी।

 

 

रणजीत का पासा कहीं माहरा के लिए गुगली न बन जाए

You may also like

MERA DDDD DDD DD