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Uttarakhand

फर्जी ट्रेवल एजेंसियों का काला कारोबार

धर्मनगरी हरिद्वार में कुकुरमुत्तों की तरह उग आई अवैध ट्रेवल एजेंसियां तीर्थ यात्रियों से लूट-खसोट करने के साथ ही सरकार को भी करोड़ों के राजस्व का चूना लगा रही हैं। आम लोगों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि परिवहन, पर्यटन एवं पुलिस के अधिकारियों और सफेदपोश नेताओं का संरक्षण प्राप्त होने के कारण इन अवैध एजेंसियों का काला कारोबार दिन-प्रतिदिन फलता-फूलता जा रहा है। करोड़ों रुपए के इस अवैध करोबार में दूसरे राज्यों के सरगना भी शामिल हैं। धंधे में वर्चस्व जी जंग धर्म नगरी को रक्त रंजित भी कर चुकी है।

 

यात्रा सीजन के दौरान हरिद्वार की गली-गली में अवैध ट्रेवलिंग एजेंसियों के बोर्ड लग जाते हैं। इन एजेंसियों के गुर्गे शहर भर में यात्रियों को फंसाने में जुट जाते हैं। भोले-भाले यात्रियों को सरकारी परिवहन सेवा की बसें उपलब्ध न होने की बात कह अपने जाल में फंसाकर मनमाने ढंग से किराया वसूल किया जाता है। ट्रेवल एजेंसियां बड़े पैमाने पर अवैध रूप से संचालित होने वाली प्राइवेट पार्किंग में अपने बोर्ड टांग कर यात्रियों को गुमराह करती हैं। ऐसे अवैध बस अड्डे बना देती हैं जहां से राजस्थान एवं दिल्ली के लिए बसों का संचालन होता है। ट्रेवल एजेंसियों द्वारा सरकारी परिवहन सेवा की तर्ज पर चलाए जा रहे चोर बस अड्डों से होने वाली करोड़ों की कमाई अब वर्चस्व की खूनी जंग का भी कारण बन रही है। इस काले कारोबार पर अपना दबदबा बनाए रखने के चक्कर में धर्मनगरी की धरती रक्त रंजित हो चुकी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात माफिया सरगना सुशील मूंछ, संजीव महेश्वरी उर्फ जीवा और सुनील राठी का पूरा गैंग इस धंधे पर अपना वर्चस्व बरकरार रखने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए रखते हैं। जिसमें सुशील मूंछ के खासम खास माने जाने वाले ट्रेवल व्यवसायी हरवीर की हत्या हो चुकी है। इसी तरह बसपा के टिकट पर हरिद्वार विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके ट्रेवल व्यवसायी मुरारी शर्मा पर भी जानलेवा हमला हो चुका है। अवैध ट्रेवल करोबार में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात माफिया सरगना के दखल पर अंकुश लगाने को लेकर भले ही पुलिस समय-समय पर बड़े-बड़े दावे करती रही है, लेकिन असलियत यह है कि पुलिस अपना दायित्व नहीं निभा पाई। पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार जब हरिद्वार में एसएसपी के पद पर तैनात थे तब उन्होंने अवश्य हरिद्वार में अवैध रूप से संचालित होने वाले बस अड्डों और वाहनों पर रोक लगाने का प्रयास किया। लेकिन अशोक कुमार के हरिद्वार से हटते ही ट्रेवल माफिया फिर सक्रिय हो गया। उसकी सक्रियता आज तक बदस्तूर जारी है।

 

सूत्रों के मुताबिक अवैध ट्रेवल व्यवसाय से जुड़े लोगों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात माफिया सरगना के साथ-साथ हरिद्वार के कुछ सफेदपोश नेताओं का भी संरक्षण है। स्थानीय स्तर पर पंजीकøत ट्रेवल एजेंसियों के व्यवसायी दबी जुबान में यही चाहते हैं कि धड़ल्ले से चल रहे अवैध ट्रेवल कारोबार पर अंकुश लगे। सूत्रों के अनुसार अवैध ट्रेवल्स एजेंसी के कारोबार से जुड़े व्यवसायियों द्वारा हरिद्वार कोतवाली पुलिस को मोटी रकम पहुंचाई जाती है। यही कारण है कि इस काले कारोबार की पूरी जानकारी होने के बावजूद स्थानीय पुलिस और हरिद्वार का परिवहन विभाग कार्रवाई के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है। पूर्व में हरिद्वार एसओजी में तैनात रहे एक दरोगा जो वर्तमान में उत्तराखण्ड एसटीएफ में तैनात बताया जाता है, का भी ट्रेवल्स के इस कारोबार में सीधा दखल है। जब ट्रेवल व्यवसायी हरवीर चौधरी की हत्या हुई थी तो उस समय यह दरोगा हरिद्वार एसओजी में तैनात था। चौधरी हरवीर को इसका पूरा संरक्षण बताया जाता था। बहरहाल जिस प्रकार धर्म नगरी में ट्रेवल्स व्यवसाय के अवैध कारोबार से करोड़ों के वारे-न्यारे किए जा रहे हैं तथा भोले-भाले तीर्थयात्रियों को किराए के नाम पर लूटा जा रहा है वह देवभूमि उत्तराखण्ड के नाम के अनुरूप नहीं है।

अवैध ट्रेवलिंग व्यवसाय संबंधी एक गुप्त सूचना पर हरिद्वार के जिलाधिकारी दीपक रावत ने पिछले सप्ताह छापेमारी की तो ट्रेवल व्यवसाय के इस काले कारोबार की असलियत सामने आते देर नहीं लगी। अपनी चाक-चौबंद कार्यशैली को लेकर चर्चित हरिद्वार के जिलाधिकारी दीपक रावत ने चार धाम यात्रा के दृष्टिगत ट्रेवल एजेंसी द्वारा किराए के नाम पर वसूली जा रही मोटी रकम के संबंध में गोपनीय सूचना मिलने पर छापा मारा। असलियत जानकर डीएम भी चकित रह गए। हरिद्वार में किराए के नाम पर यात्रियों से चल रही लूटखसोट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हरिद्वार से ऋषिकेश तक का बस किराया 39 रुपए है, परंतु प्राइवेट ट्रेवल एजेंसी द्वारा यही किराया डेढ़ सौ से 300 रुपए तक वसूला जा रहा था। इस संबंध में जिलाधिकारी दीपक रावत के सामने खुलासा होने पर जिलाधिकारी ने बस को सीज किये जाने और आरोपी ट्रेवल एजेंसियों के मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाने के आदेश जारी किए। जिलाधिकारी ने जिस बस को मौके से पकड़ा तो वह बस हरिद्वार के मशहूर कोणार्क टूर एंड ट्रेवल एजेंसी की निकली। साथ ही मौके पर मिले कर्मचारी ने अपना नाम नीरज मिनोचा बताते हुए खुलासा किया कि वह कोणार्क ट्रेवल्स का कर्मचारी है। यही नहीं पकड़ी गई बस शिव शक्ति ट्रेवल्स हिमालय डिपो वाली गली द्वारा बुक की गई थी। जिलाधिकारी को मौके पर मिले युवक द्वारा बताया गया कि बस का मालिक अजय चौधरी है जब जिलाधिकारी ने मौके से ही अजय चौधरी से संपर्क साधा तो पता चला उक्त बस को रिक्की सेन कनखल निवासी ने 4500 रुपए में बुक किया था। सीजन शुरू होते ही तीर्थ यात्रियों से लूट-खसोट का यह हाल तब है जब प्रदेश सरकार की ओर से यात्रा सीजन से पूर्व ही दिशा-निर्देश जारी करते हुए दावा किया गया था कि प्राइवेट वाहनों से यात्रियों को ढोने पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी तथा यात्रियों के साथ लूटखसोट नहीं होने दी जाएगी। लेकिन जिस प्रकार जिलाधिकारी दीपक रावत के औचक निरीक्षण में यात्रियों से लूट का खुलासा हुआ, उससे संभागीय परिवहन विभाग की भी पोल खुल गई है। विभागीय अधिकारी प्रदेश सरकार के सुर में सुर मिलाते हुए यात्रा शुरू होने से पूर्व तक लंबे चौड़े दावे करते रहे कि यात्रियों के साथ लूट नहीं होने दी जाएगी और राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले वाहन मालिकों पर शिकंजा कसा जाएगा। लेकिन अब यह बात साफ हो गई है कि विभाग के अधिकारी यात्रा पर जाने वाले वाहनों व अन्य वाहनों को लेकर जांच के संबंध में गंभीर नहीं हैं। संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत और पुलिस के संरक्षण में चल रहे इस अवैध कारोबार से सीधे-साधे तीर्थयात्री लूट का शिकार बन रहे हैं।

बताया जाता है कि अवैध ट्रेवल्स व्यवसायियों द्वारा एक कॉकस तैयार किया गया है। इसमें शामिल लोग यात्रियों को वाहनों की कमी बताकर महंगा किराया देने के लिए विवश करते हैं। लेकिन इन पर सरकारी अधिकारियों की दरियादिली का आलम यह है कि जिलाधिकारी के निर्देश पर संभागीय परिवहन अधिकारी द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में भी बड़ा खेल हुआ है। कोणार्क टूर एंड ट्रेवल्स के मालिकों को छोड़कर ड्राइवर नीरज मिनोचा सहित सवारियां बुक कराने वाले शिव शक्ति ट्रेवल के प्रतिनिधि मंगलगिरी और रिक्की सेन के विरुद्ध यात्रियों से धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। हरिद्वार की शिव मूर्ति गली, गड्ढा पार्किंग, पंतदीप पार्किंग, चंडीघाट पार्किंग, बिल्केश्वर कॉलोनी, माया देवी पार्किंग ऐसे स्थान हैं जहां खुलेआम प्राइवेट पार्किंग के नाम पर चोर बस अड्डे संचालित किए जा रहे हैं। इस पूरे खेल में ट्रेवल व्यवसायियों के साथ साथ दलाल भी सक्रिय रहते हैं। ये दलाल भोले-भाले तीर्थयात्रियों को सड़क से ही चोर बस अड्डे के अंदर ले जाते हैं और फिर वाहन कम होने का भय दिखाकर किराए के नाम पर मोटी वसूली की जाती है। इस काले कारोबार में पुलिस की मिलीभगत होने का सीधा उदाहरण यह है कि हरिद्वार में पड़ने वाले बड़े स्नान पर्व पर जीरो जोन घोषित होने के दौरान भी चोर बस अड्डे से संचालित ट्रेवल्स माफिया की बसें जीरो जोन में भी धड़ल्ले से पहुंचती हैं। कुकुरमुत्तों की तरह उग रहे अवैध ट्रेवल व्यवसाय से जुड़े लोग इस कदर बेखौफ होकर यात्रियों को लूटने में लगे हैं कि हरिद्वार टूर एंड ट्रैवल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष उमेश पालीवाल के परिवार को भी नहीं बख्शा। प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रवण नाथ नगर हरिद्वार निवासी उमेश पालीवाल टूर एंड ट्रेवल्स एसोसिएशन हरिद्वार के अध्यक्ष हैं। उनकी बहन अमृतसर पंजाब से अपने परिवार के साथ धर्मनगरी आई थी। उनके परिवार ने ऋषिकेश राफ्टिंग के लिए टेम्पो ट्रेवलर किराए पर लिया जिसके लिए बाकायदा 5000 रुपए की रकम भी अदा कर दी गई। बावजूद इसके रास्ते में टेंपो ट्रेवलर के चालक ने अभद्रता दिखाते हुए परिवार को नीचे उतार दिया। साथ ही वापस हरिद्वार ले जाने से इंकार कर दिया। जैसे-तैसे पालीवाल परिवार की बहन हरिद्वार पहुंची और पूरा घटनाक्रम पुलिस को बताया। इसके बाद टेंपो ट्रेवलर के चालक-मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। धर्म नगरी में चल रहे अवैध चोर बस अड्डों तथा फर्जी ट्रेवल एजेंसियों के विरुद्ध जब तक बड़ा अभियान शुरू नहीं किया जाता तब तक यात्रियों से चल रही लूट-खसोट का सिलसिला रुकने वाला नहीं है।

बात अपनी-अपनी

ट्रेवल्स एजेंसी पंजीकøत किए जाने का कार्य पर्यटन विभाग का है। जहां तक चोर बस अड्डे संचालित होने का सवाल है तो ऐसे प्रकरण सामने आने पर कोई रियायत न करते हुए कार्यवाही की जाती है।
सुरेंद्र कुमार, एआरटीओ प्रवर्तन हरिद्वार

हमें शिकायत मिली है कि हरिद्वार में कुछ चाय-पान खोखों से अवैध रूप से ट्रेवल्स एजेंसियां संचालित हो रही है। इनको चिÐत किया जा रहा है। कई जगह मौके पर मिले हैं जिनको नोटिस जारी किए हैं। आगे कोई भी शिकायत मिली तो कार्रवाई की जाएगी और अवैध ट्रेवल्स एजेंसियों को चिÐत करने का कार्य किया जा रहा है। कार्रवाई होने से यह फायदा मिला है कि काफी लोग रजिस्ट्रेशन के लिए ऑन लाइन आवेदन कर रहे हैं। औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने पर रजिस्ट्रेशन कर दिया जाएगा। अभी तक 177 ट्रेवल्स एजेंसी रजिस्टर्ड हैं।
सीमा नौटियाल, जिला पर्यटन अधिकारी हरिद्वार

हमारे प्रशासन की गलती है कि जांच ही नहीं करते। हमारे पर्यटन अधिकारी किस लिए बैठे हैं। यहां पर कोई कार्रवाई नहीं होती। देश के अलग-अलग जगहों से यात्री आते हैं जिनको लूटा जाता है। कमर्शियल रेट लेकर प्राइवेट वाहन में सवारी ले जाए जाते हैं। बाहरी वाहन हरियाणा, पंजाब, राजस्थान आदि से काफी गाडियां फर्जी तरीके से संचालित होती है। जिन पर रोक लगनी जरूरी है।
मनोज भारद्वाज, उपाध्यक्ष टाटा सूमो यूनियन चालक व मालिक वेलफेयर एसोशिएशन हरिद्वार

खड़खड़ी भीमगोड़ा, हरिपुर, सप्त ऋषि आदि जगहों पर पान के खोखे, चाय आदि की दुकानों से धड़ल्ले से ट्रेवल्स एजेंसियों का अवैध कारोबार जारी है। चार धाम की जो जानकारी हम लोगों को है, वह हरियाणा-पंजाब आदि बाहरी क्षेत्रों से फर्जी ट्रेवल कंपनी वालों को नहीं है जिससे यात्रियों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया जाता है। प्रशासन की गलत रणनीति के कारण कुछ रोड बंद कर दिए जाते हैं जिससे हमें काफी नुकसान उठाना पड़ता है।
ड्राइवर अशरफ, टाटा सूमो यूनियन चालक

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